शेयर मार्केट में अब गलती की वजह से नहीं होगा निवेशकों का नुकसान, BSE बंद करने जा रहा है यह स्टॉप लॉस

Updated on 23-09-2023 04:52 PM
नई दिल्ली : बीएसई ने कहा है कि गलती से लगने वाले ऑर्डर पर रोक लगाने के लिए इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करंसी डेरिवेटिव और कमोडिटी डेरिवेटिव सेग्मेंट में 'स्टॉप लॉस विद मार्केट कंडीशन' (SLM) पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। बीएसई 9 अक्टूबर से बाजार की स्थिति के साथ स्टॉप लॉस ऑर्डर बंद कर देगा। दरअसल स्टॉप लॉस निवेशकों को नुकसान को कम करने का एक सबसे अच्छा तरीका होता है, लेकिन इसमें दो विकल्प होते हैं। पहला स्टॉप लॉस, लिमिट प्राइस पर ट्रिगर होता है। वहीं, दूसरा स्टॉप लॉस विद मार्केट कंडीशन यानि SLM में स्टॉप लॉस बाजार भाव पर ही ट्रिगर हो जाता है।

SLM पर लगेगी रोक

BSE ने SLM यानि स्टॉप लॉस विद मार्केट कंडीशन पर रोक लगाई है। यह देखा जा रहा था कि ऐसे ऑप्शन में जहां लिक्विडिटी कम थी, SLM की वजह से सौदे काफी ऊंचे हो रहे थे। चूंकि ऑर्डर को पूरा करने के लिए सिस्टम सभी दी गई बिड को स्वीकार करने देते हैं, तो अगर किसी ने बिड काफी ऊंची दी हो तो SLM की वजह से ये भी स्वीकार हो जाती है और प्राइज में अचानक तेज उछाल देखने को मिलती है। BSE के अधिकारी ने बताया कि SLM की वजह से बाजार में बेहद ऊंचे भाव पर सौदे हो रहे थे। उनके मुताबिक हाल में सामने आए फ्रीक ट्रेड किसी सिस्टम या ट्रेडर की गलती की वजह से नहीं हुए थे, ये सिर्फ SLM की वजह से देखने को मिले।

जेपी मॉर्गन इंडेक्स में शामिल होंगे भारतीय बॉन्ड

अमेरिका और एशियाई बाजारों से मिले संकेतों ने घरेलू निवेशकों के भरोसे को कम किया। इसके बावजूद शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने जेपी मॉर्गन के सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में भारत को भी शामिल किए जाने का जश्न बखूबी मनाया। हालांकि निवेशकों के बीच जोखिम से बचने की धारणा हावी रही। यही वजह रही कि घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में गिरावट रही और BSE Sensex 221 अंक नुकसान में रहा। कारोबारियों ने कहा कि विदेशी फंड की निकासी जारी रहने और HDFC के शेयरों में भारी बिकवाली होने से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। Sensex उतार-चढ़ाव के बीच 221.09 अंक गिरकर 66,009.15 अंक पर बंद हुआ था। Nifty में भी 68.10 अंक की गिरावट रही थी और यह 19,674.25 अंक पर बंद हुआ।

घरेलू बाजारों में गिरावट का दौर जारी

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से विप्रो को सर्वाधिक 2.32 प्रतिशत का नुकसान हुआ था। कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के अमोल अठावले ने कहा कि कुछ एशियाई बाजारों में सुधार के बावजूद घरेलू बाजारों में गिरावट का दौर जारी रहा। निवेशकों के मुनाफावसूली करने से भी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। अठावले ने कहा, 'भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब ज्यादा हो चुका है। इसके अलावा कच्चे तेल के दाम बढ़ने, डॉलर सूचकांक में मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी रहने जैसे कारकों ने भी इसमें भूमिका निभाई।' इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.59 फीसदी चढ़कर 93.85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 September 2026
नई दिल्ली: भारत में ज्वेलरी को सिर्फ निवेश के बजाय रोजमर्रा की फैशन एक्सेसरी के तौर पर देखने का आइडिया लेकर इशेंद्र अग्रवाल ने 2019 में ज्वेलरी कारोबार में कदम…
 17 September 2026
नई दिल्ली: देश के विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्था के पास कई प्रकार की लोन सुविधाएं होती हैं। इनमें पर्सनल लोन से लेकर के एजुकेशन लोन, होम लोन से लेकर…
 17 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिका के द्वारा 100 फीसदी टैरिफ लगाने की खबरों के बीच आज घरेलू शेयर बाजार गिरावट के…
 17 September 2026
नई दिल्ली: सऊदी अरब भारत के टॉप क्रूड सप्लायरों में शामिल है। लेकिन हूती विद्रोहियों ने आजकल उसकी नाक में दम कर रखा है। उन्होंने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट…
 17 September 2026
नई दिल्ली: देश में कई प्रकार की निवेश की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां लोग पैसा लगाकर अच्छी-खासी कमाई कर लेते हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेश। मार्केट…
 17 September 2026
UTI AMC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इक्विटी विशाल चोपड़ा बताते हैं कि मिडकैप कंपनियों को उभरते हुए खिलाड़ियों की तरह समझ सकते हैं। स्मॉलकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप कंपनियां ज्यादा…
 17 September 2026
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमत में आज भारी गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने तीन साल के लंबे अंतराल…
 16 September 2026
नई दिल्ली: दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्केट वैल्यू के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। रिलायंस पांच साल के बॉन्ड इश्यू के जरिए ₹12,500…
 16 September 2026
नई दिल्ली: सरकार ने ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की घोषणा की है। यह व्यवस्था 15 अक्तूबर से लागू होगी। इससे डिजिटल पेमेंट्स…
Advt.