कांग्रेस की नई टीम में दिख सकते हैं मध्य प्रदेश के चेहरे, अरुण यादव को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Updated on 30-01-2025 01:28 PM

 भोपाल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) नई टीम बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें मध्य प्रदेश के भी कुछ नेताओं को स्थान मिल सकता है। महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग से भी कुछ नेताओं को केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय नए भवन में शिफ्ट होने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की नई टीम बनाने की तैयारी चल रही है। इसमें मध्य प्रदेश के भी कुछ नेताओं को स्थान मिल सकता है। सबसे ऊपर अरुण यादव का नाम है।

लंबे समय से कोई यादव चेहरा नहीं

कांग्रेस के पास लंबे समय से कोई यादव चेहरा नहीं है। पहले उत्तर प्रदेश के बलराम सिंह यादव और चंद्रजीत सिंह यादव जैसे नेता कांग्रेस के बड़ा चेहरा हुआ करते थे। बलराम सिंह यादव को मैदानी और जनाधार वाला नेता माना जाता था तो चंद्रजीत सिंह यादव की गिनती बौद्धिक नेताओं में होती थी।

केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं

इस रिक्त स्थान को भरने के लिए कांग्रेस ने कई प्रयास किए। रामनरेश यादव को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया लेकिन परिणाम नहीं मिला। अरुण यादव कांग्रेस में पहले सचिव रह चुके हैं। सपाध्यक्ष अखिलेश यादव के भी करीबी मित्रों में हैं, केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं।

जयवर्धन सिंह भी हो सकते हैं शामिल

यही वजह है कि अरुण यादव को केंद्रीय टीम में शामिल किए जाने पर संगठन विचार कर रहा है। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को भी एआईसीसी में शामिल किया जा सकता है।

कांग्रेस की नई पीढ़ी में जयवर्धन को दमदार और आकर्षक चेहरा माना जाता है। उनकी विनम्रता का मामला हो या चुनावी रणनीति, दोनों में कुशलता के कारण ही कांग्रेस ने श्योपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीता।

प्रियव्रत सिंह दिल्ली चुनाव में वाररूम के प्रभारी

फिलहाल पार्टी ने उन्हें ग्वालियर संभाग में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुकाबला करने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि जयवर्धन को भी केंद्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह फिलहाल दिल्ली विधानसभा चुनाव में वाररूम के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

उनको भी पार्टी एआईसीसी में रख सकती है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि एआईसीसी में इस बार अनुभवियों के साथ युवओं की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। ग्वालियर से पूर्व विधायक रहे प्रवीण पाठक को कांग्रेस ने अखिल भारतीय स्तर पर न्याय आधारित टिकट वितरण व्यवस्था का प्रभारी बनाया था।

प्रवीण पाठक भी हो सकते हैं टीम में

ओडिशा के चुनाव में पाठक ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी। संगठन में चर्चाएं हैं कि प्रवीण पाठक को भी केंद्रीय टीम में रखा जा सकता है। सामान्य वर्ग से प्रियव्रत सिंह, एसटी वर्ग से ओमकार सिंह मरकाम और ओबीसी से कमलेश्वर पटेल की भी वापसी हो सकती है।



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