निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल, दो वर्ष के पहले नहीं बदल सकेंगे कोर्स, यूनिफार्म की पब्लिक डोमेन में देनी होगी जानकारी

Updated on 05-04-2024 11:58 AM
भोपाल। नया शिक्षण सत्र शुरू होने के साथ ही निजी स्कूल संचालकों की मनमानी भी शुरू हो गई है। इससे पालकों को निर्धारित विक्रताओं से ड्रेस, किताब, कापी सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदनी पड़ रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्कूल संचालक, पाठ्य पुस्तक प्रकाशक और विक्रेताओं पर नकेल कसने की तैयारी कर ली हैं। इसको लेकर कलेक्टर ने गुरुवार को निजी स्कूल संचालक सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसके बाद कोर्स और अन्य शिक्षण सामग्री को लेकर गाइडलाइन जारी की गई। नई गाइडलाइन के अनुसार, सभी निजी स्कूलों को कोर्स टाई, बेल्ट, ड्रेस की जानकारी पब्लिक डोमेन में भी अपलोड करने होंगे।

बदलाव से पहले लेनी होगी इजाजत

कलेक्टर ने बताया कि नई गाइडलाइन का सभी निजी स्कूल, एमपी बोर्ड, सीबीएससी सहित अन्य संवर्ग के स्कूलों को पालन करना होगा। बैठक में बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल हर वर्ष जनवरी में ही एनसीईआरटी से जुड़ी पुस्तकों की सूची जारी कर देता है। नई गाइडलाइन के तहत अब निजी स्कूल संचालकों को भी इसका पालन करना पड़ेगा। कलेक्टर ने बताया कि कोई भी स्कूल संचालक दो वर्ष के पहले संस्थान में पढ़ाए जा रहे कोर्स में बदलाव नहीं कर सकेगा। बदलाव करने की स्थिति में अनुमति लेना जरूरी होगा। इस नई गाइडलाइन से राजधानी के लाखों पालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उनको महंगे दामों में कोर्स सहित अन्य सामग्री नहीं खरीदनी होगी।

निजी स्कूलों की होगी जांच

राजधानी के सभी निजी स्कूलों की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने चार समितियां गठित की हैं। ये समितियां प्रत्येक स्कूल में जाकर वहां के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जा रही पुस्तक और अन्य शिक्षण सामग्री की जानकारी जुटाएंगी, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को पेश की जाएगी। प्रत्येक स्कूल की जांच होने से शिक्षा विभाग के पास रिकार्ड एकत्रित हो जाएगा कि किस स्कूल में कौन सी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। पुस्तकों की जानकारी पब्लिक डोमेन में आने से ज्यादा से ज्यादा दुकानदार इन किताबों को बेच सकेंगे।

महंगी पुस्तकों से पढ़ाने पर होगी जांच

बैठक में बताया गया कि कई निजी स्कूलों में महंगी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है। इन पुस्तक की कीमत अधिक होने की वजह से पालकों को खरीदने में दिक्कत होती है। इस वजह से इनकी कीमतों को लेकर भी जांच की जाएगी।
इनका कहना है
पुस्तक विक्रेताओं और स्कूल संचालकों के खिलाफ पालक लगातार शिकायत कर रहे हैं। उनकी शिकायतों के आधार पर जांच कर धारा 144 के तहत एफआइआर और दो लाख रुपये के जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नई गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इसका पालन अब सभी स्कूल संचालकों को करना होगा।
                                                                                - कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

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