शादी के लिए नहीं है पैसे तो परेशान ना हों, अब EMI पर होगी शादी, जानिए क्या है 'Marry now, pay later' फैसिलिटी
Updated on
20-03-2023 08:03 PM
नई दिल्ली: अगर आप शादी करना चाहते हैं और आपके पास पैसे नहीं हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब आप आसानी से शादी कर सकते हैं। वहीं बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो काफी धूमधाम से शादी करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं होते हैं। ऐसे लोगों को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल अब आप शादी करने के लिए लोन ले सकते हैं। इस लोन का भुगतान आप बाद में बेहद आसानी से ईएमआई (EMI) पर कर सकते हैं। अभी तक ऑनलाइन शॉपिंग, घर आदि कई चीजें लोग लोन पर खरीदते हैं। इसकी ईएमआई (EMI) देते हैं। इसके लिए बाय नाउ पे लेटर फैसिलिटी मिलती है। अब लोग लोन लेकर शादी भी कर सकते हैं। अब शादी के लिए भी मैरी नाउ, पे लेटर फैसिलिटी ( Marry now, pay later) शुरू हो गई है।यह कंपनी दे रही मैरी नाउ पे लेटर फैसिलिटी
मनी कंट्रोल की खबर के मुताबिक, फिनटेक कंपनी Sankash ने इस सुविधा के लिए रेडिसन होटल से समझौता किया है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में यह फैसिलिटी पूरे देश में उपलब्ध कराने का प्लान है। इस फैसिलिट में वेडिंग स्पेस रेडिसन होटल में मिलता है। कंपनी का इरादा एमएनपीएल (MNPL) स्कीम को पूरे देश में शुरू करने का है। Sankash के सीईओ और को-फाउंडर आकाश दहिया के मुताबिक, अभी तक उनके पास फ्लाई नाउ, पे लेटर था। इसके बाद सेल नाउ पे लेटर आया। उन्होंने रेडिसन के साथ मिलकर स्टे नाउ पे लेटर की सुविधा शुरू की। इसके बाद उन्हें इस प्लान का ख्याल आया। दरअसल रेडिसन का 20 फीसदी रेवेन्यू फूड एंड बेवरेज से आता है। इसमें मैरिज मार्केट की बड़ी भूमिका है। कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर में इस प्लान की शुरुआत की थी। अभी यह राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी उपलब्ध है।
रेडिसन के सभी होटल में मिलेगी सुविधा
कंपनी के मुताबिक, इस योजना को पूरे देश में शुरू करने की प्लानिंग की जा रही है। इस साल के अंत तक यह फैसिलिटी रेडिसन के सभी होटल में मिलनी शुरू हो जाएगी। कंपनी के मुताबिक, इस स्कीम के तहत कोई व्यक्ति अधिकतम 25 लाख रुपये तक का फंड ले सकता है। इस फंड को छह से 12 महीने में चुकाने का समय दिया जाता है। फंड के लिए चार से छह घंटे में एप्रूवल मिल जाता है। इसके बाद कंपनी कस्टमर के नाम पर पैसे रेडिसन को पेमेंट कर देती है। छह महीने के लिए फंड पर किसी तरह का इंट्रेस्ट भी नहीं लिया जाता है। कस्टमर अगर 12 महीने का रीपेमेंट पीरियड चुनता है तो उसे हर महीने एक प्रतिशत का ब्याज चुकाना पड़ता है।