हरा सोना संग्राहकों की बढ़ेगी आय, 920 करोड़ का होगा संभावित भुगतान

Updated on 22-04-2026 01:59 PM
रायपुर। छत्तीसगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है, जो आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है। हाल के नीतिगत बदलावों और सरकारी पहलों के कारण इन संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। 

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दी गई है, जिसका सीधा लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। वर्ष 2026 में राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमान है। एक मानक बोरे में 1000 गड्डियां होती हैं और प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते शामिल रहते हैं। 

लगभग 11 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण होने की संभावना
बस्तर संभाग के 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में करीब 4 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अन्य 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। बस्तर संभाग में वर्ष 2025 के 3.90 लाख परिवारों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है। इस साल अब तक 14 हाजर 57 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं।

10 नए फड़ और बेहतर तैयारी
नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ों की स्थापना की गई है, जहां 2100 से अधिक मानक बोरा संग्रहण का अनुमान है। इसके अलावा सुकमा और केशकाल क्षेत्रों में भी नए फड़ जोड़े गए हैं। पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बाधाओं के कारण 351 फड़ों में संग्रहण नहीं हो सका था, लेकिन इस वर्ष सभी फड़ों में कार्य शुरू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

सुगम संचालन और पारदर्शी भुगतान
संग्रहण कार्य को सुचारू बनाने के लिए संग्राहक कार्ड, बोरा, सुतली, गोदाम और परिवहन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही तेन्दूपत्ता के भंडारण का बीमा भी कराया जा रहा है। संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।

920 करोड़ रुपये का संभावित भुगतान
इस वर्ष निर्धारित दर के अनुसार संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। तेन्दूपत्ता संग्रहण को लेकर सरकार की यह पहल न केवल वनवासियों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 August 2026
अम्बिकापुर।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा  MY Bharat  के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा  "नशामुक्त  युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" का राष्ट्रीय शुभारंभ किया…
 03 August 2026
अम्बिकापुर। राज्य शासन द्वारा जनस्वास्थ्य एवं उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) एवं अन्य गैर-दुग्ध किन्तु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों…
 03 August 2026
अम्बिकापुर।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में संचालित विभिन्न…
 03 August 2026
जशपुरनगर।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (डल् ठींतंज) द्वारा देशव्यापी ष्नशा मुक्त युवा दृ विकसित भारत संकल्प अभियानष् का भव्य शुभारंभ किया गया।…
 03 August 2026
जशपुरनगर ।’मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले के कृषकों को कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं से निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है।इसी कड़ी में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत…
 03 August 2026
सुकमा। कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कामापेदागुड़ा में गुरुवार की रात ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने जनसेवा की नई मिसाल कायम कर दी। घनघोर अंधेरा, लगातार हो…
 03 August 2026
सुकमा।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। सुकमा जिले के दोरनापाल परियोजना अंतर्गत ग्राम कामापेदागुड़ा की निवासी श्रीमती…
 03 August 2026
सुकमा।/जिला पंचायत सुकमा के सभाकक्ष में शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ)  मुकुंद…
 03 August 2026
सुकमा।जिला प्रशासन द्वारा कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में लिपिकवर्गीय राजस्व कर्मचारियों के लिए एकदिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर…
Advt.