चरम पर पहुंचने वाली है सूर्य में हलचल, समय से पहले ही आएंगे सौर तूफान, पृथ्वी के लिए ये खतरा

Updated on 28-06-2023 07:55 PM
वॉशिंगटन: एक बड़ा सौर तूफान अनुमान से पहले ही पृथ्वी से टकरा सकता है। इसके परिणाम पृथ्वी के लिए विनाशकारी हो सकते हैं। जब सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र पलटता है तो इसमें गतिविधि बढ़ जाती है। गतिविधि के बढ़ने से प्लाज्मा अंतरिक्ष में निकलता रहता है। जब यह गतिविधि चरम पर होती है तो यह समय सोलर मैक्सिमम कहलाता है और यह तेजी से पास आ रहा है। सौर तूफान बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके साथ ही अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट और यान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि अगला सौर तूफान अपेक्षा से बहुत पहले आ सकता है। पहले 2025 में तूफान के चरम पर होने की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन अब माना जा रहा है कि ये इसी साल के अंत तक आ जाएगा। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के सौर भौतिक विज्ञानी एलेक्स जेम्स के मुताबिक सूर्य से पृथ्वी की ओर निकलने वाला विशाल फोर्स समस्या पैदा कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक हर चक्र अलग होता है। वह मानते हैं कि सूर्य के धब्बों को देखने से सौर विस्फोट की कठोरता का पता लगाया जा सकता है

सूर्य की सतह पर सनस्पॉट
जनवरी 2023 में अनुमान से ज्यादा सनस्पॉट सूर्य की सतह पर देखे गए हैं। उन्होंने कहा, 'सनस्पॉट तब दिखाई देते हैं जब मजबूत चुंबकीय क्षेत्र सूर्य की सतह से होकर गुजरता है। उन सनस्पॉट को देखकर हम अंदाजा लगा सकते हैं कि उस समय सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र कितना मजबूत और जटिल है।' पिछले कुछ वर्षों में सोलर फ्लेयर के सूर्य की सतह से निकलने में वृद्धि देखी गई है। सोलर मैक्सिमम हानिकारक होगा वह इसी से पता चलता है।

क्या होता है असर
जेम्स का मानना है कि तूफान अपेक्षा से ज्यादा जल्दी चरम पर होगा। यानी कि इसकी तैयारी के लिए कम समय बचा है। वैज्ञानिकों को अभी भी इस बात की सटीक जानकारी नहीं है कि यह सौर तूफान कितने समय तक चलेगा। हालांकि पिछले सौर तूफान को देखते हुए माना जा रहा है कि यह एक से दो साल के बीच हो सकता है। इस सौर तूफान का असर रेडियो सिग्नल पर हो सकता है। कुछ देर के लिए यह काम करना बंद कर सकते हैं। इसके साथ ही इसके कारण जीपीएस को भी नुकसान हो सकता है।


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