लुप्‍तप्राय वस्‍त्र कलाओं के संरक्षण में जुटे फैशन डिजाइनिंग का छात्र

Updated on 17-06-2024 01:03 PM
 भोपाल। देश की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प कलाओं को विलुप्त होने से बचाने के लिए केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय का एक कदम धीरे-धीरे बड़े बदलाव का माध्यम बन रहा है। पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के लिए कपड़ा मंत्रालय ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के विद्यार्थियों को साथ लिया है। इसके तहत देशभर के निफ्ट से चुनिंदा विद्यार्थियों को ऐसी कलाओं पर आधारित परिधान तैयार करने प्रोजेक्ट आवंटित किए जा रहे हैं जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। प्रोजेक्ट डीसीएच (डेवलपमेंट कमिश्नर हैंडीक्राफ्ट्स, हैंडलूम) के तहत पिछले पांच वर्षों में 50 से अधिक कलाओं का संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा चुका है।

सुरक्षित किए जा रहे कलाओं के नमूने, दस्तावेज

कपड़ा मंत्रालय द्वारा 2019 से शुरू किए गए डीसीएच प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक निफ्ट से प्रतिवर्ष 10 से 15 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। इसी के तहत निफ्ट  भोपाल के टैक्सटाइल विभाग के अंतिम वर्ष की तीन छात्राओं का चयन हुआ है। इन छात्राओं ने तीन से चार महीने तक गांव-गांव जाकर ऐसी कलाओं के उपयोग से परिधान तैयार किए हैं। कलाओं के नमूनों के रूप में यह परिधान और प्रोजेक्ट कपड़ा मंत्रालय में संग्रहित किए जाएंगे और समय-समय पर कार्यशालाओं तथा प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि नई पीढ़ी के कलाकार भी इन विधाओं से रुबरु हो सकें।

ऐसे किया जाता है काम

कपड़ा मंत्रालय द्वारा यह प्रोजेक्ट वर्ष 2019 में देशभर के कुल 18 निफ्ट के छात्रों के लिए शुरु किया गया था। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत लुप्त होती हथकरघा एवं हस्तशिल्प कलाओं की शैलियों की सूची विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। प्रत्येक विद्यार्थी इनमें से किसी एक पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय भेजता हैं, जिनमें से उस वर्ष देशभर के निफ्ट से आए करीब 10 से 15 प्रस्तावाें को ही स्वीकृत किया जाता है। ऐसे में पिछले पांच वर्षों में 50 से अधिक लुप्त होती विधाओं का डाक्यूमेंटेशन कर सहेजा गया है।

इस वर्ष सहेजी जा रही यह कलाएं

महू की स्मकिंग एम्ब्रायडरी

19 वीं सदी में ब्रिटिश और फ्रेंच ननों द्वारा एमपी के महू में स्मकिंग एम्ब्रायडरी आर्ट विकसित की गई थी। तेजी से विल्पुत होती इस कला पर निफ्ट की छात्रा आशी गोयल काम कर रही हैं। आशी बताती हैं कि जनजातीय महिलाओं को नन्स ने यह कला सिखाई थी। प्रसिद्धि मिलने पर इसी कला के सहारे यहां के लोगों का जीवन-यापन होता था। स्मकिंग एम्ब्रायडरी का कार्य मुख्यत: काटन की फ्राक और गाउन पर किया जाता है। इसे कपड़े पर उतारने में बेहद समय लगता है, इसीलिए कलाकारों ने धीरे -धीरे इससे दूरी बना ली है। मैंने यहां करीब तीन महीने रिसर्च की और पारंपरगत रुप से यह काम करने वाले परिवारों से मिली। दो कलेक्शन तैयार करने के साथ रिसर्च पेपर तैयार किया है, जिसे जल्द ही मंत्रालय को भेजा जाएगा।

नवाब परिवार पहनता था अवध जामदानी के परिधान

सैकड़ों वर्ष पहले ढाका से शुरू हुई जामदानी हथकरघा कला का एक रुप अवध जामदानी सिर्फ अब इतिहास बनकर रह गई है। इसके अंतिम अधिकृत कलाकार अली अहमद थे, जिनका कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके संवर्धन के लिए कार्य कर रहीं श्रुतिलता भास्कर बताती हैं कि 18 वीं शताब्दी में अवध के नवाब सआदत अली खान के शासनकाल में यह बुनकर कला विकसित हुई थी। टांडा में अवध के नवाब और बेगम इन परिधानों को पहना करते थे। फैशन डिजाइनर पुपुल जैकर ने 1970 में टांडा के आखिरी बुनकर अली अहमद को बनारस में बुलाकर इसके दो कलेक्शन तैयार करवाए, जो आज भी वहां वीविंग सर्विस सेंटर (डब्ल्यू एससी) में साड़ियों में संग्रहित हैं। मैंने अली अहमद के बेटे कलीम और बनारस के दो बुनकरों से इसकी तकनीक के बारे में विस्तार से जानकर ड्रेस तैयार की हैं।

फर्रूखाबाद की जरी-जरदौजी से कलाकारों ने फेरा मुंह

फर्रूखाबाद की जरी-जरदौजी भी शिल्पकारों की कमी के चलते अपने अस्तित्व को खोती जा रही है। निफ्ट की साबी निकोटिया बताती हैं, कि पारंपरिक रूप से जरी-जरदौजी का काम करने वाले कलाकारों ने इस कला से मुंह मोड़ लिया है। कारण है फर्रूखाबाद की जरदौजी गहनता से की जाती है और जितना समय इसमें लगता है कलाकारों को उतना मेहनताना नहीं मिल पाता है। इससे स्वास्थ्यगत समस्याएं भी सामने आती हैं। कलाकारों को आंखों में समस्या होती है। फर्रूखाबाद में करीब दो महीने बिताकर उसके इतिहास से लेकर वर्तमान पर एक रिसर्च पेपर तथा पारंपरिक तकनीक का उपयोग कर तीन कलेक्शन तैयार किए गए हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 August 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। जमीयत के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती…
 17 August 2026
भोपाल, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के कथित अवैज्ञानिक निस्तारण एवं अनौपचारिक प्रसंस्करण से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को होने वाले संभावित नुकसान से संबंधित शिकायत…
 17 August 2026
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट की। पिछले सप्ताह…
 17 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ शुरू होने वाले चुनावी दौर को देखते हुए कांग्रेस संगठन को जमीन पर सक्रिय करने जा…
 17 August 2026
भोपाल। फेसबुक पर साड़ी का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन खरीदारी करना निशातपुरा क्षेत्र की एक गृहिणी को महंगा पड़ गया।ठगों ने पहले 500 रुपये की साड़ी का ऑफर देकर महिला को…
 17 August 2026
भोपाल। त्विषा शर्मा मौत मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में सीबीआई ने चालान पेश कर दिया है। मामले में पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके…
 17 August 2026
भोपाल । मध्य प्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम राजधानी भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित हुआ, मुख्य राज्य…
 17 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने सोमवार को भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि शासकीय और…
 17 August 2026
 भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां वे 'नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट' (NICDIT) की 'एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी' की…
Advt.