खून का रिश्ता है तो नोएडा, गाजियाबाद में होता रहेगा प्रोपर्टी ट्रांसफर, महज 5,000 रुपये में

Updated on 02-08-2023 02:58 PM

नोएडा: उत्तर प्रदेश के महानगर नोएडा, गाजियाबाद या लखनऊ में आपकी कोई प्रोपर्टी है। आप इसे अपने खून के रिश्ते या किसी करीबी रिश्तेदार को देना चाहते हैं। तो फिर आपकी जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार ने बीते साल जून में बनाई गई पॉलिसी की अवधि को अनिश्चित काल तक के लिए लागू करने का फैसला किया है। बीते साल जब इस पॉलिसी को बनाई गई थी, तब इसकी वैधता सिर्फ छह महीने के लिए थी।


क्या हुआ है नया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रोपर्टी ट्रांसफर के बारे में एक बड़ा फैसला किया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस नीति की अवधि अब अनिश्चित काल तक के लिए बढ़ा दी गई है। अब खून के रिश्ते में प्रोपर्टी ट्रांसफर करने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में महज 5000 रुपये और प्रोसेसिंग फी के रूप में 1000 रुपये का शुल्क चुकाना होगा।
 

परिजनों में कौन-कौन शामिल

सरकार की इस रियायत की नीति का दुरुपयोग नहीं हो, इसके लिए सरकार ने परिजनों को भी पारिभाषित कर दिया है। इस नीति का लाभ बेटा, बेटी, माता, पिता, पति, पत्नी, बहू, दामाद, सहोदर भाई, सहोदर बहन और पोते-पोती या नाती-नतिनी को मिलेगा।

पहले कितना शुल्क लगता था
इस नीति को बनाने से पहले राज्य में नजदीकी परिजनों को भी प्रोपर्टी ट्रांसफर करने पर संपत्ति के मूल्य का 7 फीसदी स्टाम्प ड‌्यूटी के रूप में देना पड़ता था। इसके साथ ही रजिस्ट्री का निर्धारित शुल्क भी चुकाना पड़ता था। इसमें दिक्कत यह होती थी कि खून के रिश्ते में या परिजनों को प्रोपर्टी ट्रांसफर करने पर कोई मनी ट्रांसफर नहीं होता था, तब भी सात फीसदी की स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होती थी।
 
सरकार को भी होता था राजस्व का नुकसान
पहले प्रॉपर्टी के ट्रांसफर में रजिस्ट्रेशन का खर्चा बहुत ज्यादा होता था। इसलिए लोग अक्सर परिवार के सदस्य को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर कर देते थे। यह काम महज 50 या 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर हो जाता था। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता था। इस नीति के तैयार हो जाने के बाद लोगों का जहां खर्चा बच रहा है, वहीं सरकार की भी आमदनी बढ़ी है।

आपको कितने का होगा फायदा
अगर आप 50 लाख रुपए की संपत्ति अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं। यदि बाजार दर पर उस पर स्टाम्प ड्यूटी भरेंगे तो आपके करीब 4.20 लाख रुपए खर्च होंगे। इसकी जगह आप अब प्रोपर्टी ट्रांसफर सस्ते में ही करवा लेंगे। सरकार की नई नीति से अब रजिस्ट्रेशन में भी बस 6,000 रुपये का ही खर्च होगा।
 

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