त्रिपोली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ऑयल इंडिया के लिए लीबिया से अच्छी खबर आई है, जहां उसे तेल और गैस का भंडार मिला है। ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने सोमवार को बताया कि उसने लीबिया में एक ऑनशोर खोज ब्लॉक में तेल और गैस के नए भंडार की खोज की है। इस ब्लॉक में OIL, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ एक भारतीय कंसोर्टियम का हिस्सा है। यह कंसोर्टियम दक्षिण-पश्चिमी लीबिया के घदामेस बेसिन में स्थित ऑनशोर खोज ब्लॉक 'एरिया 95/96' पर काम कर रहा है।ऑयल इंडिया लिमिटेड को लीबिया में तेल और गैस का एक बड़ा भंडार मिलना भारत के लिहाज से शानदार खबर है। यह वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय कंपनी के अंतरराष्ट्रीय अन्वेषण पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकता है। इससे भविष्य में कंपनी को दुनिया के और हिस्सों में सफलता की उम्मीद बढ़ती है।6,630 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ब्लॉक
ऑयल इंडिया ने बताया है कि यह खोज लीबिया के गदामेस बेसिन में पड़ता है। यह ब्लॉक 6,630 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस क्षेत्र को हाइड्रोकार्बन के लिए काफी संभावना वाला माना जाता है। कंपनी के अनुसार, इस ब्लॉक में आठ अन्वेषण कुओं की योजना बनाई गई है। इनमें से पांच की खुदाई पहले ही की जा चुकी है।इस ब्लॉक में छठे कुएं (A1-96/02) की खुदाई के नतीजे के तौर पर नए तेल और गैस की खोज हुई है। लीबिया की नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) ने औपचारिक रूप से इस कुएं को ब्लॉक में हुई पांचवीं खोज के रूप में मान्यता दी है। कंपनी ने कहा है कि इस क्षेत्र की मजबूत हाइड्रोकार्बन क्षमता और संवभावना को साफ दिखाता है।पिछली तेल और गैस खोजें
इस क्षेत्र में साल 2012 और 2014 के बीच चार कुओं से तेल और गैस मिला था। कंपनी ने कहा कि नई खोज एक अचछी खबर है। अब इसका विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा ताकि इसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता और भंडार की क्षमता का आकलन किया जा सके। इसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य पाया जाता है तो फिर विकास चरण में एंट्री ली जाएगी।ऑयल इंडिया ने कहा कि यह खोज उसकी विदेशी संपत्तियों का मूल्य बढ़ा सकती है और भविष्य में राजस्व के नए स्रोत खोल सकती है। साथ ही वैश्विक स्तर पर उसके अन्वेषण के दायरे को और मजबूत कर सकती है। यह इसलिए और अहम हो जाता है क्योंकि ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से दुनिया के बड़े हिस्से में उर्जा संकट है।
यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
ईरान में चल रहे युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री यातायात के प्रवाह को बाधित किया है। इस वैश्विक तेल मार्ग से दुनिया के पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति होती है। आपूर्ति में इस रुकावट से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ गया है। इस पृष्ठभूमि में लीबिया के तेल भंडार का रणनीतिक महत्व बढ़ गया है।
भारत के लिए इस खोज की अपनी अहमियत है। यह खोज भारत के उस प्रयास को भी मजबूती प्रदान करती है, जिसके तहत वह विदेशों में ऊर्जा संपत्तियों को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखता है। यह इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि यह समय में हो रहा है, जब भूराजनीतिक जोखिम आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रहे हैं।