इस्लामाबाद : भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान डिफॉल्ट होने की कगार पर खड़ा है। सरकार भले इससे इनकार करे लेकिन हकीकत का अंदाजा उन्हें भी है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) चाहता है कि पाकिस्तान श्रीलंका बन जाए, जो पिछले साल विदेशी कर्ज ना चुका पाने के चलते डिफॉल्ट हो गया था। तमाम कोशिशों और लंबी बातचीत के बाद भी पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच कोई समझौता नहीं हो पा रहा है। जैसे-जैसे पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं, उसके नेताओं की आईएमएफ के प्रति झुंझलाहट सामने आने लगी है।
इशाक डार ने गुरुवार को वित्त पर सीनेट की स्थाई समिति की एक बैठक में कहा, 'हम आईएमएफ की हर बात नहीं मान सकते हैं। वे चाहते हैं कि हम श्रीलंका बन जाए, डिफॉल्ट हो जाएं और फिर बातचीत करें।' डार का यह बयान आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान के वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट की आलोचना के बाद आया है। डार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के खिलाफ भू-राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा कि 'दुश्मन देश' चाहते हैं कि पाकिस्तान श्रीलंका बन जाए और फिर आईएमएफ के साथ बात करे।
'आईएमएफ के कहने पर नहीं रोक सकते छूट'
नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के पास बमुश्किल 1 महीने के आयात को कवर करने के लिए ही मुद्रा भंडार बचा है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि 1.1 अरब डॉलर की धनराशि नवंबर में आ जाएगी लेकिन आईएमएफ ने और अधिक भुगतान से पहले पाकिस्तान पर कई कठोर शर्तें लाद दीं। मीटिंग में डार ने कहा, 'पाकिस्तान एक संप्रभु देश है। हमारे राष्ट्रीय हित हैं। आईएमएफ के कहने पर हम युवाओं को आईटी सेक्टर में मिलने वाली छूट को रोक नहीं सकते हैं।'
'इस महीने हो जाएगी डील'
पाक वित्त मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आईएमएफ के साथ बातचीत फेल नहीं हुई है। उन्होंने दोहराया कि इस महीने स्टाफ-लेवल एग्रीमेंट पर साइन कर लिए जाएंगे। डार के मुताबिक सब कुछ व्यवस्थित है और सभी इंतजाम हो चुके हैं। इससे पहले इशाक डार ने कहा था कि अगर आईएमएफ के साथ बात नहीं बनती है तो सरकार 'प्लान बी' पर काम करेगी। हालांकि उन्होंने इस 'प्लान बी' के बारे में सार्वजनिक रूप से खुलकर बात करने से इनकार किया था।