क्या होगा फायदा
रेगुलेटर के मुताबिक इस बदलाव से निगरानी बेहतर होगी और रेगुलेटर जरूरत पड़ने पर जल्दी दखल दे सकेगा। हालांकि, इससे बीच की संस्थाओं की जिम्मेदारी या लोकपाल के फैसले लेने के अधिकार में कोई बदलाव नहीं होगा।मकसद क्या है?
- सब्सक्राइबर्स की शिकायतों का तेजी और तय समय में निपटारा करना।
- शिकायत सुलझाने में शामिल संस्थाओं की जवाबदेही बढ़ाना।
- पूरे सिस्टम को आज के बेहतर सर्विस स्टैंडर्ड और तौर-तरीकों के हिसाब से ढालना।
- सब्सक्राइबर्स के हितों की सुरक्षा के सिस्टम को और मजबूत करना।
- PFRDA की ओर से शुरुआती दौर में ही सीधी निगरानी रखना।
