अनाज बचाने की तैयारी:अब गोदामों में 2 साल तक ही रखा जा सकेगा सरकारी खरीद वाला अनाज; अभी अनाज सड़ जाने पर होता है विवाद

Updated on 31-05-2025 11:58 AM

वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के गोदामों में सालों-साल पड़े अनाज के सड़ने पर लगातार विवाद होते रहे हैं। अब खाद्य विभाग अनाज डिस्पोजल पॉलिसी पर काम कर रहा है ताकि सरकारी खरीद वाले अनाज के सरकारी-अनुबंधित निजी गोदामों में स्टोरेज की डेडलाइन तय हो सके। पॉलिसी ड्राफ्ट के मुताबिक, अधिकतम दो साल तक ही सरकारी अनाज स्टोर किया जा सकेगा। वर्तमान में, साल 2019-20 तक का अनाज वेयरहाउसिंग के गोदामों में रखा हुआ है।

बीते साल अगस्त में खाद्य संचालनालय द्वारा अनाज की डिस्पोजल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। शुरुआती तौर पर प्रस्ताव था कि 6 महीने तक वेयरहाउसिंग के गोदामों में अनाज रखा जाएगा। केंद्रीय एजेंसी से आवेदन मिलने पर अवधि 6 महीने और बढ़ा दी जाएगी। इसके बाद, केंद्रीय एजेंसियों को अनाज आगे रखना है तो लिखित आवेदन देना होगा कि खुद के रिस्क पर स्टॉक रखा है। वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन नुकसान की जिम्मेदारी नहीं लेगा। बाद में सरकार से निर्देश मिले कि दो साल अनाज रखने के बाद उसके डिस्पोजल की नीति तैयार की जाए। सूत्रों के मुताबिक, डिस्पोजल अवधि नान के सुझाव पर ही तय होगी।

2019-20 और 2020-21 तक के गेहूं-चावल वेयरहाउसिंग के गोदामों में रखा है

मप्र में है 336 लाख मीट्रिक टन अनाज रखने की क्षमता

मप्र में कुल 336 लाख मीट्रिक टन स्टोरेज क्षमता उपलब्ध है। स्पष्ट नीति के अभाव में कई साल तक अनाज रखा रहता है। सड़ने पर कई तरह के विवाद होते हैं। अभी बड़वानी, छतरपुर, जबलपुर, ग्वालियर, कटनी आदि में लगभग 23,500 मीट्रिक टन गेहूं वेयरहाउसिंग के गोदामों में रखा हुआ है। वहीं कई जिलों में 2020-21 में खरीदा गया 47,150 मीट्रिक टन गेहूं पड़ा हुआ है। इसके बाद के सालों में सरकारी खरीद वाला गेहूं भी स्टॉक में है। वर्तमान खरीदी का 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं स्टॉक में है। वहीं 2020-21 में सरकारी खरीद का 2,120 मीट्रिक टन चावल खरीदा गया है। निजी गोदाम भी सालों तक अनाज स्टोर करके रखते हैं।

आयुक्त बोले - ड्राफ्ट नान को भेजा, नान एमडी टिप्पणी से बचते रहे

आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कर्मवीर शर्मा ने कहा कि डिस्पोजल पॉलिसी अभी प्रस्तावित है। इसे विचार के लिए नागरिक आपूर्ति निगम और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन को भेजा है। हालांकि, एमडी नान - वेयरहाउसिंग अनुराग वर्मा लगातार मामले पर टिप्पणी से बचते रहे। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वो शहर से बाहर हैं।

2024 में एफसीआई ने रिजेक्ट कर दिया था गोदामों का गेहूं

 अगस्त 2024 में फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने मप्र के सरकारी गोदामों में रखे 10.64 लाख मीट्रिक टन गेहूं को अनफिट (खराब) बता दिया था। इसमें से साल 2020 -21 में खरीदा गया 1.57 एलएमटी और साल 2021 -22 में खरीदा गया 3.57 एलएमटी गेहूं भी शामिल था। पूर्व में भी कई बार एफसीआई पुराने गेहूं को क्वालिटी के आधार पर रिजेक्ट कर चुका है।



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