कारोबार का भरोसा मजबूत, लेकिन विदेश के हालात ने बढ़ा दी है चिंता

Updated on 07-10-2024 12:56 PM
नई दिल्ली: वैश्विक चुनौतियों के बीच कारोबार की बेहतर संभावना के बारे में भारतीय उद्योग जगत का हौसला और मजबूत हुआ है। मौजूदा वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में CII बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स के दो तिमाहियों के ऊंचे स्तर पर पहुंच जाने की जानकारी देते हुए कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज ने रविवार को कहा कि सरकारी नीतियों में निरंतरता बनी रहने से उद्योग जगत का उत्साह बढ़ा है। CII बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स FY2025 की दूसरी तिमाही में 68.2 पर पहुंच गया। पहली तिमाही में यह 67.3 पर था।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में यह 67.1 पर था। सितंबर में 200 से अधिक कंपनियों को शामिल करने वाले CII बिजनेस आउटलुक सर्वे के 128वें राउंड के नतीजों की जानकारी देते हुए CII ने कहा, ‘कारोबारी संभावनाओं में हो रहे सुधार के मुताबिक लगभग आधी कंपनियों ने दूसरी तिमाही में अपने यहां हायरिंग सिचुएशन सुधरने की उम्मीद जताई।’

3 बड़ी चुनौतियां


कंपनियों ने जियोपॉलिटिकल टेंशन, ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज में उछाल और विदेशी बाजारों में घटती डिमांड को कारोबार के लिए 3 सबसे बड़ी समस्याओं के रूप में गिनाया। CII ने कहा, ‘ग्रोथ को और दमदार बनाने में आगामी त्योहारी सीजन से मदद मिलेगी। लेकिन वैश्विक हालात अनिश्चित बने हुए हैं और बदलती आर्थिक स्थितियों पर सावधानी से नजर रखने की जरूरत है।’

45% को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद


46% कंपनियों ने सितंबर तिमाही में उनके यहां पूरी उत्पादन क्षमता का 75-100 प्रतिशत तक उपयोग होने की संभावना जताई थी, जो पिछली तिमाही से बेहतर है। 78% कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025 में इंफ्लेशन 5% से कम रहने की उम्मीद जताई। लगभग 34% कंपनियों ने कहा कि RBI मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक ब्याज दर घटाना शुरू कर देगा। 31% ने कहा कि रेट कट चौथी तिमाही में शुरू होगा। 50% से अधिक कंपनियों ने कहा कि उन्हें सेल्स और नए ऑर्डर्स बढ़ने की आशा है। वहीं, 45% से अधिक ने मुनाफा बढ़ने का अनुमान जताया।

ग्रामीण इलाकों से उम्मीद


सर्वे में शामिल कंपनियों ने ग्रामीण इलाकों में कंजम्पशन में सुधार होने, अच्छी मॉनसूनी बारिश, रिफॉर्म्स पर लगातार फोकस और प्राइवेट इनवेस्टमेंट में सुधार होने का हवाला दिया, जिससे मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रोथ बढ़ेगी। 59% से अधिक कंपनियों ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर में सुधार होने की उम्मीद जताई।

CII ने कहा कि इससे सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर को सपोर्ट मिलने की संभावना है, जिसमें चुनावों के चलते पहली तिमाही में सुस्ती के बाद हाल में तेजी आती दिखी है। हालांकि करीब 40% कंपनियों ने सितंबर तिमाही में देश-विदेश में अपना निवेश फिलहाल जस का तस रखने की बात कही थी। 41% कंपनियों ने देश में निवेश बढ़ाने की बात कही थी।

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