खाद वितरण हेतु मापदण्ड तय

Updated on 26-05-2026 12:33 PM

कोरबा। जिले के किसानों को इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग के द्वारा लगातार प्रयास जारी है। शासन के द्वारा खाद वितरण हेतु आवश्यक मापदण्ड तय किये गये है जिसमें खरीफ 2025 में कृषक को वितरित उर्वरक यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा एवं डी.ए.पी की 60 प्रतिशत मात्रा का ही वितरण खरीफ 2026 में किया जाना है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया की आपूर्ति होने पर की जायेगी, अन्यथा की स्थिति में नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जायेगी। डी.ए.पी. की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एन.पी.के. उर्वरकों अथवा नैनो डी.ए.पी. के माध्यम से दी जायेगी। किसानों के लिए यूरिया एवं डी.ए.पी. हेतु नैनो यूरिया, डीएपी समितियों में पर्याप्त भंडारण किया जायेेगा। प्रदेश के समस्त सीमांत कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 एकड़ तक होती है) को उपरोक्तानुसार निर्धारित मात्रा एक मुश्त प्रदाय की जायेगी। लघु कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 से 5 एकड़ तक होती है) को निर्धारित मात्रा में से यूरिया 2 किश्त में प्रदाय की जायेगी एवं बड़े कृषक (जिनकी भूमि धारिता 5 एकड़ से अधिक है) को उपरोक्तानुसार  निर्धारित मात्रा में से यूरिया 3 किश्त में (द्वितीय किश्त प्रथम किश्त के 20 दिवस एवं तृतीय किश्त द्वितीय किश्त के 20 दिवस उपरांत) प्रदाय की जायेगी। उक्त निर्देष अनुसार कृषक को देय उर्वरक का निर्धारण बोरी की गणना के आधार पर किया जायेगा। विगत वर्ष (खरीफ 2025) वितरित उर्वरक की गणना बोरी में करने के उपरांत यूरिया हेतु 80 प्रतिशत एवं डी.ए.पी. हेतु 60 प्रतिशत की गणना बोरी में ही की जायेगी। गणना में यदि पूर्णांक संख्या प्राप्त न हो तो निकटतम पूर्णांक को मान्य किया जायेगा अर्थात यदि बोरी की गणना 7.2 या 7.8 प्राप्त हो तो क्रमशः 7 एवं 8 बोरी मान्य किया जायेगा।

वैकल्पिक उर्वरकों, नैनो यूरिया एवं डीएपी के साथ-साथ हरी खाद व जैव उर्वरक जैसे नील हरित काई, एजोस्पिरिलियम, पीएसबी इत्यादि केउपयोग को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। समितियों में हरी खाद के लिए ढेंचा एवं मूंग बीज का भंडारण प्रारंभ कर दिया गया है। कृषकों से नील हरित काई का उत्पादन कराया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा अनुसार उर्वरक उपयोग संबंधी पोस्टर एवं पाम्पलेट वितरित किए जा रहे हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे डीएपी के स्थान पर वैकल्पिक मिश्रित उर्वरक जैसे- एसएसपी, टीएसपी, एनपीके का उपयोग करें। जिससे यूरिया की खपत कम होगी तथा फसल को संतुलित पोषक तत्व प्राप्त होंगे। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता के दृष्टिगत उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा किसान को सलाह दी गई है कि वह उर्वरकों का अत्यधिक क्रय एवं उनके प्रयोग से बचे तथा निकटस्थ समिति अथवा निजी विक्रय केन्द्रों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार फसल एवं रकबा के आधार पर उर्वरक का उठाव करें।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 August 2026
अम्बिकापुर।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा  MY Bharat  के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा  "नशामुक्त  युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" का राष्ट्रीय शुभारंभ किया…
 03 August 2026
अम्बिकापुर। राज्य शासन द्वारा जनस्वास्थ्य एवं उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) एवं अन्य गैर-दुग्ध किन्तु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों…
 03 August 2026
अम्बिकापुर।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में संचालित विभिन्न…
 03 August 2026
जशपुरनगर।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (डल् ठींतंज) द्वारा देशव्यापी ष्नशा मुक्त युवा दृ विकसित भारत संकल्प अभियानष् का भव्य शुभारंभ किया गया।…
 03 August 2026
जशपुरनगर ।’मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले के कृषकों को कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं से निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है।इसी कड़ी में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत…
 03 August 2026
सुकमा। कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कामापेदागुड़ा में गुरुवार की रात ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने जनसेवा की नई मिसाल कायम कर दी। घनघोर अंधेरा, लगातार हो…
 03 August 2026
सुकमा।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। सुकमा जिले के दोरनापाल परियोजना अंतर्गत ग्राम कामापेदागुड़ा की निवासी श्रीमती…
 03 August 2026
सुकमा।/जिला पंचायत सुकमा के सभाकक्ष में शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ)  मुकुंद…
 03 August 2026
सुकमा।जिला प्रशासन द्वारा कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में लिपिकवर्गीय राजस्व कर्मचारियों के लिए एकदिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर…
Advt.