
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के चौथना गांव में जादू-टोने के शक में भतीजे ने अपनी चाची कमला सोनकर और उनके बेटे खुमेन्द्र सोनकर की हत्या कर दी। हमले में चचेरी बहन ममता भी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी और मृतक एक ही परिवार के हैं।
पुलिस के मुताबिक, बलीराम सोनकर की पत्नी केशर बाई को शक था कि उनके देवर सुखी सोनकर की पत्नी कमला सोनकर जादू-टोना करती है। उन्हें लगता था कि इसी वजह से उनके परिवार के लोग बीमार पड़ रहे हैं।
इसी शक में केशर बाई और उनके दो बेटों हेमंत और सोनू पर कमला और खुमेन्द्र पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप है। हमले में मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि ममता गंभीर रूप से घायल हो गई।
वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए घटना के समय पहने गए कपड़े और हथियार के लकड़ी के बेंट को जलाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे की कुल्हाड़ी और बाइक भी बरामद की है। मामला डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक कमला सोनकर का परिवार चौथना गांव में रहता है और सब्जी बेचने का काम करता है। शुक्रवार 9 अक्टूबर की रात आरोपी घर में घुस गए। इसके बाद आरोपियों ने कमला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। फिर बेटे हमेंद्र सोनकर (21) पर भी हमला किया।
मर्डर के बाद भागा आरोपी
इस हमले में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायल ममता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराया।
वारदात के समय बाहर था पति
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे रायपुर रेफर कर दिया। वारदात के समय कमला सोनकर का पति घर से बाहर था।
घर में मां-बेटे के शव मिले, बेटी गंभीर हालत में पड़ी थी
9 अक्टूबर को सुखी अपने घर पहुंचा। घर के अंदर उसकी पत्नी कमला सोनकर और बेटा खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में मिले। वहीं, बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। घर का यह मंजर देखकर परिवार और गांव में हड़कंप मच गया।
जांच के लिए बनाई गई संयुक्त टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच टीम बनाई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से मिले सबूतों के आधार पर जांच शुरू की। इसके साथ ही परिवार से जुड़े लोगों और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को परिवार में चल रहे विवाद और जादू-टोने के शक की बात पता चली। पुलिस ने घटना के बाद से फरार चल रहे बड़े भाई के बेटे हेमंत कुमार सोनकर (36) पर संदेह के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।
पूछताछ में सामने आई 2 अन्य आरोपियों की भूमिका
पुलिस ने हेमंत कुमार सोनकर को 12 अक्टूबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर उसके भाई सोनू सोनकर (34) और उसकी मां केशर सोनकर (55) की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच के अनुसार, परिवार में कुछ सदस्यों की तबीयत खराब रहने को लेकर जादू-टोना किए जाने का शक था। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।
वारदात के बाद कपड़े और हथियार का बेंट जलाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार लोहे की कुल्हाड़ी के लकड़ी के बेंट और घटना के समय पहने गए कपड़ों को जलाने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लोहे की कुल्हाड़ी और मोटरसाइकिल बरामद की। इसके अलावा, कपड़ों और हथियार के लकड़ी के बेंट को जलाने के प्रयास से जुड़े अवशेष भी मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सबूत मिटाने और आरोपियों के बीच साजिश से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी गई है।
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में डबल मर्डर का मामला सामने आया है। आरोपी ने घर में घुसकर मां और बेटे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौत हो गई, जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी भाग निकला। हमले में घायल बेटी को प्राइमरी ट्रीटमेंट दिया गया। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसे रायपुर रेफर किया गया। जहां उसका इलाज जारी है।