यूक्रेन के खिलाफ अफगान सैनिकों को उतारेगा रूस

Updated on 01-11-2022 06:58 PM
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए 9 महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन रूस अब भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। क्रीमिया ब्रिज हुए हमले के बाद रूस नए सिरे से हमला करना शुरू कर चुका है। यूक्रेन के खिलाफ नई प्लानिंग के तहत रूस अब अमेरिका में ट्रेनिंग कर चुके अफगानिस्तान की स्पेशल फोर्स के सैनिकों को अपनी सेना में शामिल कर रहा है। इसके लिए उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। रूस इन सैनिकों को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजेगा। मामले के जानकार मानते हैं कि पिछले कुछ महीनों से युद्ध में यूक्रेन ही नहीं रूसी सैनिक भी बड़े पैमाने पर मारे गए। रूस में नौजवानों को जबरन सेना में भर्ती किया जा रहा है। हाल यह है कि रूसी लोग चुपके-चुपके देश भी छोड़ रहे हैं।

तीन पूर्व अफगान जनरलों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि रूसी सरकार अफगान कमांडो को अपनी सेना में शामिल करने के लिए कई तरह के प्रलोभन दे रहा है। इसमें बढिया सैलरी और उनकी और परिवार की सुरक्षा भी शामिल है जो तालिबान शासित अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। 

लड़ाई नहीं चाहते लेकिन, विकल्प नहीं
तीनों में से एक पूर्व जनरल अब्दुल रावफ अरघंडीवाल ने कहा, "वे लड़ाई नहीं करना चाहते हैं - लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। ईरान में दर्जन या अधिक कमांडो छिपे हैं जो तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान छोड़कर भाग गए थे लेकिन अभी भी उनके परिवारवाले अफगानिस्तान में फंसे हैं।" अब्दुल कहते हैं, "वे मुझसे पूछते हैं, 'मुझे कोई समाधान दें? क्या करे? अगर हम वापस अफगानिस्तान गए तो तालिबान हमें मार डालेगा।”

वैगनर ग्रुप कर रहा भर्ती, दिया जा रहा लालच
अरघंडीवाल ने कहा कि भर्ती का नेतृत्व रूसी भाड़े के बल वैगनर ग्रुप ने किया था। तालिबान के सत्ता संभालने से पहले अंतिम अफगान सेना प्रमुख हिबतुल्लाह अलीजई ने कहा कि इस प्रयास में एक पूर्व अफगान विशेष बल कमांडर द्वारा भी मदद की जा रही थी जो रूस में रहता था और भाषा बोलता था। भर्ती के लिए अफगान सैनिकों को तरह-तरह के लालच दिए जा रहे हैं। जिसमें 1500 डॉलर प्रतिमाह सैलरी और परिवारवालों की सुरक्षा भी शामिल है।

अमेरिकी सैनिकों संग प्रशिक्षित
रूस जिन अफगान सैनिकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहा है, ये सभी अमेरिकी सेना के साथ प्रशिक्षित हैं। यह उस वक्त की बात है जब अमेरिकी सेना तालिबान के खिलाफ अफगानिस्तान में मौजूद थी। इन्होंने अमेरिकी सैनिकों के साथ तालिबानियों के खिलाफ जंग लड़ी थी लेकिन, हार के बाद इन्हें अफगानिस्तान से भागना पड़ा और ईरान समेत कई जगहों पर छिपना पड़ा। 

युद्ध पलटने में माहिर और भयंकर लड़ाके 
अफगानिस्तान में सेवा देने वाले एक सेवानिवृत्त सीआईए अधिकारी माइकल मुलरॉय का कहना है कि ये अफगान कमांडो स्पेशली ट्रैंड हैं। ये वे भयंकर लड़ाके हैं जो पलभर में दुश्मनों की सेना में तबाही मचाकर परिणाम को पलट सकने में काबिल हैं। मैं नहीं चाहता कि वे यूक्रेन के खिलाफ जंग में उतरें।"



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.