अमेरिका की नाक के नीचे सेना तैनात करने जा रहा चीन, क्‍या दूसरे 'क्‍यूबा संकट' की ओर बढ़ी दुनिया ?

Updated on 21-06-2023 07:34 PM
बीजिंग: सन् 1962 में दुनिया ने एक बड़े क्‍यूबा संकट को देखा था। अब ऐसा लगता है कि करीब 61 साल फिर से वही संकट पैदा होने वाला है। अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट से तो कम से कम ऐसा ही लगता है। अखबार ने अपनी एक खास रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन और क्‍यूबा, अमेरिका से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर एक नए ज्‍वॉइन्‍ट मिलिट्री बेस पर चर्चा कर रहे हैं। अखबार ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट छापी है। दूसरी तरफ चीन ने इस खबर का खंडन कर दिया है। उसका कहना है कि बेहतर होगा इस बारे में बात करने वाले लोग अपनी ऊर्जा दूसरी तरफ लगाएं ताकि आपसी विश्‍वास और मजबूत हो सके।

चीन और क्‍यूबा बातचीत में बिजी

वॉल स्‍ट्रीट जनरल क मुताबिक एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि चीन और क्‍यूबा दोनों ही इस ज्वॉइन्‍ट मिलिट्री बेस पर सैनिकों की साथ ट्रेनिंग पर चर्चा कर रहे हैं। दोनों देश इस बारे में भी बातें करने में बिजी है कि यहां पर लीडरशिप का ढांचा कैसा होगा। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के अधिकारियों ने इस मसले पर अपने चीन और क्‍यूबा में मौजूद समकक्षों के सामने इस मुद्दे को उठाया है। अभी तक यह साफ नहीं है कि दोनों देशों के बीच इस दिशा में वार्ता कितनी आगे बढ़ी है।

ब्लिंकन की मुलाकात के बाद खुलासा
बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि उस मसले पर ज्‍यादा बात नहीं की जा सकती है। मगर क्यूबा और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों की वजह से वह खासे परेशान हैं। उन्‍होंने अखबार से कहा कि चीन क्‍यूबा के साथ अपनी उपस्थिति को बढ़ाने की कोशिशें करता रहेगा लेकिन अमेरिका हर बार उसे नाकाम कर देगा। यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हाल ही में चीन की यात्रा पूरी की है। उन्होंने सोमवार को चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। दोनों ही नेताओं ने मीटिंग को अच्‍छा करार दिया था।
क्‍या था क्‍यूबा संकट
अक्‍टूबर 1962 में तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉन एफ कैनेडी को यह खबर मिली थी कि सोवियत संघ ने चुपचाप क्‍यूबा में मिसाइलें तैनात कर दी हैं। उन्‍होंने इसे जानबूझकर उठाया गया कदम करार दिया था। कैनेडी ने कहा कि सोवियत संघ का यह कदम भड़काने वाले है। उनका कहना था कि सोवियत संघ यथास्थिति में बदलाव करना चाहता है। इसे अमेरिका कभी स्‍वीकार नहीं करेगा। कैनेडी ने क्‍यूबा की तटीय सीमा पर नौसेना तैनात करने का आदेश दिया और सारी सीमाओं को ब्‍लॉक कर दिया था। पूर्व कमांडरों ने कैनेडी को सलाह दी थी कि वह सोवियत संघ की मिसाइलों को निशाना बनाए। लेकिन कैनेडी ने सिर्फ बॉर्ड्स को ब्‍लॉक किया था। कहते हैं कि उस फैसले ने एक बड़े संकट को टाल दिया था।


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