लखौरी ईंटों से बना है रानी कमलापति महल, तीन मंजिलें डूबी हैं पानी में, दिलचस्प है इसका इतिहास

Updated on 08-06-2024 12:31 PM
 भोपाल। कमला पार्क के पास स्थित है रहस्यमयी कमलापति महल। यहां बाद में बनी भोपाल की वीरांगना गोंड रानी कमलापति की आदमकद प्रतिमा जितनी प्रसिद्ध है, उतना ही उनका महल भी है। आज से लगभग 300 साल पहले रानी कमलापति महल का निर्माण हुआ था, जिसमें मुगलकालीन वास्तुकला देखने को मिलती है। खास बात यह है कि छोटे तालाब के किनारे बने इस महल की तीन मंजिलें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। यह महल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की भोपाल जिले में स्थित एकमात्र नान लिविंग साइट है। इसका निर्माण लखौरी ईंटों से किया गया है।

सैलानियों को लुभाता है महल

अगर आप इतिहास को जानने में रुचि रखते हैं और ऐसी जगहों की सैर पसंद करते हैं जहां कुछ नया जानने का मौका मिले, तो इस महल को जरूर देखना चाहिए। यह यकीनन आपकी ट्रिप को मजेदार बना देगा। कमलापति महल बहुत ही रहस्यमयी है। सात मंजिला इस महल की तीन मंजिलें पानी के अंदर डूबी हुई हैं। पहले पांच मंजिलें डूबी रहती थीं, लेकिन तालाब का जल स्तर कम होने की वजह से यह स्थिति बनी है। इस महल से जुड़ी कई रोचक कहानियां भी हैं।

300 साल पुराना है

रानी कमलापति महल का निर्माण लगभग 300 साल पहले हुआ था। इतिहास के जानकारों के मुताबिक निजाम शाह की पत्नी रानी कमलापति ने इस महल का निर्माण करवाया था। इसलिए इसका नाम कमलापति महल रखा गया था, लेकिन इसे भोजपाल का महल और जहाज महल के नाम से भी जाना जाता है। रात के वक्त इस महल की परछाई बिल्कुल जहाज जैसी लगती है।

लखौरी ईंटों से बना

इस महल को खास लखौरी ईंटों से बनाया गया था, जिसे लाहौर शहर से मंगवाया गया था। ये ईंटें बहुत मजबूत होती हैं, जिससे महल को मजबूत बनाया जा सके। महल के सामने की ओर छज्जे बनाए गए हैं। महल के निचले हिस्से को भारी पत्थरों के आधार पर बनाया गया था, जिससे महल कभी भी झील में ना धंस सके।

इसलिए डूबा था महल

इतिहास की जानकार पूजा सक्सेना बताती हैं कि राजा निजाम शाह का दोस्त मोहम्मद खान रानी कमलापति पर बुरी नजर रखता था और उन्हें अपनी रानी बनाना चाहता था। इसके चलते रानी के बेटे और मोहम्मद खान के बीच युद्ध हुआ। युद्ध में रानी के बेटे नवल शाह की मृत्यु हो गई। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही रानी ने महल की तरफ बांध का सकरा रास्ता खुलवा दिया, जिससे तालाब का पानी महल में समाने लगा। ऐसा रानी ने खुद को बचाने के लिए किया था। थोड़ी ही देर में पूरे महल में पानी भर गया और इमारतें डूबने लगीं। रानी कमलापति ने इसी पानी में समाधि ले ली। रानी ने जिस स्थान पर जल समाधि ली थी, वहां वर्तमान में रानी की आदमकद प्रतिमा स्थापित है। सन् 1989 में कमलापति महल को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एसआइ) को सौंप दिया गया था। बड़ी संख्या में सैलानी इसे देखने आते हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 August 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। जमीयत के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती…
 17 August 2026
भोपाल, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के कथित अवैज्ञानिक निस्तारण एवं अनौपचारिक प्रसंस्करण से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को होने वाले संभावित नुकसान से संबंधित शिकायत…
 17 August 2026
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट की। पिछले सप्ताह…
 17 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ शुरू होने वाले चुनावी दौर को देखते हुए कांग्रेस संगठन को जमीन पर सक्रिय करने जा…
 17 August 2026
भोपाल। फेसबुक पर साड़ी का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन खरीदारी करना निशातपुरा क्षेत्र की एक गृहिणी को महंगा पड़ गया।ठगों ने पहले 500 रुपये की साड़ी का ऑफर देकर महिला को…
 17 August 2026
भोपाल। त्विषा शर्मा मौत मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में सीबीआई ने चालान पेश कर दिया है। मामले में पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके…
 17 August 2026
भोपाल । मध्य प्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम राजधानी भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित हुआ, मुख्य राज्य…
 17 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने सोमवार को भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि शासकीय और…
 17 August 2026
 भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां वे 'नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट' (NICDIT) की 'एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी' की…
Advt.