नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के मंत्र बताए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता विपक्ष को हल्के में न लें। हम अपनी उपलब्धियों को ज्यादा और दूसरे की कम को आंकने से बचें। इस तरह की बातों से बचें। पीएम ने कार्यकर्ताओं से समाज के हर वर्ग तक जाने की बात कही। पीएम मोदी के इस बयान के बाद लोग इसे कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से जोड़ कर देख रहे हैं। राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा पर शुरुआत से ही बीजेपी के कई नेताओं ने बयान दिए, लेकिन पीएम ने विपक्ष को हल्के में न लेने की बात कही।उन्होंने कहा कि 18 से 25 साल के युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि इस आयु वर्ग के लोगों ने भारत का राजनीतिक इतिहास नहीं देखा है और उन्हें पिछली सरकारों के तहत हुए ‘भ्रष्टाचार और गलत कामों’ के बारे में जानकारी नहीं है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को अति आत्मविश्वास के प्रति किया आगाह
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पार्टी को ‘अति आत्मविश्वास’ की भावना के प्रति भी आगाह किया और 1998 में मध्य प्रदेश में बीजेपी की हार का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार की अलोकप्रियता के बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। मोदी उन दिनों में मध्य प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक मामलों का काम देखते थे। 'विपक्ष को हल्के में न लें'
पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलने के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दावे का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'यह अच्छा है। लेकिन हमें विपक्ष को हल्के में नहीं लेना चाहिए और वे जो कहते और करते हैं, उसके बारे में सतर्क रहना चाहिए। किसी की बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की प्रवृत्ति होती है। खुद की उपलब्धियां ज्यादा और दूसरों की उपलब्धियों को कम आंकना, हमें इससे बचना होगा।'
2024 के मुकाबले के लिए फाइनल 400 दिन
उन्होंने यह भी कहा कि 2024 का मुकाबला तेजी से नजदीक आ रहा है। पार्टी के पास बहुत कम समय है। एक सूत्र ने अनुसार पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे पास सभी समुदायों के गरीबों से जुड़ने के लिए 400 दिन बचे हैं। इसमें हमें ये जानना होगा कि हमारी बनाई गई नीतियों का फायदा उन लोगों को हुआ है या नहीं।'