भारत के जिगरी मुस्लिम दोस्त के मिलिट्री अड्डे पर चीनी सैनिकों की तैनाती, US इंटेलिजेंस का खुलासा, F-35 स्टील्थ फाइटर सौदा रद्द

Updated on 25-11-2025 01:36 PM
वॉशिंगटन: भारत के जिगरी इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लेकर यूएस इंटेलिजेंस ने बड़ा खुलासा किया है। मिडिल ईस्ट आई ने अमेरिका के दो पुराने सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारियों के हवाले से खुलासा किया है कि UAE में चीन के सैनिक तैनात किए गये थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है, कि संयुक्त अरब अमीरात ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों को अबू धाबी स्थित जायेद मिलिट्री सिटी में तैनात होने की अनुमति दी थी। मिडिल ईस्ट आई ने गोपनीयता का हवाला देते हुए उन दोनों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अमेरिका ने UAE से अपने अधिकारियों को उस इलाके में जाने और जांच करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन UAE ने अमेरिका के अनुरोध को खारिज कर दिया था। इसके बाद ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सक्रिय रूप से जानकारी जुटानी शुरू की और उन्होंने 2020 के आसपास पता लगाया कि PLA के सैनिक वहां मौजूद थे। हालांकि, अधिकारियों ने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया कि उन्होंने चीनी सैनिकों की मौजूदगी का पता कैसे लगाया और चीनी सैनिकों की भूमिका क्या थी?
संयुक्त अरब अमीरात में चीनी सैनिक
मामले से वाकिफ लोगों में से एक ने कहा कि US अधिकारियों ने जायद मिलिट्री सिटी के एक हिस्से में जाने की इजाजत मांगी और उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया गया, जिसके बाद US ने बेस के बारे में और जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया। इस जानकारी का खुलासा करने वाले अमेरिका के दोनों इंटेलिजेंस अधिकारियों ने बताया है कि उन्हें चिंता थी कि PLA, UAE में अमेरिकी सेना के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए जायद मिलिट्री सिटी का इस्तेमाल कर सकता है। आपको बता दें कि UAE का अल धफरा एयर बेस, US की 380वीं एयर एक्सपेडिशनरी फोर्स को होस्ट करता है और अबू धाबी से सिर्फ 20 मील दक्षिण में है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि US को जायद मिलिट्री सिटी में PLA के साथ UAE के अरेंजमेंट और कुछ पूर्वी एशियाई देशों के फाइनेंशियल मदद के बदले PLA को होस्ट करने के US खुफिया जानकारी के बीच समानताएं दिखीं। अबू धाबी में जायद मिलिट्री सिटी में चीनी एक्टिविटी की पहले कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
चीन-संयुक्त अरब अमीरात मिलिट्री संबंध
मिडिल ईस्ट आई के मुताबिक, फिलहाल ये साफ नहीं है कि चीन के सैनिक अभी भी यूएई में मौजूद हैं या नहीं। US ने UAE पर चीन के साथ मिलिट्री तौर पर नजदीकी बढ़ाने के खिलाफ लॉबिंग की है, हालांकि यह मुद्दा वॉशिंगटन के साथ संबंधों में अभी भी रुकावट डाल रहा है। साल 2021 में द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन, अबू धाबी के पास एक मिलिट्री पोर्ट बना रहा है। उस आर्टिकल के छपने के कुछ हफ्ते बाद, WSJ के एक अलग आर्टिकल में दावा किया गया कि UAE ने US के कहने पर प्रोजेक्ट रोक दिया है। लेकिन द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्कॉर्ड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर जारी क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स में कहा गया कि एक साल बाद, फैसिलिटी पर काम फिर से शुरू हो गया था। चीन और संयुक्त अरब अमीरात के बीच अब खुलकर सैन्य रिश्ते बनने लगे हैं। साल 2024 में दोनों देशों ने चीन के शिनजियांग में एक ज्वाइंट एयरफोर्स ड्रिल भी की थी।

F-35 स्टील्थ फाइटर जेट सौदा रद्द
संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका करीबी सिक्योरिटी और इकोनॉमिक पार्टनर रहे हैं। लेकिन हाल के सालों में चीन की वजह से दोनों देशों के बीच का रिश्ता खराब हुआ है। कतर और सऊदी अरब की तरह, UAE ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार, खासकर ट्रंप के दामाद, जेरेड कुशनर को अपने पाले में किया है। पिछले हफ्ते, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने UAE की सरकारी AI कंपनी, G42, और उसकी सऊदी कॉम्पिटिटर, हुमैन को हजारों एडवांस्ड AI चिप्स के एक्सपोर्ट को मंजूरी दी। Nvidia जैसी टेक फर्मों ने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के इस फैसले का स्वागत किया, जिन्हें सेल्स बढ़ाने के लिए एक्सपोर्ट मार्केट की जरूरत है। लेकिन इससे US डिफेंस और सिक्योरिटी एस्टैब्लिशमेंट के कुछ सदस्य नाराज हो गए हैं, जो यूएई में चीन के बढ़ते असर से परेशान हैं।
अमेरिका के एक पुराने सीनियर अधिकारी ने मिडिल ईस्ट आई को बताया है कि "सऊदी शायद थोड़े बेहतर हों, लेकिन मुझे नहीं लगता कि UAE, US के प्रति वफादार रहेगा।" इससे पहले अक्टूबर में, द फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि कैसे 2022 में अमेरिका को खुफिया जानकारी मिली कि UAE की G42 कंपनी ने चीन की हुआवेई को वह टेक्नोलॉजी दी, जिसका इस्तेमाल PLA ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की रेंज बढ़ाने के लिए किया। इसी के बाद अमेरिका के पूर्ववर्ती बाइडेन प्रशासन ने UAE के साथ F-35 स्टील्थ फाइटर जेट का सौदा भी रद्द कर दिया था।

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