किराये पर लेना है मकान पहले इन बातों पर कीजिए गौर नहीं तो हो सकती है धोखाधड़ी

Updated on 06-09-2023 03:07 PM
NoBroker.com के Co-Founder और चीफ बिज़नेस ऑफिसर सौरभ गर्ग बताते हैं कि रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन एक निरंतर और उभरता हुआ खतरा है। यह भोले-भाले किराएदारों को धोखा देने के लिए उनकी कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। यहां वह बता रहे हैं कुछ बातें, जिन पर गौर करेंगे तो आप धोखेबाजों के झांसे में न आएंगे और एक किराएदार के तौर पर अपने हितों की रक्षा कर सकेंगे। चाहे आप ऑनलाइन, ऑफलाइन या किसी ब्रोकर के साथ प्रॉपर्टी ढूंढ रहे हों, ये तरीके सब पर लागू होते हैं।

​अव्‍यावहारिक डील्स से सावधान रहें

रियल एस्टेट मार्केट में ललचाने वाली डील्स की कोई कमी नहीं है। वैसे तो आप सौदेबाजी करने की ओर आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन सावधान रहना जरूरी है। लगन के साथ अच्छी तरह से रिसर्च करने और कीमतों की तुलना करने के लिए वक्त निकालें। आप समझदारी भरा और जानकारी भरा नज़रिया अपना कर आत्मविश्वास के साथ रियल एस्टेट लैंडस्केप में आगे बढ़ सकते हैं और बेईमान लोगों द्वारा बिछाए गए मायावी जाल से बच सकते हैं। जिस इलाके में मकान खोज रहे हैं, पहले उस लोकैलिटी में औसत किराया चेक करें और समझें कि आपको क्या ऑफर किया जा रहा है। अगर कोई डील बहुत अच्छी लग रही है और सामने वाली पार्टी इस बहाने से इसे जल्द ही डील क्लोज़ करने के लिए दबाव डाल रही है कि उनकी प्रॉपर्टी की तलाश की जा रही है, तो इसे किराये पर दे देते हैं। फूंक-फूंक कर कदम रखना ही समझदारी है।

खुद जाकर प्रॉपर्टी देखें

वैसे तो वर्चुअल प्रॉपर्टी टूर और इमर्सिव ऑनलाइन लिस्टिंग प्रॉपर्टी को शॉर्टलिस्ट करने का एक बढ़िया तरीका है। लेकिन, हम टोकन मनी को अंतिम रूप देने या जमा करवाने से पहले आपको खुद जाकर प्रॉपर्टी का निरीक्षण करने की सलाह देते हैं। खुद जाकर अच्छी तरह से प्रॉपर्टी का दौरा करने से संभावित खरीदार प्रॉपर्टी के अस्तित्व और हालत को देख सकते हैं और यह पता लगा सकते हैं कि उनकी वर्चुअल उम्मीदें और वास्तविकता आपस में मेल खाती हैं। इस कदम से किराएदार धोखाधड़ी का शिकार होने के रिस्क को कम करते हुए जानकारी और समझदारी भरा फैसला ले सकेंगे। दी गई जानकारी में कितनी सच्चाई है उसका पता लगाने के लिए आपको पड़ोसियों या चौकीदारों/सोसायटी मैनेजर से बात करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रॉपर्टी और मालिक दोनों जेन्युइन हैं। हो सकता है आप किसी दूसरे शहर जा रहे हों और प्रॉपर्टी चेक नहीं कर सकते हैं या खुद उसके मालिक से नहीं मिल सकते हैं, तो आप यह काम करने के लिए अपने किसी परिचित, दोस्त, रिश्तेदार या सहकर्मी की मदद ले सकते हैं।

रेड फ्लैग (किसी मुश्किल या खतरे की चेतावनी) से सावधान रहें

अगर कोई प्रॉपर्टी मालिक यह कहता है कि उसकी प्रॉपर्टी को बहुत सारे लोग खरीदना चाहते हैं, और यह बहाना बनाकर वह आपके द्वारा खुद जाकर प्रॉपर्टी का निरीक्षण किए बिना ही टोकन मनी ट्रांसफर करने के लिए बहुत ज़्यादा दबाव डाल रहा है, तो दोहरी सावधानी बरतें और हर चीज को दो बार चेक करें। किसी को भी अपनी समय सीमा का फायदा न उठाने दें। फंड ट्रांसफर करने से पहले लीज एग्रीमेंट को सॉलिड (पुख्ता) बनाएं। पैसे का लेन-देन करने से पहले हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास एक मजबूत लीज एग्रीमेंट होना चाहिए। उन लिस्टिंग से सावधान रहें जो उचित लीगल डॉक्युमेंट के बिना एडवांस पेमेंट की मांग करती हैं। ऐसे लीज या रेंटल एग्रीमेंट पर जोर दें जिसमें ट्रांज़ैक्शन के नियम और शर्तें स्पष्ट रूप से बताई गई हों। यह एग्रीमेंट किसी भी फाइनेंशियल कमिटमेंट से पहले किराया, डिपॉज़िट और अवधि जैसे अहम विवरणों को स्पष्ट तौर पर परिभाषित करके इसमें शामिल दोनों पार्टियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

पहचान के बारे में आश्वस्त हों

कई बार धोखेबाज खुद को सेना का जवान बताकर कहते हैं कि उनका काम ही ऐसा है कि वे आपसे मिल नहीं पाएंगे। या आपको प्रॉपर्टी नहीं दिखा पाएंगे। वे PAN कार्ड जैसे नकली आइडेंटिटी प्रूफ भी दिखा सकते हैं। ऐसे मामलों में, जब तक आप उनकी पहचान के बारे में पूरी तरह आश्वस्त न हों, तब तक डील आगे न बढ़ाएं या टोकन मनी ट्रांसफर न करें। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें किराए पर मकान लेने वाले व्यक्ति ठगी का शिकार हुए हैं। ये नुकसान रहित एक्शन आपको ऐसे नकली वेबसाइटों या मालिसियस सॉफ्टवेयर के संपर्क में लाने की क्षमता रखते हैं, जिनका उद्देश्य आपकी संवेदनशील जानकारी चुराना या आपके डिवाइस को हैक करना होता है। अपने डिजिटल डोमेन की सुरक्षा के लिए रियल एस्टेट से संबंधित सभी कम्युनिकेशन में सावधानी बरतें। आगे बढ़ाने से पहले किसी भी मैसेज के सोर्स और वैधता को वेरीफाई करें।


खुद कीजिए होमवर्क

आपको ऑफलाइन चैनलों का इस्तेमाल करते समय भी खुद मेहनत करनी होगी और तत्परता दिखानी होगी। सिर्फ ब्रोकर की बात पर भरोसा न करें। किसी को भी टोकन मनी ट्रांसफर करने से पहले इस बात का ध्यान रखना होगा कि दूसरी तरफ वाला इंसान जेन्युइन है। साथ ही बिचौलिए को कोई भी पैसा ट्रांसफर न करें बल्कि सीधे मालिक के अकाउंट में डालें। लिंक और QR कोड में सावधानी बरतें। जब आपको किसी प्रॉपर्टी में दिलचस्पी हो, तो उसके मालिक के विवरण को वेरीफाई करें। हर चीज को दो-तीन बार चेक करें और ट्रांज़ैक्शन क्लोज़ करने में जल्दबाजी न करें। तकनीकी जानकारी से घोटालेबाज और धोखाधड़ी करने वाले लोग आपको लूटने के नए हथकंडे अपनाने लगे हैं। ऐसे फिशिंग ईमेल या मैसेज से सावधान रहें जो आपको संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अजनबियों से QR कोड स्वीकार करने का लालच देते हैं।

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