PoK में पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों को कुचल रही, मुजफ्फराबाद की ओर बढ़े 1 लाख लोग, 9 की मौत
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15-07-2026 02:27 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शहबाज शरीफ की सरकार ने राजधानी की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया है। डॉन के मुताबिक मंगलवार को हुई अलग-अलग झड़पों में कम से कम दो सुरक्षाकर्मी और 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के सात कार्यकर्ता मारे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये हिंसक झड़पें पुंछ डिवीजन में हुईं जो मुजफ्पराबाद की तरफ JAAC के तय 'लॉन्ग मार्च' से एक दिन पहले हुईं। JAAC ने आज से मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च का ऐलान किया था जो आज सुबह से शुरू हो गया है।JAAC ने पाकिस्तान सरकार को अपनी मांगे मानने के लिए 14 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। इसने कहा था कि ऐसा न होने पर 15 जुलाई को कथित राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च की जाएगी। डॉन के मुताबिक पहली झड़प मंगलवार सुबह हुई जब सुरक्षाकर्मियों ने रावलकोट के बाहरी इलाके मुत्यालमेरा में छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि एक घर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जमा किया गया है। पीओके में हो रहे प्रदर्शन पर ताजा अपडेट क्या हैं?
- रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की तरफ बढ़ रहे हैं।
- प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ ने 'सेनापति' इलाके में सुरक्षा बलों के एक कैंप को निशाना बनाया है। इलाके में तनाव चरम पर है।
- मुजफराबाद जाने वाले रास्तों पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से लगाए गए भारी कंटेनरों और बैरिकेड्स को प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़ दिया है जिसके जवाब में पुलिस और रेंजर्स की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबरें हैं।
- रायटर्स और स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस मार्च की शुरुआत के ठीक पहले मंगलवार से शुरू हुई ताजा झड़पों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तरारखल में 6 प्रदर्शनकारी और 1 पुलिसकर्मी जबकि रावलकोट में हुई झड़प में 1 प्रदर्शनकारी और 1 सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।
- रावलकोट, मीरपुर, कोटली और बाग जैसे जिलों से 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के जत्थे मुजफराबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
- मुजफराबाद शहर को जाने वाली सभी सड़कों पर पाकिस्तानी सेना के जवानों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है। शहर में दाखिल होने वाले रास्तों पर गहरी खाइयां खोदी गई हैं ताकि गाड़ियों के काफिले को रोका जा सके।