बिजनेस पतन की कगार पर... कंगाल पाकिस्तान की तेल कंपनियों ने सरकार को दी चेतावनी, लगाई गुहार

Updated on 09-03-2023 06:46 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के लगातार गिरते विदेशी मुद्रा भंडार के कारण अब यहां की तेल कंपनियां क्रूड ऑयल के लिए तरस रही हैं। पाकिस्तान का केंद्रीय बैंक विदेशी पेमेंट तेजी से नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण तेल कंपनियां कच्चा माल आयात नहीं कर पा रही हैं। पाकिस्तान की तेल कंपनियों ने अब आगे आकर शहबाज सरकार को आने वाले संकट को लेकर चेतावनी दी है। तीन दर्जन से ज्यादा प्रमुख ऑयल कंपनियों वाले तेल कंपनी सलाहकार परिषद (OCAC) ने पहले से ही नाजुक सप्लाई चेन में एक बड़ी समस्या आने की चेतावनी दी है।
    एसोसिएशन ने वित्त और ऊर्जा मंत्री, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर और ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी के अध्ययक्ष को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि लगातार गिर रहे रुपए से पड़ने वाले प्रभाव को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। OCAC ने याद दिलाया कि तेल उद्योग लगातार मूल्य निर्धारण में विदेशी मुद्रा के नुकसान की वसूली के लिए एक पारदर्शी तंत्र बनाने की मांग करता रहा है। इसमें कहा गया कि सरकार को मौजूदा विनिमय दर के आधार पर कीमतों में तुरंत संशोधन करना चाहिए, लेकिन अगर मौजूदा स्थिति में ऐसा संभव नहीं तो एक व्यवस्था जरूर लागू हो।

    कच्चा माल आयात करने में हो रही दिक्कत

    हाल ही में डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए में तेजी से गिरावट देखी गई है। इस कारण मौजूदा लाइन ऑफ क्रेडिट इंडस्ट्री के लिए अपर्याप्त हो गए हैं। इससे इंडस्ट्री को कच्चा माल आयात करने में बाधा आ सकती है। तेल उद्योग ने शहबाज सरकार से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया है कि बैंकिंग क्षेत्र तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को सुविधा दे, ताकि वह तेल की बढ़ती कीमतों और गिरते रुपए को मैनेज कर सकें।

    उद्योग पतन की कगार पर

    OCAC ने आगे कहा कि उद्योग पतन की कगार पर है। इस साल की शुरुआत में कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी का उदाहरण उद्योग की नाजुक स्थिति को दिखाता है, जिसके लिए तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। पाकिस्तान में OCAC का यह पत्र संकट को साफ-साफ दिखाता है। लेकिन पाकिस्तान के सेना प्रमुख के मुताबिक सब कुछ ठीक है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने देश के टॉप 10 उद्योगपतियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि देश का बुरा वक्त जा चुका है और डिफॉल्ट होने की संभावना खत्म हो चुकी है। जनरल मुनीर ने क्या कहा है वह पूरी बात आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    अन्य महत्वपुर्ण खबरें

     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
     23 September 2026
    इस्लामाबाद: भारत, आतंकवाद का हवाला देकर सिंधु जल संधि को एकतरफा सस्पेंड नहीं कर सकता है। ये कहना है विलेम वैन ड्यूरसेन का जो एक सीनियर डच इंडिपेंडेंट वॉटर मैनेजमेंट…
     23 September 2026
    वॉशिंगटन: 23 सितम्बर को धरती पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते दिन और रात बराबर होंगे। इसे उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत का संकेत…
     23 September 2026
    संयुक्‍त राष्‍ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद में सुधार करने की जोरदार अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि…
     23 September 2026
    मॉस्को: रूसी तेल खरीदने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के 100 फीसदी टैरिफ को लेकर रूसी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और पश्चिमी देश 'भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने की…
     22 September 2026
    नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
    Advt.