मप्र-गुजरात के बीच नर्मदा में इलेक्ट्रिक क्रूज चलेगा:बिना प्रदूषण बढ़ेगा पर्यटन

Updated on 05-04-2025 12:53 PM

मप्र और गुजरात के बीच स्टेच्यू यूनिटी के पास बहुत जल्द क्रूज शुरू हो जाएगा। पहली बार प्रदेश में इलेक्ट्रिक क्रूज चलाए जाने की तैयारी है। इसके लिए पर्यटन बोर्ड ने बिड जारी कर दी है। साथ ही मप्र और गुजरात के बीच क्रूज चलाने को लेकर एमओयू भी कर लिया है।

यह क्रूज नर्मदा नदी में महेश्वर और मांडू के पास धार जिले में मेघनाद घाट के पास से चलाया जाएगा। बता दें कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में इसको लेकर चर्चा हुई थी और कुछ कंपनियों से एमओयू भी किया गया था। उसके बाद बोर्ड के अधिकारियों ने इन कंपनियों से चर्चा करके उन्हें इलाके का भ्रमण भी करवा दिया है। कंपनियों को लोकेशन पसंद आ गई है और इस पर काम शुरू हो गया है।

क्रूज शुरू होने के बाद मप्र के हिस्से में नर्मदा नदी किनारे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटक जलमार्ग के जरिए मप्र से गुजरात तक की रोमांचक यात्रा कर सकेंगे। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि क्रूज पर शराब का सेवन और नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। क्रूज का रूट ऐसा बनाया जाएगा, जिसमें महेश्वर के राजसी घाटों और किले से लेकर मांडू की ऐतिहासिक इमारतों और ओंकारेश्वर तक की यात्रा हो सके।

पर्यटन विभाग के अफसरों ने मेघनाद घाट पर दो जेटी (प्लेटफॉर्म) का निरीक्षण भी कर लिया है और बेकवाटर लेवल की स्थिति को जांच लिया है। पर्यटन विभाग के सहायक संचालक अनिमेष श्रीवास्तव और प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों ने एक क्रूज कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ली है।

एनजीटी की गाइडलाइन को ध्यान में रखा गया है

बोर्ड के अफसरों से जब पूछा कि एनजीटी ने वॉटर बॉडी में क्रूज के संचालन पर रोक लगा रखी है, तो अफसरों की तरफ से जवाब आया कि इसको लेकर भ्रम है। यह रोक भोपाल में इसलिए लगाई गई कि यहां तालाब से सटा हुआ वन विहार है और इसे रामसर साइट घोषित किया गया है। जबकि धार में जिस जगह क्रूज चलाया जाना है, वह बहती हुई नदी है।

दूसरी बात कि हरित नौका और इलेक्ट्रिक क्रूज चलाए जाएंगे। ऐसे में वायु प्रदूषण तो खत्म हो जाएगा। क्रूज में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर भी कंपनियों को बता दिया गया है कि इसका ट्रीटमेंट किया जाएगा और इसे होल्ड रखकर किनारे पर लाकर टैंक नगर पालिका की गाड़ी खाली करके लेकर जाएगी। ताकि नदी में किसी भी तरह का पॉल्युशन नहीं हो।

बजट और लक्जरी का रखा जाएगा ध्यान - क्रूज चलाने को लेकर जो प्रोजेक्ट अभी बनाया गया है, उसमें दो बातों का ध्यान रखा गया है। पहला बजट फ्रेंडली हो और दूसरा लग्जरी हो। इसीलिए दो तरह के क्रूज यहां चलाए जाने की तैयारी है। पहला मल्टी लेवल और दूसरा बड़े क्रूज।

गुजरात के पर्यटकों के लिए यह यात्रा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित मोखड़ी से शुरू होगी और मप्र के मेघनाद घाट तक पहुंचेगी। क्रूज में आधुनिक सुविधाएं, भोजन, गाइड और धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी जाएगी।



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