अफगानिस्तान में शांति पाकिस्तान के लिए खतरा... तालिबान के खिलाफ जहर क्यों उगल रहा इस्लामाबाद

Updated on 14-11-2023 02:38 PM
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान के लिए नियुक्त पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक ने आरोप लगाया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अफगान तालिबान के नियंत्रण में है। उन्होंने दावा किया कि टीटीपी-तालिबान संबंध अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि हम इस तथ्य को समझ नहीं सकते हैं कि टीटीपी के लोग, जो अफगानिस्तान में रहते हैं, वो तालिबान के नियंत्रण में हैं। उन्हें पाकिस्तान की सीमा पार करने और हमला करने, नरसंहार करने और फिर वापस जाने की अनुमति है। पाकिस्तान पहले भी तालिबान पर टीटीपी को कंट्रोल करने के आरोप लगा चुका है। इस कारण पाकिस्तान ने अपने देश से 11 लाख से अधिक अफगान शरणार्थियों को देश निकाला भी दिया है।


पहली बार तालिबान-टीटीपी पर खुलकर बोला पाकिस्तान

अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी ने एंबेसडर लाउंज में एक इंटरव्यू में कहा, यह कुछ ऐसा है जो हमारे लिए असुविधाजनक है। पाकिस्तानी अधिकारी अक्सर निजी तौर पर अफगान तालिबान-टीटीपी सांठगांठ के बारे में बात करते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इसके बारे में बात की है। यह पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंधों की स्थिति को दर्शाता है, जिसकी दो साल पहले सत्ता में वापसी ने देश में काफी उत्साह पैदा किया था। लेकिन टीटीपी मुद्दा एक बड़ी बाधा बनकर उभरा है क्योंकि पाकिस्तान इस आतंकवादी संगठन को काबुल के समर्थन से चिंतित है।

पाकिस्तान ने टीटीपी को बताया प्रमुख मुद्दा


दुर्रानी ने कहा, "हमारे लिए, प्रमुख मुद्दा टीटीपी है।" उन्होंने कहा कि टीटीपी को नियंत्रित करना और उन्हें निरस्त्र करना अफगान तालिबान सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान उस जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। उन्होंने चेताया, "यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।" दुर्रानी ने अफगान तालिबान और टीटीपी के बीच "आपसी संबंध" के बारे में भी बात की। उन्होंने साफ तौर पर कहा, ''ऐसा कहा जाता है कि वे (अफगान तालिबान और टीटीपी) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"

अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी ने एंबेसडर लाउंज में एक इंटरव्यू में कहा, यह कुछ ऐसा है जो हमारे लिए असुविधाजनक है। पाकिस्तानी अधिकारी अक्सर निजी तौर पर अफगान तालिबान-टीटीपी सांठगांठ के बारे में बात करते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से इसके बारे में बात की है। यह पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंधों की स्थिति को दर्शाता है, जिसकी दो साल पहले सत्ता में वापसी ने देश में काफी उत्साह पैदा किया था। लेकिन टीटीपी मुद्दा एक बड़ी बाधा बनकर उभरा है क्योंकि पाकिस्तान इस आतंकवादी संगठन को काबुल के समर्थन से चिंतित है।

पाकिस्तान ने टीटीपी को बताया प्रमुख मुद्दा


दुर्रानी ने कहा, "हमारे लिए, प्रमुख मुद्दा टीटीपी है।" उन्होंने कहा कि टीटीपी को नियंत्रित करना और उन्हें निरस्त्र करना अफगान तालिबान सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान उस जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। उन्होंने चेताया, "यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।" दुर्रानी ने अफगान तालिबान और टीटीपी के बीच "आपसी संबंध" के बारे में भी बात की। उन्होंने साफ तौर पर कहा, ''ऐसा कहा जाता है कि वे (अफगान तालिबान और टीटीपी) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"

पाकिस्तान में हमलों में अफगान नागरिकों के शामिल होने का दावा


दिलचस्प बात यह है कि टीटीपी द्वारा दावा किए गए कुछ हालिया आतंकवादी हमलों में कुछ अफगान नागरिक शामिल थे। पाकिस्तान को लगता है कि निचले स्तर का अफगान तालिबान टीटीपी की मदद कर सकता है। दुर्रानी ने इनमें से दो हालिया हमलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि पाकिस्तानी सेना के झोब गैरीसन हमले में शामिल पांच आतंकवादियों में से तीन अफगान थे। इसी तरह, टीटीपी द्वारा दावा किए गए चित्राल हमले में भी कुछ अफगान नागरिकों ने भाग लिया था।

पाकिस्तान ने बताया टीटीपी आतंकियों की संख्या


दुर्रानी के अनुसार, लगभग 6,000 टीटीपी आतंकवादी अफगानिस्तान से काम कर रहे थे। यदि इनके परिवारों को भी गिना जाए तो इनकी संख्या 60,000-65,000 तक हो जाती है। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का दावा है कि उन्होंने देश के अंदर शांति ला दी है। वे कहते हैं कि देश में न्यूनतम अपराध है। उनका दावा है कि देश में कोई भ्रष्टाचार नहीं है। वे कहते हैं कि उन्होंने अर्थव्यवस्था में सुधार किया है। सब कुछ कहा और किया। साथ ही, विश्व स्तर पर यह स्वीकारोक्ति है कि स्थिति में सुधार हुआ है, विशेषकर अफ़ीम की खेती 95% तक कम हो गई है।"

अफगानिस्तान में शांति, पाकिस्तान के लिए खतरा!


दुर्रानी ने कहा, "अगर यह सही है तो इसका मतलब है कि अफगानिस्तान में शांति वास्तव में पाकिस्तान के लिए एक बुरा सपना बन गई है क्योंकि जो लोग पनाहगाह ले रहे हैं वे अफगानिस्तान के अंदर हैं।" उन्होंने कहा कि उन्होंने दो बार काबुल का दौरा किया और अफगान तालिबान कहता रहा है कि वे टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दुर्रानी ने कहा, "मुद्दा यह है कि वे क्या व्यावहारिक कार्रवाई करते हैं। यह मायने रखता है।" उन्होंने यह भी कहा कि अफगान तालिबान के अमीर ने पाकिस्तान के खिलाफ हमलों पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है। लेकिन आदेश के बावजूद, टीटीपी के हमले जारी रहे।

टीटीपी पर लगाया नाफरमानी का आरोप


दुर्रानी ने कहा, "उनके [तालिबान] मंत्रियों ने भी इसी तरह की टिप्पणियां कीं। तो क्या हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि टीटीपी इस आदेश की अवज्ञा कर रहा है? यदि यह मामला है, तो टीटीपी ने तालिबान प्रमुख के प्रति जो निष्ठा घोषित की है वह अमान्य हो गई है। यदि टीटीपी ने तालिबान के प्रति अपनी निष्ठा तोड़ी है तो वह दंड का भागीदार है। दुर्रानी ने कहा, "अगर आप इस्लाम या परंपरा के बारे में बात कर रहे हैं, तो दोनों ही मामलों में सजा का मुद्दा उठाया जाता है क्योंकि वे (टीटीपी) अफगानिस्तान की धरती का दुरुपयोग कर रहे हैं।"


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 September 2026
न्यूयॉर्क: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। जयशंकर ने शहबाज शरीफ…
 27 September 2026
काठमांडू: नेपाल के काठमांडू स्थित त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले भारतीय विमानों की सुरक्षा व्यवस्था पिछले 26 सालों से भारत खुद संभाव रहा है। नेपाल में इसको लेकर…
 27 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की दावेदारी को लेकर समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में बोलते हुए रूस के…
 27 September 2026
मॉस्को/अंकारा: रूस के विदेश मंत्री सर्गियो लावरोव ने कहा है कि तुर्की एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम बिना हमारी इजाजत के देश की सीमा से बाहर नहीं ले जा सकता। उन्होंने…
 27 September 2026
ढाका: तारिक रहमान के दिल्ली दौरे को लेकर बांग्लादेश लगातार भारत के सामने शर्त पर शर्त रख रहा है। शेख हसीना को वापस सौंपने की शर्त तो पहले से ही…
 27 September 2026
वॉशिंगटन/ढाका: शेख हसीना को लेकर भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव के बीच अमेरिका ने अहम बयान दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने गुरुवार को एक बयान…
 27 September 2026
मॉस्को: दुनिया भर में बढ़ते कूटनीतिक तनाव और तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं के बीच एक खौफनाक खुफिया रिपोर्ट ने पश्चिमी देशों की नींद उड़ा दी है। दावा किया जा…
 26 September 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शहबाज शरीफ के प्रोपेगैंडा को खारिज करते हुए करारा जवाब दिया है। भारत ने शहबाज शरीफ के भाषण के खिलाफ…
 26 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को भारत ने करारा जवाब दिया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने…
Advt.