बीवाईडी के बाहर होने के सदमे से उबर नहीं पा रहा चीन, भारत के खिलाफ जहर उगल रही चीनी मीडिया

Updated on 04-08-2023 02:55 PM
बीजिंग: पिछले दिनों भारत की तरफ से चीन की इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी को बाहर का रास्‍ता दिखाया गया है। इस बात को करीब 20 दिन हो चुके हैं लेकिन चीन अभी तक इसके सदमे में है। चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स में आए एक आर्टिकल में इस फैसले का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला गया है। ग्‍लोबल टाइम्‍स की मानें तो भारत ने जो कुछ किया है, उसके बाद उसे ही खराब नतीजे भुगतने होंगे। साथ ही इस फैसले की सबसे बड़ी पीड़‍ित भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था ही होगी।

ग्‍लोबल टाइम्‍स की हताशा
ग्‍लोबल टाइम्‍स के आर्टिकल में लिखा है कि भारत की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है चीन की कार निर्माता कंपनी बीवाईडी को भारतीय कर जांच का सामना करना पड़ रहा है। मगर इस तरह की रिपोर्ट्स से कोई फर्क नहीं पड़ता है। अखबार की मानें तो हाल के कुछ सालों में भारत ने चीनी कंपनियों पर जो कार्रवाई की है, उसे देखते हुए, भारत के पॉलिसी मेकर्स को यह याद दिलाना जरूरी हो गया है कि बहुत ज्‍यादा टैक्‍स थोपना बहुत अच्‍छी बात नहीं है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स की मानें तो ज्‍यादा टैक्‍स निष्पक्षता का सही तरीका नहीं हैं। इसका अंतिम शिकार भारतीय अर्थव्यवस्था ही होगी। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि बीवाईडी पर भारत में आरोप लगा है कि उसने देश में असेंबल और बेची जाने वाली कारों के लिए आयातित हिस्सों पर बहुत कम टैक्‍स अदा किया है।

भारत के टैक्‍स सिस्‍टम को बताया दोषी
अखबार ने पूरी स्थिति के लिए भारत के टैक्‍स सिस्‍टम को ही दोषी ठहरा दिया है। उसका कहना है कि चीन की सरकार ने हमेशा चीनी इंडस्‍ट्रीज को विदेशों में ऑपरेशन की मंजूरी देते समय वहां के कानूनों और विनियमों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। लेकिन हाल के कुछ वर्षों में भारत की तरफ से टैक्‍स चोरी का आरोप कई चीनी कंपनियों पर लगाकर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। अखबार की मानें तो यह स्थिति भारत के जटिल टैक्‍स सिस्‍टम के बारे में बताती है। ग्‍लोबल टाइम्‍स की मानें तो भारत का टैक्‍स सिस्‍टम काफी म‍ुश्किल है और उसके नियम उससे भी ज्‍यादा पेचीदा हैं।

अमेरिकी कंपनियां निराशा की वजह!
अखबार में एक जगह अमेरिकी कंपनियों को भारत में ऑपरेशन मिलने की मंजूरी की बात कही है। इससे पता लगा है कि चीन किस कदर भारत के फैसले से निराश है। अखबार ने लिखा है, ' भारत बड़े जोश के साथ एप्पल और टेस्ला के साथ कई और अमेरिकी कंपनियों को देश में निवेश करने की कोशिशें कर रहा है। लेकिन अगर किसी दिन भारत और इन कंपनियों के बीच हितों का टकराव होता है, तो क्या ये कंपनियां भारत के मुश्किल टैक्‍स सिस्‍टम का शिकार बनेंगी? अब ग्‍लोबल टाइम्‍स के इस आर्टिकल को विशेषज्ञों ने आड़े हाथों लिया है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 September 2026
वॉशिंगटन: वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-चीन समिट ( Donald Trump Xi Jinping Summit ) के दौरान एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की जा रही…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र में बेहद दमदार भाषण दिया है। उन्होंने दुनिया के सबसे मंच पर वैश्विक ताकतों को आइना दिखाते हुए कहा 'हम उस…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अपने संबोधन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर तीखा हमला बोला है। नेतन्याहू ने ममदानी को न्यूयॉर्क…
 25 September 2026
रोम: इटली की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगा दी है। प्रधानमंत्री जॉर्जियो मेलोनी की कैबिनेट ने गुरुवार को इस मामले में आदेश पारित किया है।…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के बीच अहम मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों…
 25 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने यूएपीए (UAPA) कानून के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा है। करीब 9 साल…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को एक अहम यूरोपीय देश का साथ मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा…
 25 September 2026
संयुक्त राष्ट्र: ईरान के राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने परमाणु बम को नापाक बताते हुए उसको बनाने की किसी भी महत्‍वाकांक्षा को पूरी तरह से खारिज किया है। ईरानी राष्‍ट्रपति ने…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4…
Advt.