रूसी तेल पर डोनाल्ड ट्रंप का '100% टैरिफ बम', भारत ने दम दिखाया तो 3 जगहों पर फंस सकता है अमेरिका!

Updated on 20-09-2026 01:30 PM
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका अब भारत समेत चीन, अजरबैजान, तुर्की जैसे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा भारत को लेकर है लेकिन नई दिल्ली अभी घबराई हुई नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए कानून पर दस्तखत किए हैं। इसके तहत उन्हें उन देशों से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है जो रूस से सबसे ज़्यादा तेल और गैस खरीदते हैं। भारत ने दो टूक कहा है कि अगर टैरिफ लगाया जाता है तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर होगा।

नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए कुछ जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स ने कहा कि भारत को सख्त रूख पिछले वर्ष से ही अपनाना चाहिए थे। लेकिन सरकार ने इस बार वॉशिंगटन को पर्दे के पीछे से भी कुछ सख्त संदेश भेजे हैं। अमेरिका के साथ परमाणु डील में अहम भूमिका निभा चुके और भारत-अमेरिका कारोबार के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से कहा 'अमेरिका भारत पर कितना टैरिफ लगाएगा ये अब पूरी तरह से डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करता है।'
उन्होंने एक मोटा मोटी गणित समझाते हुए कहा कि एक प्रतिशत टैरिफ का असर करीब एक अरब डॉलर के कारोबार को प्रभावित करता है। इस हिसाब से 50 फीसदी टैरिफ 50 अरब डॉलर के कारोबार पर असर डालेगा। उन्होंने कहा कि ये अब एक डिप्लोमेटिक लड़ाई है। रोबिंदर सचदेव ने कहा आर्थिक असर का डर इसलिए बड़ा है क्योंकि अगर अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाती है तो यह सिर्फ भारत द्वारा खरीदे गए रूसी तेल पर ही नहीं बल्कि अमेरिका आने वाले भारतीय सामान पर भी लागू होगी। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर होगा।

अमेरिका ने जो बिल पास किया है वो क्या है?

  • अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट ने शुक्रवार को 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026' पास किया था।
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और अब ये कानून बन गया है। इसके तहत ट्रंप 100 फीसदी तक टैरिफ लगा सकते हैं। रोबिंदर सचदेव ने कहा कि किस देश पर कितना टैरिफ लगाना है ये ट्रंप पर निर्भर करेगा।
  • भारत के लिए सबसे अहम प्रावधान वह अधिकार है जिसके तहत कानून में बताई गई शर्तों को पूरा करने वाले देशों के सामान पर 100% तक अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जा सकती है।
  • यह कानून खुद भारत पर 100% टैरिफ नहीं लगाता है और न ही कानून के आखिरी टेक्स्ट में भारत का नाम है। इसके बजाय यह एक ऐसा सिस्टम बनाता है जिसके तहत देश अतिरिक्त ड्यूटी के दायरे में आ सकते हैं अगर वे रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की खरीद या प्रतिबंधों से बचने से जुड़ी कानूनी शर्तों को पूरा करते हैं।
  • यह कानून उन देशों के सामान पर 100% तक अतिरिक्त ड्यूटी लगाने की इजाजत देता है जो कानून लागू होने के 30 दिन या उसके बाद जानबूझकर रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की नई खरीद करते हैं और जो पिछले 12 महीनों के दौरान रूसी तेल या गैस के वॉल्यूम के हिसाब से पांच सबसे बड़े इंपोर्टर्स में शामिल थे।
भारत पर टैरिफ लगने की संभावना कितनी?- हाउस के एक पुराने संशोधन में भारत को खास तौर से शामिल करने का प्रस्ताव था जिसमें 100% शुल्क के लिए भारत, चीन, तुर्की, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, यूएई, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान की पहचान करने की बात कही गई थी। हालांकि भारत से जुड़ी वह बात अंतिम कानून का हिस्सा नहीं बनी। फिर भी भारत पर इसका असर पड़ सकता है क्योंकि यह रूसी कच्चे तेल के दुनिया के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। ट्रंप के कानून पर हस्ताक्षर करने के बाद आई रिपोर्टों में भारत और चीन की पहचान उन देशों के तौर पर की गई जिन पर संभावित टैरिफ (शुल्क) लगने की सबसे ज्यादा संभावना है।
भारतीय कारोबार पर कितने असर की आशंका?- 2025 में भारत से अमेरिका में होने वाले सामान का आयात लगभग 103.8 बिलियन डॉलर का था। इस स्तर पर 100% अतिरिक्त शुल्क से लगभग 104 बिलियन डॉलर सालाना का व्यापार प्रभावित होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि भारत को अपने-आप 104 बिलियन डॉलर का नुकसान हो जाएगा या उसकी GDP उतनी कम हो जाएगी।

भारतीय निर्यात को कितने नुकसान की आशंका?- टैरिफ अमेरिका में इंपोर्टर्स से वसूला जाएगा जबकि इसका आर्थिक बोझ US इंपोर्टर्स, कंज्यूमर्स और भारतीय एक्सपोर्टर्स के बीच बंट सकता है। यह बोझ ज्यादा कीमतों, कम मार्जिन, सप्लायर्स बदलने और कम ट्रेड के जरिए पड़ सकता है। उदाहरण के लिए अगर अमेरिका को होने वाले भारतीय सामान के एक्सपोर्ट में 40% की कमी आती है तो 2025 के स्तर पर अमेरिकी बाजार में सालाना बिक्री में लगभग 42 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा। 80% की कमी का मतलब लगभग 83 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा। ये सिर्फ अनुमानित स्थितियां हैं भविष्यवाणियां नहीं।
इसके अलावा अलग-अलग सेक्टर पर इसका असर भी अलग-अलग होगा। फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, इंजीनियरिंग का सामान, रत्न और आभूषण, टेक्सटाइल और दूसरे मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स का US बाज़ार में बड़ा हिस्सा है।


भारत पर टैरिफ लगाना कितना आसान, 3 बड़ी अड़चनें

चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में भारत सबसे अहम साझेदार- यदि ट्रंप भारत पर 100% जैसा सख्त आर्थिक टैरिफ लगाते हैं तो इससे भारत-अमरीका के रक्षा और तकनीकी संबंध बुरी तरह प्रभावित हो जाएंगे। अमरीका रक्षा और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत को चीन के पाले में या पूरी तरह रूस-चीन धुरी की तरफ धकेलने का जोखिम कभी नहीं उठा सकता।
वैश्विक तेल बाजार में तबाही और अमरीका में महंगाई भड़कने का खतरा- यदि 100% टैरिफ के डर से भारत अचानक रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर देता है तो भारत को खाड़ी देशों से तेल खरीदना पड़ेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मांग अचानक बढ़ जाएगी और कच्चे तेल की कीमतें $100 से $120 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।

बड़ी अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान- अमरीका की कई दिग्गज टेक और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां जैसे Apple, Google, Boeing, Tesla चीन से अपनी मैन्युफैक्चरिंग हटाकर भारत में अपने प्लांट लगा रही हैं या बड़ा निवेश कर रही हैं।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने से अमरीकी कंपनियों की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। भारत में बने iPhones या अन्य स्पेयर पार्ट्स अमरीका में बेहद महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा भारत भी जवाब में भारत भी टैरिफ लगा सकता है जिससे अमरीकी कॉर्पोरेट्स को भारी नुकसान होगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 September 2026
ढाका: बंगाली समाज में कहावत है 'इलिश छाड़ा पूजा अधूरा' यानि हिलसा के बिना दुर्गा पूजा अधूरी है। लेकिन पिछले कुछ समय से दक्षिण एशियाई समुद्री व्यापार के गलियारों में…
 20 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी दी…
 20 September 2026
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका अब भारत समेत चीन, अजरबैजान, तुर्की जैसे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा भारत को…
 20 September 2026
तेल अवीव: भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में जीत उसी की होगी जो टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल करे। शायद फायटर जेट या भारी भरकम हथियार जंग का रूख ना…
 20 September 2026
तेहरान: ईरान के सिक्योरिटी चीफ ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC)…
 20 September 2026
स्टॉकहोम: महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला विखे पाटिल 13 सितंबर को हुए स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से स्वीडिश संसद के लिए…
 20 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने इस हफ्ते मोस्ट वांटेड आतंकवादी मसूद अजहर पर रखे गये 50 लाख के इनाम को बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है। मसूद अजहर वही आतंकवादी है जिसके…
 20 September 2026
ओट्टावा: कनाडा की सरकार ने देश में रहने वाले हिंदुओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक अस्थित विसर्जन के लिए आधिकारिक जगह बनाई…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
Advt.