2047 में 55 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है भारतीय इकॉनमी, जानिए किसने किया यह दावा
Updated on
22-08-2024 02:25 PM
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन का कहना है कि 2047 तक भारत की इकॉनमी 55 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। लेकिन इसके लिए भारत को डॉलर के संदर्भ में 12% के ग्रोथ रेट से बढ़ना होगा। सुब्रमण्यन ने कोलकाता में एक कार्यक्रम में कहा कि साल 2016 से महंगाई का एक लक्ष्य तय किए जाने से देश में महंगाई की दर को औसतन 5% तक लाने में मदद मिली है। साल 2016 से पहले महंगाई की औसत दर 7.5 प्रतिशत थी। अगर वास्तविक वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने के साथ इंफ्लेशन पांच प्रतिशत रहती है तो बाजार मूल्य पर वृद्धि दर 13 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
वर्ष 2018 से 2021 तक केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके सुब्रमण्यन ने कहा कि डॉलर के हिसाब से भारत की वास्तविक वृद्धि दर 12 प्रतिशत रहेगी। ऐसे में अर्थव्यवस्था का आकार हर छह साल में दोगुना हो जाएगा। भारत की इकॉनमी का मौजूदा आकार 3,800 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए आठ प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करना संभव है। अभी भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी इकॉनमी है और जल्दी ही उसके तीसरे नंबर पर पहुंचने की उम्मीद है। अभी अमेरिका पहले, चीन दूसरे, जर्मनी तीसरे और जापान चौथे नंबर पर है।
कौन-कौन है भारत से आगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार दावा कर चुके हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनमी बन जाएगा। दूसरी तिमाही में जापान की इकॉनमी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है जबकि यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी अभी सुस्ती से बाहर नहीं निकली है। भारत दुनिया में सबसे तेजी से दौड़ रही बड़ी इकॉनमी है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत जल्दी ही जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है। Forbes के मुताबिक अभी अमेरिका की इकॉनमी का साइज $28.783 ट्रिलियन है। चीन की इकॉनमी $18.536 ट्रिलियन, जर्मनी की $4.590 ट्रिलियन और जापान की $4.112 ट्रिलियन है। भारत की इकॉनमी का साइज $3.942 ट्रिलियन डॉलर है।
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