शिवराज की पदयात्रा पर दिग्विजय ने पूछे 3 सवाल:पूर्व सीएम ने गेहूं, मूंगफली खरीदी में परेशानियों और खाद संकट पर मांगा जवाब

Updated on 29-05-2025 11:19 AM

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में पदयात्रा निकाल रहे हैं। 25 मई से शुरू हुई अब हर सप्ताह में दो दिन चलेगी। इस पदयात्रा पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से तीन सवालों के जवाब मांगे हैं।

दिग्विजय सिंह ने बुधवार को एक्स पर लिखा- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज जी अपने चुनाव क्षेत्र में आप पदयात्रा कर रहे हैं। बधाई। एमपी में किसानों की 3 प्रमुख समस्याओं की ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।

  • किसानों की गेहूं खरीद 31 मार्च में पूर्व हो जाने के बाद भी उनके खाते में राशि नहीं डालने के कारण उन्हें ब्याज में राहत नहीं मिली।
  • नर्मदा घाटी में पिछले सालों से अधिक क्षेत्र में मूंग की फसल ली गई है। लेकिन अभी तक मप्र शासन द्वारा मूंग MSP पर ख़रीदने के आदेश नहीं हुए हैं। जिसकी वजह से मूंग एमएसपी से कम में बिक रही है। किसानों में रोष है।
  • एक बार फिर से किसानों को DAP खाद नहीं मिल रहा है।

दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा- कृपया इन तीनों प्रकरणों के बारे में आप मप्र के मुख्यमंत्री से अवश्य चर्चा कर किसानों को राहत दिलाएं।

दिग्गी ने सोमवार को शिवराज को लिखा था लेटर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने दो दिन पहले सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्याज उत्पादक किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान का जल्द निराकरण करने की मांग की थी। पत्र में लिखा-

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प्रिय शिवराज सिंह जी, मैं इस पत्र के माध्यम से मध्यप्रदेश के लाखों प्याज उत्पादक किसानों की गंभीर पीड़ा और वर्तमान संकट की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं। वर्तमान में मध्यप्रदेश के रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ सहित कई जिलों में किसानों द्वारा लाभ की आशा में कठिन परिश्रम करके प्याज का भारी उत्पादन किया गया है।

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2 से 5 रुपए किलो बिक रही प्याज

दिग्विजय ने पत्र में आगे लिखा- किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विपणन महासंघ (नाफेड) का गठन किया था। साल 2025 के लिए नाफेड को केन्द्र सरकार ने 3 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदी का लक्ष्य रखा था। लेकिन मुझे खेद है कि नाफेड ने अभी तक किसानों से खरीदी शुरु नहीं की है।

नाफेड को किसानों से खरीदना है प्याज दिग्विजय ने आगे लिखा- किसानों के प्याज व्यापारियों द्वारा कम मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। यही प्याज नाफेड द्वारा व्यापारियों से अधिक मूल्य पर खरीदे जाएंगे, जबकि नाफेड के गठन का उद्देश्य किसानों की फसल को सीधे खरीदना है, न कि व्यापारियों, बिचौलियों और ठेकेदारों के माध्यम से।



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