ट्रंप राज में भारतीयों के सामने H1-B वीजा फीस से बड़ा खतरा मंडराया... HIRE एक्ट से बढ़ा डर, बंद होंगे अमेरिका के रास्ते?

Updated on 11-11-2025 01:37 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कुछ हफ्ते पहले एक अहम फैसले में H-1B वीजा की फीस कई गुना बढ़ाई है। इससे खासतौर से अमेरिका में काम करने के इच्छुक भारतीयों के सामने मुश्किल खड़ी हुई है। भारतीय अभी वीजा फीस को लेकर बढ़ी मुश्किल से पार भी नहीं पा सके हैं कि अमेरिका ने नई बाधा खड़ी करने की तैयारी कर ली है। इस नई मुश्किल का नाम प्रस्तावित हायर अधिनियम (HIRE Act) है। इसमें विदेशी कर्मचारियों को आउटसोर्स करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर 25 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। एक्सपर्ट का कहना है कि इसने कानून का रूप लिया तो यह भारतीयों के लिए H-1B वीजा फीस की वृद्धि से ज्यादा परेशानी खड़ी करेगा।

प्रस्तावित हॉल्टिंग इंटरनेशनल रिलोकेशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट (HIRE) अधिनियम 2025 अमेरिका में प्रदान की गई सेवाओं के लिए विदेशी कर्मचारियों को भुगतान करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर 25 प्रतिशत टैक्स कर लगाकर भारतीय प्रतिभाओं की आवश्यकता को काफी कम कर सकता है। अमेरिका की आउटसोर्सिंग को लक्षित करने के कारण HIRE अधिनियम भारतीयों की चिंता बढ़ा रहा है।


एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं

DeKoder के साथ एक बातचीत में RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को वस्तुओं से बढ़ाकर सेवाओं तक लाने पर चिंता जताई है। राजन ने कहा कि हम देख रहे हैं कि टैरिफ अब सर्विस की ओर बढ़ रहा है। यह एक गंभीर खतरा है। नया HIRE अधिनियम आउटसोर्स किए गए काम पर सीधे कर लगा सकता है।
राजन कहते हैं कि हायर का भारत जैसे देशों पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि कंपनियां बहुत सारे भारतीय कर्मचारियों को रखती हैं। राजन का मानना है कि HIRE अधिनियम के खराब प्रभाव 21 सितंबर के बाद आवेदन करने वाले H-1B वीजा आवेदकों के लिए लागू किए गए 100,000 डॉलर की फीस से आगे जा सकते हैं।

HIRE ACT क्या है?

रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर बर्नी मोरेनो ने HIRE ACT को पेश किया है। इसका उद्देश्य अमेरिकी निगमों को विदेशी श्रम के माध्यम से कम वेतन पाने से रोककर आउटसोर्सिंग से रोकना है। इस विधेयक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह अमेरिकी कंपनियों की आउटसोर्सिंग गतिविधियों पर टैक्स लगाने का प्रयास करता है।

इस बिल में कहा गया है कि जो भी अमेरिकी कंपनियां टेक जॉब्स को आउटसोर्स करती हैं, उन पर 25% टैक्स लगाया जाएगा। अगर ये बिल कानून बन जाता है, तो फिर जो भारत के आईटी सेक्टर को सबसे ज्यादा झटका लगेगा, क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा मार्केट है और यहां की कंपनियां आईटी प्रोजेक्ट्स को भारत में ही भेजती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.