सावधान धरती पर तेजी से गिर रहा ब्रिटेन का एयोलस सैटेलाइट, जानें किस जगह होगा क्रैश

Updated on 29-07-2023 02:19 PM
लंदन: पृथ्वी पर ब्रिटेन का एक सैटेलाइट क्रैश होने वाला है। यह सैटेलाइट पहले ही पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर चुका है। अगले कुछ घंटों में यह सैटेलाइट पृथ्वी पर गिरकर नष्ट हो जाएगा। इसका नाम एयोलस बताया जा रहा है, जिसे यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने पांच साल पहले लॉन्च किया था। इस सैटेलाइट को जानबूझकर पृथ्वी पर गिराया जा रहा है, जिसकी हर पल की निगरानी की जा रही है। संभावना है कि यह सैटेलाइट अटलांटिक महासागर में गिरकर नष्ट हो जाएगा। एओलस सैटेलाइट ने 2018 से यूरोप भर के मौसम केंद्रों को जरूरी डेटा प्रदान किया है। अब यह सैटेलाइट बेकार हो चुका है। ऐसे में अंतरिक्ष कचरे की जगह इसे धरती पर गिराकर नष्ट करने का फैसला किया गया।

पृथ्वी के वायुमंडल में किया प्रवेश

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष मलबा कार्यालय ने बताया कि एलोयस सैटेलाइट वायुमंडल में प्रवेश कर चुका है। एओलस को अपने मिशन के अंत में नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर गिरकर नष्ट करने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। लेकिन, जब अंतरिक्ष एजेंसी ने इसकी जांच की तो उसे सैटेलाइट में थोड़ा सा ईंधन बचा हुई मिला। वैज्ञानिकों ने इसी ईंधन का इस्तेमाल धरती की कक्षा में सैटेलाइट को फिर से प्रवेश कराने के लिए किया। इसके बाद बचा हुआ काम धरती के गुरुत्वाकर्षण ने कर दिया। हालांकि, इस बात का ध्यान रखा गया कि यह सैटेलाइट ऐसी जगह पर क्रैश हो, जहां कोई जनहानि न हो।


क्रैश से डेटा जुटा रही एजेंसी

सामान्य परिस्थितियों में एओलस उपग्रह का अधिकतर हिस्सा पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाएगा। बचा हुआ हिस्सा ही समुद्र में गिरेगा। इसे भविष्य के उपग्रहों के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए डेटा इकट्ठा करने और अभ्यास करने के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में अग्रणी देश और दूसरे संगठन भी इसका अनुसरण करेंगे। शुक्रवार शाम को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि जर्मनी में एयोलस मिशन कंट्रोल टीम एक हफ्ते के मुश्किल ऑपरेशन के बाद अब अपने अभियान का समापन कर रही है।

एओलस सैटेलाइट को जानें

एओलस अंतरिक्ष यान का निर्माण एयरबस डिफेंस एंड स्पेस ने हर्टफोर्डशायर के स्टीवनेज में किया था। इसका वजन लॉन्च के समय 1,360 किलोग्राम था। इसे अगस्त 2018 में लॉन्च किया गया था और यह अंतरिक्ष से पृथ्वी की पवन धाराओं की निगरानी करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बन गया था। यह सैटेलाइट हवाओं की जांच के लिए अपने साथ डॉपलर विंड लिडार नामक एक परिष्कृत लेजर उपकरण लेकर गया था। जिसने शोधकर्ताओं को मौसम के पूर्वानुमान और जलवायु मॉडल को बेहतर बनाने में मदद की थी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 September 2026
वॉशिंगटन: वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-चीन समिट ( Donald Trump Xi Jinping Summit ) के दौरान एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की जा रही…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र में बेहद दमदार भाषण दिया है। उन्होंने दुनिया के सबसे मंच पर वैश्विक ताकतों को आइना दिखाते हुए कहा 'हम उस…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अपने संबोधन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर तीखा हमला बोला है। नेतन्याहू ने ममदानी को न्यूयॉर्क…
 25 September 2026
रोम: इटली की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगा दी है। प्रधानमंत्री जॉर्जियो मेलोनी की कैबिनेट ने गुरुवार को इस मामले में आदेश पारित किया है।…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के बीच अहम मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों…
 25 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने यूएपीए (UAPA) कानून के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा है। करीब 9 साल…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को एक अहम यूरोपीय देश का साथ मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा…
 25 September 2026
संयुक्त राष्ट्र: ईरान के राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने परमाणु बम को नापाक बताते हुए उसको बनाने की किसी भी महत्‍वाकांक्षा को पूरी तरह से खारिज किया है। ईरानी राष्‍ट्रपति ने…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4…
Advt.