ब्रिटेन विदेशी अपराधियों को तुरंत डिपोर्ट करेगा:फैसले के खिलाफ अपील का वक्त नहीं मिलेगा

Updated on 13-08-2025 02:31 PM

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने विदेशी अपराधियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। स्टार्मर ने ‘पहले डिपोर्ट, फिर अपील’ नीति का ऐलान किया है।

इसका मतलब यह है कि अब ब्रिटेन में अपराध करने पर प्रवासियों को तुरंत उनके देश वापस भेज दिया जाएगा। पहले इसके लिए अपील करने का वक्त मिलता था अब ऐसा नहीं होगा।

अब वे अपने देश वापस जाने के बाद ही अपील कर सकेंगे। अब नई सूची में भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल किए गए हैं, लेकिन पाकिस्तान को बाहर रखा गया है। जबकि कुछ माह पहले कुख्यात ग्रूमिंग गैंग मामले में पाक नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

गृह मंत्री यवेट कूपर का कहना है कि हम अपने कानूनों का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। अपराधी महीनों-बरसों अपील के नाम पर यहां नहीं रह सकते।

लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

प​हले डिपोर्ट फिर अपील नीति के तहत आने वाले देशों में पहले नाइजीरिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, अल्बानिया, बेलीज, मॉरीशस, तंजानिया व कोसोवो थे।

अब नई सूची में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, कनाडा, बुल्गारिया जैसे अहम देश भी हैं। इसके अलावा गुयाना, केन्या, लातविया को भी शामिल किया गया है।

ब्रिटेन की जेलें इस समय 100% क्षमता पर चल रही हैं। यहां की जेलों में इस समय 10772 विदेशी कैदी हैं। इनमें 320 भारतीय शामिल हैं, जो तीसरे नंबर पर आते हैं। पाकिस्तानियों की संख्या भी 317 है।

यहां की जेलों में एक कैदी पर सालाना 50 लाख रु. का खर्च आता है, जो टैक्सपेयर्स की जेब पर सीधा बोझ है। सरकार का मानना है कि पहले डिपोर्ट, फिर अपील नीति से जेलों में तुरंत जगह खाली होगी और खर्च घटेगा।

विपक्ष का आरोप- स्टार्मर ने राजनीतिक दबाव से पाक को बाहर रखा

विपक्ष का आरोप है कि पाक को लिस्ट से बाहर रखकर सरकार ने राजनीतिक दबाव में झुकने का काम किया है।

विपक्षी पार्टी कंजरवेटिव के नेता क्रिस फिल्प ने इस फैसले को सरकार का ‘यू-टर्न’ बताया है। उन्होंने कहा कि स्टार्मर सरकार सभी विदेशी अपराधियों को डिपोर्ट करने की बजाय कुछ देशों के लोगों को बचा रही है।

सरकार का तर्क है कि लिस्ट में उन्हीं देशों को जोड़ा गया है, जिनके साथ कानूनी और प्रशासनिक डिपोर्टेशन समझौते मौजूद हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि 22 देशों की सूची में पाकिस्तान को बाहर रखकर ब्रिटेन ने वहां के साथ सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी सहयोग में ‘मोल’ बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। वहीं, भारत के मामले में वीसा उल्लंघन, धोखाधड़ी और आप्रवासन नियम तोड़ने के मामले बढ़ने के चले स्टार्मर सरकार ने सख्त नीति अपनाई है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.