काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अगर पाकिस्तान देश के अंदर हमले करता है, तो अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। सऊदी मीडिया आउटलेट अल-अरबिया इंग्लिश को दिए एक इंटरव्यू में तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान की सेना पाकिस्तान को करारा जवाब देगी।जबीहुल्लाह ने इस्लामाबाद के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के अंदर चरमपंथी हमलों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सक्रिय चरमपंथी गुटों को अफगान जमीन पर शरण दी जाती है। पाकिस्तानी सेना ने हाल के महीनों में कथित तौर पर इन गुटों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्तान के अंदर कई हवाई हमले किए हैं।तालिबान प्रवक्ता की पाकिस्तान को चेतावनी
अल-अरबिया से बातचीत में मुजाहिद ने कहा, "अगर पाकिस्तान अफगान जमीन की पवित्रता का उल्लंघन करने के लिए आर्टिकल 51 (आत्मरक्षा का अधिकार) का सहारा लेता है, तो अफगानिस्तान को अपने देश की रक्षा करने का अधिकार है और हम ऐसा करेंगे।" उन्होंने कहा कि अफगान संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन का करारा जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तानी सेना के आरोपों को किया खारिज
मुजाहिद ने ये बातें पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अल-अरबिया को पहले दिए एक इंटरव्यू के दौरान लगाए गए आरोपों के जवाब में कहीं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR के DG चौधरी ने कहा था कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल चरमपंथियों की भर्ती, ट्रेनिंग और हथियार देने के लिए किया जा रहा है, जो बाद में पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं।
पाकिस्तानी सेना अफगान तालिबान पर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को संरक्षण देने का आरोप लगाती है। तालिबान प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, काबुल का तालिबान प्रशासन टीटीपी को अफगान जमीन से काम करने की इजाजत नहीं देता है और न ही दूसरे देशों को निशाना बनाने वाले हथियारबंद गुटों का समर्थन करता है।
चरमपंथ पाकिस्तान की अंदरूनी समस्या
मुजाहिद ने पाकिस्तान के अंदर चरमपंथ को इस्लामाबाद की आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया और कहा कि इसके लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीटीपी और बलूचिस्तान में हिंसा तालिबान के काबुल की सत्ता में लौटने से पहले ही मौजूद है।इस दौरान तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की इच्छा जताई और खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग के लिए मजबूत तंत्र बनाने की अपील की। उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सऊदी अरब की मध्यस्थता का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब दोनों देशों का दोस्त है और उनके मतभेदों को सुलझाने में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।