इजरायल ने 11 लाख लोगों को गाजा छोड़ने की दी चेतावनी, चीन में इजरायली राजनयिक पर चाकू हमला, जानें अपडेट

Updated on 13-10-2023 02:03 PM
तेल अवीव: इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है और दिन पर दिन यह संकट गहराता जा रहा है। इजरायल की सेना ने गुरुवार को गाजा में संभावित जमीनी हमले की तैयारी कर ली है। संयुक्‍त राष्‍ट्र की तरफ से बताया गया है कि इजरायल ने उत्तरी गाजा में 11 लाख लोगों को स्थान छोड़ने का आदेश दिया है। फिलिस्‍तीन के आतंकी संगठन हमास की तरफ से पिछले शनिवार सात अक्‍टूबर को इजरायल पर चौंकाने वाला हमला किया गया था। युद्ध के बीच ही अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन मिडिल ईस्‍ट की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। उनके दौरे से अलग अब रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भी इजरायल जाने वाले हैं। अब तक इस जंग में दोनों तरफ से कम से कम 2800 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हैं।

  • चीन में इजरायली दूतावास के कर्मचारी पर चाकू से हमला हुआ है। इससे दुनियाभर में इजरायली राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर संकट बढ़ गया है। इजरायली राजदूत की पहचान अभी नहीं बताई गई है। चीन ने अभी तक इस राजनयिक के बारे में नहीं बताया है। चीन की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अभी यह भी नहीं स्‍पष्‍ट हो सका है कि गाजा में चल रही हिंसा से इसका संबंध था या नहीं।
हमास बोला, कोई नहीं जाएगा
  • इजरायली की सेना ने शुक्रवार को गाजा शहर के सभी नागरिकों से दक्षिण का हिस्‍सा खाली करने के लिए कहा है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज की तरफ से बयान में कहा गया है कि आईडीएफ अपनी सुरक्षा के लिए गाजा शहर के सभी नागरिकों को उनके घरों से दक्षिण की ओर निकालने और वाडी गाजा के दक्षिण क्षेत्र में जाने की अपील करता है संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि उत्‍तरी गाजा की पूरी 1.1 मिलियन आबादी को घिरे क्षेत्र के दक्षिण में निकालने का इजरायली सैन्य आदेश बड़े मानवीय परिणामों के बिना 'असंभव' था। दूसरी ओर हमास ने गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनियों से कहा कि वो अपने घरों को न छोड़ें। हमास ने इजरायल पर संदेश भेजकर 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसके तहत ही फिलिस्तीनी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को क्षेत्र खाली करने के लिए कहा गया था।

गाजा पर लगातार हमले
  • इजरायली सशस्त्र बलों ने गाजा पर लगातार हवाई हमले किए। लापता अमेरिकियों का पता लगाने और अमेरिकी बंधकों को मुक्त कराने के मिशन पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन यहां पहुंचे। उन्‍होंने इजरायल के साथ मीटिंग के बाद हमास के हमले की निंदा की। बंधकों की रिहाई के लिए वैश्विक प्रयास शुरू किए गए हैं, जिनमें अमेरिकी नागरिकों सहित विदेशी नागरिक और अन्य शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता पर दबाव डाल रहा है, ब्रिटेन अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र और यूरोपीय संघ से मुक्त मार्ग प्रदान करने के लिए मध्य पूर्व के देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
सऊदी अरब पर बातचीत का दबाव
    • अमेरिका ने सऊदी अरब पर बंधकों की रिहाई के लिए हमास से बातचीत करने का दबाव डाला। इजरायल द्वारा गाजा पर हवाई हमले शुरू करने के बाद से 447 बच्चों और 248 महिलाओं सहित कम से कम 1,417 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों सहित विदेशी नागरिकों के साथ इजरायलियों के अपहरण के अलावा कई सैनिकों और निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी।

    अमेरिकी रक्षा मंत्री आज इजरायल में

    • इजरायल के लिए समर्थन दिखाने के मकसद से लॉयड ऑस्टिन शुक्रवार को इस देश की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। इसके एक दिन पहले ही यानी गुरुवार को विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की है। नेतन्याहू ने कहा है कि ब्लिंकन का दौरा अमेरिका का इजरायल के लिए पूर्ण समर्थन का ठोस उदाहरण है। वहीं ब्लिंकन ने कहा वह अपने साथ यह संदेश लेकर आए हैं इजरायल इतना ताकतवर है कि खुद अपनी रक्षा कर सके लेकिन जब तक अमेरिका है उसे इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। हर कदम पर अमेरिका उनके साथ है।
  • सीरिया में भी हमले
      • दूसरी ओर सीरिया की सरकारी मीडिया की तरफ से बताया गया है कि गुरुवार को दमिश्क और उत्तरी शहर अलेप्पो के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को इजरायल ने निशाना बनाया है। इससे उनके रनवे क्षतिग्रस्त हो गए। सरकारी समाचार एजेंसी ‘सना’ ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ। इजरायल की सेना ने इन संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हमास के घातक हमलों के बाद सीरिया पर यह पहला इजरायली हमला है। हवाई हमले उस दिन हुए जब ईरान के विदेश मंत्री क्षेत्र के अस्थिर हालात पर चर्चा के लिए सीरिया आने वाले थे।

      हमास ने रिहाई से किया इनकार
      • हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इजरायली बंधकों की अदला-बदली करना जल्दबाजी होगी, जिन्हें आतंकवादी समूह ने 7 अक्टूबर को यहूदी राष्ट्र पर अचानक हमला करने के बाद बंदी बना लिया था। बुधवार को दोहा से सीएनएन से बात करते हुए इज्जत अल-रिशेक ने कहा, 'हम इस मुद्दे पर तभी चर्चा करेंगे जब हमारे लोगों के खिलाफ इजरायली आक्रमण खत्म हो जाएगा।' संगठन ने इस बात से इनकार करते हुए कि इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमले को अंजाम देने में हमास को ईरान या लेबनान में हिजबुल्लाह से कोई मदद मिली थी।

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