अमेरिकी हाउस में ट्रम्प की पार्टी को बहुमत:मिड टर्म इलेक्शन में इस हाउस की 218 सीटें जीतें

Updated on 17-11-2022 06:38 PM

अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस) में 218 सीटें जीत ली हैं। अब अमेरिकी संसद के लोअर हाउस में रिपब्लिकन्स का कंट्रोल होगा। इस पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वो ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा- मैं अमेरिकी जनता की सेवा के लिए किसी भी पार्टी- डेमोक्रेटिक या रिपब्लिकन के साथ काम करूंगा। जनता बस इतना चाहती है कि उनका काम होता रहे। मैं जनता के लिए काम करने के लिए तैयार हूं।

अब कमजोर पड़ जाएंगे बाइडेन

  • बाइडेन के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव में जीत अहम थी। यहां बहुमत खो देने के बाद अब वो काफी कमजोर हो जाएंगे। बाइडेन को हर बड़ा फैसला लेने के लिए संसद में विपक्ष यानी डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के भरोसे रहना होगा।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव में जिस भी पार्टी की जीत होती है उस पार्टी का संसद में दबदबा होता है। वही पार्टी कानून बनाने में ज्यादा अहम रोल अदा करती है।
  • यहां ट्रम्प की पार्टी की जीत हुई है। इसका मतलब ये है कि उनकी पार्टी तय करेगी कि किन कानूनों पर वोटिंग होगी। इसके अलावा रिपब्लिकन्स बाइडेन के एजेंडों पर रोक लगा सकेंगे।
  • संसद के दोनों सदनों के काम पर एक नजर
    भारत की तरह अमेरिका में भी संसद ही कानून बनाती है। हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव तय करता है कि किन कानूनों पर वोटिंग होगी। इसके बाद सीनेट उन कानूनों को अप्रूव या ब्लॉक करता है। इसके साथ ही सीनेट राष्ट्रपति ने जिन लोगों को नियुक्त किया है उन्हें कन्फर्म करता है। यहां तक की जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के खिलाफ जांच भी सीनेट ही करता है।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस) में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच कांटे की टक्कर थी। बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी यहां 211 सीटें जीती। मिड टर्म इलेक्शन के नतीजे 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी का आधार तय करते हैं। आसान शब्दों में समझें तो लोगों के वोटों के आधार पर राष्ट्रपति उम्मीदवार का आंकलन किया जाता है और राष्ट्रपति चुना जाता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…
 11 March 2026
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया में दावा किया है कि युद्ध के दौरान मोजतब खामेनेई घायल हो गए थे। हालांकि,…
 11 March 2026
शैलेंद्र पांडेय, तेहरान/नई दिल्‍ली: इसे डॉनल्ड ट्रंप की मासूमियत कह लीजिए या फिर नादानी कि उन्हें डिप्लोमेसी की मान्य भाषा नहीं आती। वह शब्दों को मर्यादा के कपड़े नहीं पहनाते, बस…
 11 March 2026
रियाद/अबू धाबी: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की धमकियों के बीच खाड़ी में दो ऐसे पाइपलाइन हैं जिनसे दुनिया को तेल और गैस की सप्लाई हो सकती है। एक सऊदी अरब में…
 11 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी…
 11 March 2026
सियोल/वॉशिंगटन: ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की…
 09 March 2026
इस्लामाबाद/बीजिंग: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान अब अपने 80 फीसदी हथियार चीन से खरीदता है। SIPRI ने 2026 के लिए नई रिपोर्ट…
 09 March 2026
नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया। इससे पहले 2006 की पहली जनक्रांति के बाद हुए…
Advt.