भवन निर्माण अनुज्ञा के विपरीत एवं बिना अनुज्ञा हुए निर्माण के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश

Updated on 03-09-2022 05:06 PM

आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने सभी नगरपालिक निगमों के आयुक्त और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अवैध अथवा अनुज्ञा लिए बिना किए गए अतिरिक्त निर्माण को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये यह आवश्यक है कि नगरीय निकाय क्षेत्र में ऐसे निर्माणाधीन भवनों विशेषकर बहुमंजिला एवं ऊँचे भवनों को तत्काल चिन्हित किया जाए, जिनमें अनुज्ञा एवं स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अथवा अनुज्ञा के बिना ही भवन निर्माण किया जा रहा है।

आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा है कि भवन अनुज्ञा जारी होने के बाद भवन का निर्माण, अनुज्ञा एवं स्वीकृत मानचित्र के अनुसार हो रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिये म.प्र. भूमि विकास नियम- 2012 में भवन निर्माण के विभिन्न चरण प्लिन्थ, लिन्टल आदि स्तर के कार्य पूर्ण होने पर नगर पालिका के तकनीकी अमले द्वारा पर्यवेक्षण करने का प्रावधान है, जिसका पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाये जाने पर अधिनियम के प्रावधान से तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ करें।

आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि 20 सितम्बर 2022 तक ऐसे सभी अवैध निर्माणाधीन भवनों को चिन्हित करें और अधिनियम के प्रावधान से तत्काल कार्यवाही करें। कार्यवाही का प्रथम प्रतिवेदन 20 सितम्बर 2022 तक संचालनालय भेजें और प्रत्येक माह की 7 तारीख तक पिछले माह की कार्यवाही का प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करायें। यह जानकारी संचालनालय के कालोनी सेल ई-मेल आई.डी. colonycell@mpurban.gov.in में भी उपलब्ध कराएँ।

उल्लेखनीय है कि नगरपालिका परिषद और नगर परिषद क्षेत्र में म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के उपबन्ध अनुसार भवन निर्माण की अनुज्ञा प्रदान की जाती है। भवन निर्माण अनुज्ञा में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के उपबन्धों एवं म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के सभी सुसंगत प्रावधानों का पालन किया जाना अनिवार्य है। भवन निर्माण अनुज्ञा एवं स्वीकृत मानचित्र के अनुसार भवन का निर्माण सुनिश्चित करने एवं भवन निर्माण पूर्ण होने पर अधिनियम की धारा 191 के उपबन्ध अनुसार पूर्णता प्रमाण पत्र तथा भवन के अधिभोग की अनुज्ञा भी आवश्यक है।

श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रायः यह देखने में आया है कि नगरीय निकाय क्षेत्र में ऐसे कई भवन निर्मित और निर्माणाधीन है, जिनमें स्वीकृत एफ.ए.आर. से अधिक एवं स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण किया गया है। अधिनियम में पर्याप्त प्रावधान होने पर भी नगरीय निकाय के अधिकृत अमले द्वारा यथा समय कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती है। इससे इस तरह के निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा भवन निर्माण पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र एवं अधिवास की अनुज्ञा प्राप्त किये बिना ही भवनों को उपयोग में लाया जा रहा है, जो अधिनियम के विपरीत है। अधिनियम के विपरीत निर्मित भवन एवं इनके अनाधिकृत उपयोग से अग्नि दुर्घटनाओं की सम्भावना भी रहती है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 02 May 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बीयर का सीमित स्टॉक है। प्रीमियम ब्रांड की बीयर ही नहीं मिल रही है। इसका लाभ उठाते हुए शराब विक्रेता दुकानों पर 50 से 80 रुपये महंगी…
 02 May 2026
भोपाल। शहर के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पास स्थित झुग्गी बस्ती हटाने की कार्रवाई शनिवार से शुरू हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बैरिकेडिंग कर दी…
 02 May 2026
भोपाल। शहर के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पास बसी करीब 70 साल पुरानी बस्ती को हटाने की कार्रवाई गुरुवार को तेज हो गई। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग…
 02 May 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रिक्त पदों पर भर्ती की कवायद तेज हो रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अब कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ)…
 01 May 2026
भोपाल, भोपाल के करीब 75 इलाकों में शुक्रवार को जलप्रदाय नहीं होगा। ये इलाके कोलार लाइन से जुड़े हैं। गुरुवार को कोलार फिल्टर प्लांट की बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई। इस…
 01 May 2026
भोपाल, दो महीने की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए,…
 01 May 2026
भोपाल। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में हिट एंड रन का मामला सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे…
 01 May 2026
भोपाल। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) प्रबंधन ने जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स के रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। विभिन्न विभागों में कुल 13 डॉक्टरों…
 01 May 2026
 भोपाल। श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने चार नई श्रम संहिताओं का प्रविधान किया है। प्रदेश में भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार करके लागू…
Advt.