UNSC में सुधार पर देरी को लेकर बरसे जयशंकर, अफ्रीका की धरती से बोले- भारत का प्रतिनिधित्व न होना स्वीकार्य नहीं

Updated on 10-10-2026 12:19 PM
अदीस अबाबा: इथियोपिया के दौरे पर पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक संस्थाओं में सुधारों को लेकर अड़ंगा लगाने वालों पर जमकर बरसे। जयशंकर ने भारत और अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक साझेदारी को मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत और अफ्रीका ऐसी पुरानी वैश्विक व्यवस्था का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर उनके हितों को नजरअंदाज करती है।

सुधारों में देरी पर बरसे जयशंकर

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार प्रक्रिया पर देरी को लेकर निशाना साधा और कहा कि सुधारों में देरी और बदलाव को कमजोर करने की जानबूझकर कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर फैसले लेने की प्रक्रिया में भारत और अफ्रीका का प्रतिनिधित्व न होना या कम प्रतिनिधित्व होना स्वीकार्य नहीं है।
अदीस अबाबा के अडवा मेमोरियल म्यूजियम में एक सभा को संबोधित करते हुए जयशंकर ने साल 2023 की G20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता दिलाने के भारत के प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर भी लागू होता है।


मौजूदा परिषद न तो प्रभावी ढंग के काम करती है और न ही निष्पक्ष रूप से प्रतिनिधित्व करती है। ये दोनों कमियां साफ तौर पर एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इस दशक में संयुक्त राष्ट्र का महत्व लगातार कम हुआ है और वह बड़ी चुनौतियों के सामने बेबस नजर आया है।
जयशंकर, भारतीय विदेश मंत्री

जयशंकर ने बताया UNSC में सुधार का मकसद

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि सुधार का मकसद सिर्फ मौजूदा व्यवस्था में सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि वैश्विक शासन को ज्यादा लोकतांत्रिक, जवाबदेह और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाना है। ताकि संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा सक्षम और विश्वसनीय बनाया जा सके। उन्होंने अफ्रीका के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दोनों श्रेणियों में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की मांग की।

भारत-अफ्रीका संबंध हजारों साल पुराने

महाद्वीप के साथ जुड़ाव का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि अफ्रीका भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने भारत और अफ्रीका के संबंधों को हजारों साल पुराना बताया। उन्होंने कहा, भारत और अफ्रीका की विकास से जुड़ी उम्मीदें और ऐतिहासिक अनुभव एक जैसे हैं। इसके साथ ही दोनों एक ज्यादा न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जयशंकर ने दोनों के विकास लक्ष्यों का जिक्र किया और कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "हम अपनी आजादी की 100वीं सालगिरह तक खुद को बदलना चाहते हैं। इसी तरह अफ्रीका ने एजेंडा 2063 के जरिए अपना विजन पेश किया है, जिसमें उस अप्रीका की रूपरेखा बताई गई है जिसे हम चाहते हैं।"

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 October 2026
लंदन/इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे बंद कमरों में 'बैकचैनल बातचीत' का दौर शुरू होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। किंग्स कॉलेज लंदन की वॉर स्टडीज…
 10 October 2026
अस्ताना: कजाकिस्तान के घास के मैदानों में 200 साल बाद दुनिया के आखिरी बचे असली जंगली घोड़े की वापसी हो गई है। इसी साल 22 अगस्त की सुबह कजाकिस्तान के…
 10 October 2026
अदीस अबाबा: इथियोपिया के दौरे पर पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक संस्थाओं में सुधारों को लेकर अड़ंगा लगाने वालों पर जमकर बरसे। जयशंकर…
 10 October 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका ने शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ और ICC की पूर्व…
 10 October 2026
सैन जोस: मध्य अमेरिका के खूबसूरत देश कोस्टा रिका के दक्षिणी डिक्विस डेल्टा क्षेत्र में लगभग 100 साल पहले जब केला के बागानों के लिए घने वर्षावनों को साफ किया…
 10 October 2026
न्यूयॉर्क: शुक्रवार को भारत ने UN जनरल असेंबली की पहली कमिटी में 'राइट ऑफ रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। भारत ने कहा कि परमाणु हथियारों को…
 08 October 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी कमेटी की बैठक में पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने जिस आतंकवाद को पैदा किया था, अब…
 08 October 2026
वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका मिलकर हिंद महासागर में अपनी स्थति मजबूत करने के प्लान पर काम कर रहे हैं। दोनों देशों की श्रीलंका , मालदीव और मॉरीशस जैसे क्षेत्रीय देशों…
 08 October 2026
बर्लिन: जनवरी 2007 में जर्मनी में नौ साल के फेलिक्स फिंकबाइनर चौथी कक्षा में थे तो उन्हें क्लाइमेट चेंज ( जलवायु परिवर्तन ) पर प्रेजेंटेशन देना था। इसी पर पढ़ते…
Advt.