ईशनिंदा के चार आरोपियों को पाकिस्तान में मौत की सजा, पैगंबर मोहम्मद और कुरान के खिलाफ किया था पोस्ट
Updated on
06-09-2023 02:31 PM
लाहौर: पाकिस्तान की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर ईशनिंदा करने के लिए चार युवकों को मौत की सजा सुनाई। देश की शीर्ष जांच एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (रावलपिंडी) एहसान महमूद मलिक ने फेसबुक पर ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने के लिए सोमवार को चारों को मौत की सजा सुनाई। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने कहा कि उनमें से प्रत्येक को कुरान के खिलाफ ईशनिंदा करने के लिए 28 साल की जेल की सजा भी दी गई है।
हालांकि, पांचवें संदिग्ध उस्मान लियाकत को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। एफआईए ने कहा, 'अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश ने लगभग 20 वर्ष के युवकों मुहम्मद अमीन, वजीर गुल, फैजान रजाक और मुहम्मद रिजावान को फेसबुक पर पैगंबर के खिलाफ ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने के लिए सोमवार को मौत की सजा सुनाई।' अदालत ने कहा, 'दोषियों ने सोशल मीडिया पर कुरान के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां साझा की थीं।'
ईशनिंदा का अपराध अक्षम्य
एफआईए ने कहा कि उसकी साइबर-अपराध रोधी शाखा ने पिछले साल उमर नवाज नामक व्यक्ति से शिकायत मिलने के बाद संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। नवाज ने आरोप लगाया था कि संदिग्धों ने सोशल मीडिया पर पैगंबर और कुरान के बारे में निंदनीय सामग्री साझा की थी। जांच एजेंसी ने कहा कि न्यायाधीश ने आरोपियों को उनके सोशल मीडिया अकाउंट के फोरेंसिक सबूत पेश किए जाने के बाद दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा 'पैगंबर मोहम्मद और कुरान के विरुद्ध ईशनिंदा का अपराध अक्षम्य है। इसलिए आरोपी किसी तरह की रियायत या उदारता के हकदार नहीं हैं।'