भारत के वफादार, धोखेबाज... मुत्ताकी के दिल्ली दौरे से पहले खौफ में था पाकिस्तान, तालिबान को पहले दी धमकी फिर किया हमला

Updated on 10-10-2025 04:43 PM
इस्लामाबाद/काबुल: अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के भारत आते ही पाकिस्तान ने काबुल पर कुछ एयरस्ट्राइक किए हैं। पाकिस्तान ने काबुस पर हमले से पहले तालिबान को चेतावनी दी थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान को धमकाया था। पाकिस्तान के नेता किसी भी तरह से अफगान विदेश मंत्री का दिल्ली दौरा रोकना चाहते थे। हालांकि फिर भी मुत्ताकी भारत आए और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की है। इसके अलावा उनकी मुलाकात NSA अजीत डोभाल से भी होने वाली है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान का ये हमला पूरी तरह से राजनीतिक है। वो तालिबान को भारत से बढ़ते संबंधों को लेकर चेतावनी देने की कोशिश कर रहा है। न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक काबुल में टीटीपी प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले से महज 48 घंटे पहले, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कई तीखे बयानों के जरिए तालिबान को धमकाने की कोशिश की थी।

पाकिस्तान ने तालिबान को क्यों दी थी चेतावनी?
शहबाज शरीफ ने देश की केन्द्रीय कैबिनेट को संबोधित करते हुए अफगानिस्तान के लोगों को "पाकिस्तान का दुश्मन" करार दिया और कहा, "हमने उन्हें सम्मान दिया, उन्होंने हमें धोखा दिया।" शहबाज शरीफ ने आगे "अफगान शरणार्थियों और काबुल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई" का संकल्प लेते हुए कहा कि "आतंकवादी पड़ोसी अफगानिस्तान से आ रहे हैं और पाकिस्तान पर हमला कर रहे हैं"। शहबाज शरीफ ने इस दौरान कहा था कि "बस बहुत हो गया.. अब आतंकवादियों को कुचलने का समय आ गया है, चाहे वे कहीं से भी आएं।" शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर "आतंकवादियों को कुचलने के लिए संकल्प ले चुके हैं।" शहबाज शरीफ ने आगे कहा था कि "हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं और आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं।" शहबाज शरीफ के इस बयान के ठीक 48 घंटे के भीतर पाकिस्तान ने काबुल में कई एयरस्ट्राइक किए हैं।
शहबाज शरीफ का ये बयान ना सिर्फ अफगानिस्तान का अपमान है, बल्कि तालिबान के भारत के करीब आने को लेकर पाकिस्तान की हताशा को भी दिखाता है। तालिबान के काबुल पर नियंत्रण के बाद पूरे पाकिस्तान में जश्न मनाया गया था, मिठाई बांटे गये थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने तो यहां तक कह दिया था कि 'अफगानों ने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं'। पाकिस्तान मानकर चल रहा था कि तालिबान उनके इशारों पर काम करेगा और अफगानिस्तान एक तरह से पाकिस्तान का पांचवां प्रांत होगा। लेकिन तालिबान ने साफ कर दिया कि वो अपने हिसाब से देश चलाएगा और उसे इस्लामाबाद से आदेश लेने की कोई जरूरत नहीं है। उसके पास से ही पाकिस्तान, तालिबान पर बौखलाया हुआ है
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी धमकाया
शहबाज शरीफ के अलावा ख्वाजा आसिफ ने भी तालिबान को चेतावनी दी थी। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की संसद में बोलते हुए अफगानिस्तान को "आतंकवाद का गढ़" करार दिया। उन्होंने कहा कि "काबुल को अब तय करना होगा, या तो वो हमारे साथ हैं या आतंकवादियों के साथ।" आसिफ ने यह भी दावा किया कि अफगान तालिबान ने टीटीपी के 6-7 हजार लड़ाकों को नियंत्रित करने के बदले पाकिस्तान से 10 अरब रुपये की मांग की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने अफगानों पर भारत के प्रति झुकाव रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि "अफगान हमेशा से भारत के प्रति वफादार रहे हैं, अतीत में भी और आज भी।"
पाकिस्तान और तालिबान में चरम पर तनाव
पाकिस्तान ने तालिबान के विदेश मंत्री के भारत दौरा शुरू होने के साथ ही काबुल पर हमला कर दिया। जिसमे टीटीपी चीफ नूर वली के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि उसके बेटे की मौत की भी रिपोर्ट है। इस हमले ने पाकिस्तान और तालिबान के बीच पहले से ही खराब संबंध को काफी खराब कर दिया है। तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा को पाकिस्तान अपनी "कूटनीतिक हार" मान रहा है।दूसरी तरफ मुत्ताकी का नई दिल्ली में गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। वो भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल से भी मुलाकात करने वाले हैं। अजीत डोभाल का नाम सुनकर पाकिस्तानी पहले से ही डरते रहे हैं। इसीलिए मुत्ताकी के भारत दौरे ने इस्लामाबाद में चिंता पैदा कर दी है कि भारत एक बार फिर से अफगानिस्तान में उसपर हावी हो चुका है। पाकिस्तान को डर है कि इससे उसका अफगानिस्तान में दशकों पुराना प्रभाव खत्म हो जाएगा और टीटीपी के खिलाफ उसकी रणनीतिक बढ़त भी कमजोर पड़ेगी। इन घटनाओं के बीच, पाकिस्तान सरकार अब "अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ बड़े अभियान" की तैयारी कर रही है और पाकिस्तान का कहना है कि अफगानों ने उनके साथ दगाबाजी की है, गद्दारी की है, इसीलिए वो अफगानिस्तान को सजा देगा।

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