ट्रंप को एक और झटका देने जा रहे हैं नील कत्याल, टैरिफ रिफंड के लिए टास्क फोर्स का किया गठन

Updated on 24-02-2026 01:54 PM
नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया था। इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे यूनाइटेड स्टेट्स के पूर्व एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल नील कत्याल का हाथ है जो भारतीय मूल के हैं। उनकी दलीलों ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के टैरिफ की हवा निकाल दी। टैरिफ रद्द होने के बाद इस बात पर सवाल उठने लगे थे कि अब उन व्यवसायों और आयातकों को क्या रिफंड मिलेगा जिन्हें ट्रंप के टैरिफ के कारण आर्थिक नुकसान हुआ था। इसके लिए फिर से कत्याल सामने आए हैं।

नील कत्याल ने एक नया कानूनी दल बनाया है। यह दल उन व्यवसायों और आयातकों की मदद करेगा जिन्हें ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण नुकसान हुआ है। कत्याल ने यह घोषणा 23 फरवरी को की। कत्याल ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा, 'हमने सीधे तौर पर रिफंड की मांग नहीं की थी, क्योंकि हमारी कानूनी टीम को उम्मीद थी कि केस जीतने पर रिफंड अपने आप मिल जाएगा।' उन्होंने आगे कहा, 'आज हम उन रिफंड के लिए लड़ने के लिए एक टास्क फोर्स लॉन्च कर रहे हैं। अगर संघीय सरकार उस पैसे को वापस करने से मना करती है, तो हम उसके लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे।'

कोर्ट ने सुनाया था ट्रंप के खिलाफ फैसला

यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के पहले के टैरिफ उपायों को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि ट्रंप प्रशासन ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि टैक्स लगाने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है। इस फैसले ने वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली एक व्यापार रणनीति को बड़ा झटका दिया और कई देशों के साथ संबंधों में खटास ला दी थी।

15% टैरिफ पर भी सवाल

अमेरिकी कोर्ट के आदेश के बाद ट्रंप ने पहले 10 फीसदी और फिर उसे बढ़ाकर 15 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगा दिया था। नील कात्याल ने अब इस 15% वैश्विक टैरिफ की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कांग्रेस को दरकिनार कर ऐसे व्यापक उपाय लागू नहीं कर सकते। कत्याल का तर्क है कि अगर कोई नीति सही है, तो उसे संवैधानिक तरीकों से ही लागू किया जाना चाहिए।

170 अरब डॉलर का रिफंड

अगर रिफंड को लेकर ट्रंप प्रशासन पर दबाव बनता है तो सरकारी खजाने पर बड़ा असर दिखाई देगा। यह ट्रंप के लिए बड़ा झटका होगा। कोर्ट के फैसले के बाद तीन लाख से अधिक व्यवसायों ने 170 अरब डॉलर (करीब 15.42 लाख करोड़ रुपये) के टैरिफ की वापसी की मांग की है। जस्टिस ब्रेट कवानॉघ (Brett Kavanaugh) ने सुनवाई के दौरान लिखा था कि अरबों डॉलर की वापसी का अमेरिकी खजाने पर बड़ा असर पड़ेगा।

कौन हैं नील कत्याल?

नील कत्याल भारतीय मूल के हैं और उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। उनकी मां डॉक्टर हैं और पिता इंजीनियर। उनका जन्म 12 मार्च 1970 को शिकागो में हुआ था। कत्याल ने डार्टमाउथ कॉलेज और येल लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस स्टीफन ब्रेयर के लिए क्लर्क का काम किया। साल 2010 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नील कत्याल को अपना एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल बनाया था। उन्होंने अभी तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा बड़े केस लड़े हैं जो किसी भी अल्पसंख्यक वकील (minority attorney) के लिए एक रेकॉर्ड है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.