केंद्र सरकार को पसंद आई MP की सुरक्षित महिला पर्यटन परियोजना, अन्‍य राज्‍यों को भी इसे लागू करने के निर्देश

Updated on 02-04-2024 05:35 PM
भोपाल। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को महिलाओं के अनुकूल बनाने के लिए मप्र पर्यटन विभाग द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रिस्पांसिबल टूरिज्म मिशन के तहत संचालित महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल (एसटीडब्ल्यू) परियोजना को सराहते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने इसे दूसरे राज्यों को भी लागू करने को कहा है।

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की महानिदेशक मनीषा सक्सेना ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिव पर्यटन को मप्र पर्यटन विभाग की उक्त योजना की तरह एक अभिनव प्रस्ताव तैयार कर भेजने के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने मध्‍य प्रदेश पर्यटन से कहा है कि निर्भया फंड के तहत ऐसी ही और परियोजनाओं का प्रस्ताव बनाएं।

भारत सरकार के निर्भया फंड के तहत वित्त पोषित परियोजना एसटीडब्ल्यू का संचालन पर्यटन स्थलों पर स्थानीय समुदाय व महिलाओं की भागीदारी से पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित व अनुकूल बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह पर्यटन स्थलों और उसके आसपास सुरक्षित, संरक्षित और महिला अनुकूल वातावरण प्रदान करने पर केंद्रित है, जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी और अपराध व उत्पीड़न के डर के बिना यात्रा कर सकेंगी। अब तक विभिन्न प्रशिक्षण, कार्यशालाओं के माध्यम से पांच लाख से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है।

सात हजार से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित

मप्र पर्यटन बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक 18 नवंबर 2021 से शुरू हुई महिला हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना का संचालन राज्य के 20 संकुलों के अंतर्गत 50 पर्यटन स्थलों पर किया जा रहा है। प्रोजेक्ट का लक्ष्य राज्य में दस हजार महिलाओं को प्रशिक्षित करना है, जिनमें से सात हजार से अधिक महिलाओं को आठ विभिन्न क्षेत्रों में 48 तरह के जॉब रोल्स के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। 37 हजार युवतियों, महिलाओं, छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, 315 कार्यशालाओं के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया गया है, बेसलाइन सर्वे के माध्यम से प्रक्रिया एवं परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे एवं सेफ्टी आडिट से पर्यटन क्षेत्रों व आसपास महिला पर्यटकों की सुविधा, सुगमता एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

पर्यटन सखी है खास

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में कई लोग परिवार और बच्चों के साथ आना पसंद करते हैं, तो कई लोग सोलो ट्रिप पर आते हैं। खास कर विदेशों से लड़कियां भी सोलो ट्रिप पर आती हैं। वहीं भारत में भी आजकल लड़कियां सोलो ट्रिप करना पसंद करती हैं। इसी को देखते हुए उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए परियोजना आरंभ की गई है। 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटन सखी को तैनात किया गया। ये अकेले घूमने निकली महिलाओं को सुरक्षा दे रहीं हैं। मप्र में यह योजना काफी सार्थक सिद्ध हुई है।


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