मध्य प्रदेश के वेयर हाउस के लिए अब First in, First Out पॉलिसी को लागू किया

Updated on 25-10-2022 04:54 PM

भोपाल
 मध्य प्रदेश के निजी वेयर हाउसों संचालकों की मनमर्जी पर सरकार लगाम लगाने जा रही है. प्रदेश में पहली बार नई फीफो (First in, First Out) पॉलिसी को लागू कर दिया गया है. इस पॉलिसी के बाद वेयर संचालकों की मनमानी पर विराम लग जाएगा. नए सिस्टम में पहले सभी निजी वेयर हाउसों से स्टॉक उठाया जाएगा. इसके बाद सरकारी वेयरहाउस खाली होंगे. बाद में भरने वाले गोडाउन पहले खाली हुए तो पहले भरने वालों को मिलने वाला किराया अपने-आप बंद हो जाएगा.

मनमानी की तो किराया होगा बंद
फीफो पॉलिसी के बाद अब वेयर संचालक अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे. इससे पहले वेयर हाउस संचालक वेयर हाउस खाली करने वाले रास्ते पर जानबूझकर जेसीबी से सडक खोद देते थे या फिर गोडाउन में ताला लगाना या कीटनाशक का छिडकाव कर देते थे. लेकिन इस तरह की मनमानी करने पर वेयर हाउस का किराया ही बंद कर दिया जाएगा. ऐसे वेयर हाउसों को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा.

फीफो सिस्टम लागू होने के बाद वेयर हाउसों की स्थिति पूरी तरह से लाईव रहेगी. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पहले सभी निजी वेयर हाउसों से स्टॉक उठाना जरूरी होगा. बाद में सरकारी वेयर हाउस खाली होंगे. बाद में भरने वाले गोडाउन पहले खाली हुए तो पहले भरने वालों को मिलने वाला किराया स्वतः ही बंद हो जाएगा. इस नियम के पहले सरकारी गोडाउन में पहले खाली होते थे. जबकि निजी वेयर हाउस साल भर तक भरे रहते थे.

सीहोर-विदिशा में ज्यादा मनमानी
प्रदेश में ज्यादातर वेयर हाउस नेता या उनके रिश्तेदारों के हैं. सीहोर मुख्यमंत्री का जिला है. यही कारण है कि यहां के नेताओं की अधिक मनमानी रहती है. सीहोर में प्रभावशाली नेताओं और उनके नजदीकी रिश्तेदारों के गोडाउन साल भर ही भरे रहते हैं. जबकि सामान्य लोगों के वेयर हाउस चार महीने में ही खाली हो जाते हैं. वेयर हाउसों में गेहूं और धान के स्टॉक पर अभी 84 रूपये प्रति मीट्रिक टन का किराया दिया जाता है.

फीफो सिस्टम लागू होने के बाद इन वेयर हाउसों की ऑनलाईन मॉनीटरिंग होंगी. वेयर हाउस में सबसे पहले भरने वाले गोडाउन का नाम सबसे उपर होगा. वेयर हाउस को ग्रीन, रेड और यलों रंग से देखा जा सकेगा. जैसे ही वेयर हाउस से माल उठेगा वो ग्रीन हो जाएगा. रेड यानी स्टॉक भरा है और खाली रहने पर यलो रहेगा. वेयर हाउस का स्टॉक पहले भरने के बाद खाली नहीं कराया गया तो पब्लिक पोर्टल पर दिखेगा. बाद में भरने वाले वेयर हाउस संचालक आपत्ति उठा सकेंगे. वेयर हाउस संचालक, फर्म और उनके नाम पते पब्लिक पोर्टल पर देखे जा सकेंगे.

मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के संचालक दीपक सक्सेना के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों पर पारदर्शी नीति फीफो लागू की गई है. इससे वेयर हाउस के स्टॉक की सारी गडबडी पर अंकुश लगेगा.


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