रूस ने PAK को खाली हाथ लौटाया:क्रूड ऑयल पर भारत की तरह 40% डिस्काउंट मांगा था

Updated on 02-12-2022 05:32 PM

रूस ने पाकिस्तान से दो टूक कह दिया है कि वो उसे भारत की तरह सस्ता क्रूड ऑयल नहीं देगा। दो महीने में दूसरी बार पाकिस्तान सरकार का एक डेलिगेशन मॉस्को गया था। वहां इसने व्लादिमिर पुतिन सरकार से अपील की थी कि वो पाकिस्तान को 40% डिस्काउंट पर ऑयल सप्लाई करें। रूस ने इससे साफ इनकार कर दिया। रूस ने ये भी कहा है कि उसके पास फिलहाल जो ऑर्डर हैं, वो सिर्फ उन्हीं को पूरा करेगा।

फरवरी में पाकिस्तान के तब के प्रधानमंत्री इमरान खान मॉस्को गए थे और उन्होंने तब भी राष्ट्रपति पुतिन से पाकिस्तान को सस्ता तेल देने की डिमांड की थी। तब भी पुतिन ने इसे खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान के अखबार ने ही किया खुलासा
पाकिस्तान के अखबार ‘द न्यूज’ ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में यह बताया है कि रूस ने पाकिस्तान की सस्ते तेल की अपील ठुकरा दी है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मिनिस्टर मुसद्दिक मलिक एक डेलिगेशन के साथ मॉस्को गए थे। यहां उन्होंने रूसी अफसरों से मुलाकात में भारत की तर्ज पर सस्ता तेल खरीदने की इच्छा जताई। इसके लिए 40% डिस्काउंट मांगा गया, लेकिन पुतिन सरकार इसके लिए कतई तैयार नहीं थी।
रूस ने साफ कर दिया कि उसके सप्लाई स्लॉट बुक हैं और वो भारत जैसे अपने बड़े खरीदार को नाराज नहीं कर सकता। पाकिस्तानी डेलिगेशन 29 नवंबर को मॉस्को पहुंचा था।

आयात पर निर्भरता
भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है। भारत ने अप्रैल में रूसी तेल आयात को बढ़ाकर लगभग 2 लाख 77 हजार बैरल प्रति दिन कर दिया, जो मार्च में 66 हजार बैरल प्रति दिन था। बीते साल 8 ऐसे देश थे जिनसे भारत ने रूस की तुलना में अधिक तेल खरीदा था, लेकिन इस के अप्रैल तक यह आंकड़ा कहीं ज्यादा हो गया है। खपत के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है।

रूस कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक
अमेरिका और सऊदी अरब के बाद रूस दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां से रोजाना करीब 50 लाख बैरल क्रूड ऑयल का निर्यात किया जाता है। निर्यात का 50% से ज्यादा हिस्सा यूरोप को सप्लाई होता है।

चौथा बड़ा सप्लायर है रूस
रूस अप्रैल में भारत का चौथा सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बन गया। इससे अधिक क्रूड भारत इराक, सऊदी अरब और UAE से खरीद रहा है। भारत के कुल क्रूड आयात में अफ्रीकी तेल की हिस्सेदारी मार्च में 14.5% से घटकर अप्रैल में 6% रह गई, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी करीब आधी होकर मात्र 3% तक सिमट गई।

मार्च 2022 तक भारत जहां रूस, कजाकिस्तान और अजरबैजान से मात्र 3% तेल खरीद रहा था। सिर्फ एक महीने बाद यह हिस्सा बढ़कर 11% पर पहुंच गया। भारत ने रूस से मार्च 2022 में 3 लाख बैरल प्रतिदिन और अप्रैल में 7 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल खरीदा। 2021 में ये औसत महज 33 हजार बैरल प्रतिदिन का था। रूसी हमले से पहले भारत अपने कुल इंपोर्ट का 1% रूस से खरीदता था, जो अब बढ़कर 17% हो गया है।


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