कबाड़ियों को नियंत्रित करने बुलाना पड़ी पुलिस : मंत्रालय में आग लगने के बाद जले फर्नीचर, ई वेस्ट को खरीदने आए 92 कबाड़ी

Updated on 03-05-2024 11:37 AM

मंत्रालय में दो माह पहले लगी आग के फर्नीचर और ई वेस्ट समेत अन्य सामग्री खरीदने के लिए लोक निर्माण विभाग के दफ्तर में 92 कबाड़ी इकट्‌ठा हो गए। हालात यह बने कि इन कबाड़ियों को नियंत्रित करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को पुलिस की मदद मांगनी पड़ी और इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मंत्रालय में जलकर खाक हुई संपत्ति की नीलामी की गई है। मंत्रालय में आग से जलकर नष्ट हुई सामग्री को जब हटा लिया जाएगा तो लोक निर्माण विभाग इसके रेनोवेशन का काम शुरू कराएगा।

राजधानी के मंत्रालय में 9 मार्च को लगी आग में चौथे और पांचवें मंजिल के कमरों में भारी नुकसान हुआ था। यहां तीन मंत्रियों के चेंबर में रखे कुर्सी, टेबल और अन्य सामग्री जलकर खाक होने के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ कई अफसरों के चेंबर भी आग की चपेट में आए थे। इस मामले की जांच के बाद अब मंत्रालय में रखरखाव का काम देख रहे अधिकारी यहां से जली हुई सामग्री को हटाने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। इसी तारतम्य में बुधवार को राजधानी परिक्षेत्र के पीडब्ल्यूडी दफ्तर में मंत्रालय में जली कुर्सी, टेबल, पर्दे और अन्य सामग्रियों की नीलामी के लिए टेंडर बुलाए गए थे। मंत्रालय और लोक निर्माण विभाग के अफसरों के अनुसार इस टेंडर प्रक्रिया के दौरान भोपाल के 92 कबाड़ी वहां इकट्‌ठा हो गए। इतने कबाड़ियों की भीड़ जुटने की उम्मीद पीडब्ल्यूडी के अफसरों को नहीं थी और स्थिति यह बनी कि कई बार गदर की स्थिति बन गई। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को पुलिस बुलाकर नीलामी की कार्यवाही पूरी करानी पड़ी।

13 लाख थी आफसेट प्राइज, दोगुने में बिका माल

मंत्रालय के पांचवी और चौथी मंजिल के दर्जन भर कमरों में हुए नुकसान में खराब हुई सामग्री की आफसेट प्राइज पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने 13 लाख रुपए तय की थी। इस मामले में विभाग के अधीक्षण यंत्री योगेंद्र सिंह का कहना है कि जो कीमत तय थी, उसके दोगुने रेट पर सामग्रियों की नीलामी हुई है और सरकार को नीलामी में तय राशि से अधिक राशि मिलने से फायदा हुआ है। अब नीलामी की प्रक्रिया को लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है और जब शासन की मंजूरी मिलेगी तो नीलामी में पात्र पाए गए कबाड़ियों को सामग्री सुपुर्द करने का काम किया जाएगा। इसके बाद मंत्रालय के नुकसान वाले कमरों का रेनोवेशन शुरू होगा।

ढाई करोड़ में होगा रेनोवेशन

अधीक्षण यंत्री योगेंद्र सिंह के अनुसार जो नुकसान हुआ है, उसके रेनोवेशन के लिए सरकार ने राशि मंजूर कर दी है। इसके लिए ढाई करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस राशि से रेनोवेशन कराए जाने के बाद उसके उपयोग और शेष बिल्डिंग में सुधार आदि के लिए शासन जो फैसला करेगा, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि आगजनी की घटना में मंत्रालय में इलेक्ट्रिक वायरिंग सिस्टम को भी नुकसान हुआ था।



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