जनसुनवाई में परेशानी:कलेक्ट्रेट जनसुनवाई की व्यवस्था अब ग्राउंड फ्लोर पर, लेकिन यहां लोगों के बैठने की जगह ही नहीं

Updated on 18-06-2025 11:51 AM

मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में लोगों की परेशानियां ग्राउंड फ्लोर पर सुनी गईं। पहले दिन नीचे हुई जनसुनवाई में काफी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां सिर्फ 9 लोगों के बैठने के लिए ही जगह थी। जबकि एक समय पर करीब 40 लोग मौजूद रहते हैं। साथ ही पंखे भी नहीं थे। ऐसे में लोगों को गर्मी में खड़े रहकर अपना काम करवाना पड़ रहा था।

अधिकारियों की मेज आने-जाने के रास्ते में लगी थी। मेज के पास आवेदन लिए लोग खड़े थे। इससे रास्ता ज्यादा संकरा हो गया था और दूसरे लोगों के निकलने में परेशानी हो रही थी। बता दें कि जनसुनवाई का इंतजाम फर्स्ट फ्लोर पर भी था, लेकिन वहां सिर्फ वही आवेदन सुने जा रहे थे, जिनको नीचे से ऊपर भेजा जा रहा था। मंगलवार की जनसुनवाई में कुल 146 आवेदन मिले। इनमें से सिर्फ 5 से 6 लोग ही सुनवाई के लिए फर्स्ट फ्लोर पर गए थे।

किसान से 2 करोड़ 46 लाख की धोखाधड़ी

मिसरोद के रहने वाले किसान हेमराज पाटीदार के साथ 2 करोड़ 46 लाख 44 हजार 800 रुपए की धोखाधड़ी हो गई। इसका आवेदन लेकर वो जनसुनवाई में पहुंचे। मिसरोद की रहने वाली सुनीता पाटीदार ने हेमराज से साल 2014 में जमीन खरीदी थी। जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 46 लाख 44 हजार 800 रुपए थी।

लेकिन, सुनीता ने हेमराज को आज की तारीख तक सिर्फ 2 करोड़ रुपए ही अदा किए। बाकी के पैसे नहीं मिले हैं। सुनीता ने बाकी की राशि के लिए हेमराज को 2 करोड़ 41 लाख 98 हजार 352 रुपए कीमत के कुल 3 चैक दिए थे। जिसे बैंक में लगाने पर वो बाउंस हो गए। सात ही इसी चैक के जरिए जमीन का नामांतरण भी करवा लिया। जनसुनवाई में किसान ने नामांतरण निरस्त कराने, पूरी राशि दिलाने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

नगर निगम की जनसुनवाई में कोई अधिकारी नहीं था, क्लर्क को आवेदन

नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंचे आवेदन समीर को वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं मिला। उन्होंने वहां मौजूद क्लर्क को आवेदन सौंप दिया। समीर का कहना था कि नगर निगम की जनसुनवाई में अधिकारियों का नहीं बैठने इस बात का सबूत है कि लोगों की परेशानियों का खुलेआम मजाक बनाया जा रहा है।

मंगलवार का दिन जनसुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी नगर निगम अधिकारियों के पास लोगों की परेशानियों को सुनने के लिए समय नहीं है। यहां बता दें कि समीर द्वारा दिए गए आवेदन को क्लर्क नगर निगम कमिश्नर के डाक पेज में रख दिया गया था। इस पर कमिश्नर के साइन के बाद इसे संबंधित विभाग को सौंपा जाता है। ​​​​​​​

14 दिन से फूटी पड़ी पाइप लाइन प्रधानमंत्री आवास योजना कोकता के रहवासी जनसुनवाई में पहुंचे । उनका कहना था कि 14 दिनों से पानी की पाइपलाइन फूटी पड़ी है। इससे पूरे इलाके में पानी का रिसाव रहता है। रहवासियों का कहना था कि पिछले जनसुनवाई 10 जून 2025 को भी आवेदन लगाया गया था। जिस पर कलेक्टर ने संज्ञान लेकर नगर निगम को आदेशित किया था कि उसी ​दिन दोपहर 2 बजे तक समस्या का समाधान किया जाए। लेकिन, कोई समाधान नहीं किया गया।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 August 2026
 भोपाल, कांग्रेस अपने जमीनी संगठन को दुरुस्त कर राज्यों के साथ दिल्ली में वापसी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस का कमजोर बूथ मैनेजमेंट और निचले स्तर पर संगठन न होना…
 14 August 2026
भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भोपाल में 14 अगस्त को भारत की विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की संस्था ‘कर्मश्री’ के…
 14 August 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चल रही सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए वीडियो स्क्रीन पर रोबोट की तस्वीर लगाने…
 14 August 2026
 भोपाल । प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग सरपंच और पंच के चुनाव भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से…
 14 August 2026
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध…
 14 August 2026
भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में पसरे अतिक्रमणों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अमले ने लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई…
 14 August 2026
भोपाल। केंद्रीय जेल भोपाल का एक बंदी गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल से हथकड़ी निकालकर फरार हो गया। जेल प्रहरी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल की दीवार फांदते…
 14 August 2026
भोपाल। पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित तोतलादोह जलाशय में कथित अवैध मछली शिकार और संगठित कारोबार की शिकायत को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय…
 14 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बहुमंजिला इमारतों (हाईराइज बिल्डिंग्स) के निर्माण की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। राज्य सरकार वर्ष 2012 के लगभग 14 साल पुराने भूमि विकास…
Advt.