शिप्रा उफनी, राम घाट के मंदिर और छोटा पुल जलमग्न, तीन दिन में तीन इंच बरसात

Updated on 09-09-2023 12:38 PM

उज्जैन। रुक-रुककर लगातार तीन दिन हुई बरसात ने शुक्रवार को मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को उफान पर ला दिया। इससे राम घाट पर बना छोटा पुल और कई मंदिर पानी में समा गए। नालियां चौक होने से कई सड़कों पर लंबे समय तक पानी जमा रहा। इससे आवाजाही बाधित हुई। कई लोगों ने जान जोखिम में डालकर पुल पार किया। बरसात के कारण शहर का मौसम सुहाना हुआ और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। जीवाजी वेधशाला के अनुसार शहर में 48 घंटों में 3 इंच से अधिक बरसात हुई है। इससे इस सीजन में हुई बरसात का आंकड़ा बढ़कर 34.24 इंच पहुंच गया है। ये आंकड़ा औसत बरसात 36 इंच से करीब है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बरसात होने का अनुमान जताया है। बरसात का असर मौसम पर भी पड़ा है। तीन दिन में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री से लुढ़ककर 26.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा है। रात के तापमान में भी फर्क महसूस हुआ है।

गौतम मार्ग के निवासियों पर मुसीबत बन बरसा पानी

गौतम मार्ग के निवासियों पर बरसात मुसीबत बनकर बरसी। बरसात की वजह से उनके क्षतिग्रस्त आवासों की छत से पानी टपका, दीवारों से रीसा। सीद-गर्मी के कारण कुछ बीमार भी हुए। नगर निगम द्वारा यहां किया जा रहा मार्ग चौड़ीकरण का काम बंद हो गया। मार्ग पर पानी भराने से आवाजाही बाधित हुई। बिजली गुल होने की शिकायत भी रही। मालूम हो कि महापौर ने अक्टूबर तक इस मार्ग को चौड़ा करने के निर्देश ठेकेदार और निगम इंजीनियर को दिए हैं। बाक्सशहरी सीमा से सटी कालोनियों में भी हाल बेहाल बरसात से शहरी सीमा से सटी कालोनियों का हाल भी बेहाल रहा।

कई कालोनियों में घुटनों तक पानी भराया

नागरिकों ने कहा कि शिकायतों के बाद भी नगर निगम की ओर से जल जमाव की समस्या का निदान नहीं किया गया। कुछ सप्ताह पहले महापौर ने निरीक्षण कर स्थायी बंदोबस्त के निर्देश दिए थे, पर निर्देश पर अमल नहीं हुआ। आधी समस्या नालियों की नियमित सफाई कराने से हल हो सकती है, मगर कराई नहीं जा रही। अफसर, जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बाक्सगंभीर बांध में भी पानी बढ़ा, एक गेट खोलना पड़ा बरसात का असर गंभीर बांध पर भी पड़ा। गंभीर जलाशय में दो दिनों में 80 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी आया और आवक लगातार जारी रही।

ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने लेवल 2145 एमसीएफटी पर मैंटेन रख दोपहर 1 बजे गंभीर बांध का एक गेट खोलकर अतिरिक्त पानी शिप्रा में मिलने छोड़ा। ये गेट देर शाम तक खुला रहा।जिले में अब तक 25 इंच से अधिक बरसातकलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में अब तक 25.36 इंच (634 मिलीमीटर) बरसात हो चुकी है। ये गत वर्ष हुई 37.96 इंच से कम है। बीते 24 घंटों में उज्जैन तहसील में 95 मिलीमीटर, घटि्टया में 32, खाचरौद में 46, नागदा में 41, बड़नगर में 51, महिदपुर में 22, झारड़ा में 49, तराना में 49 और माकड़ौन में 20 मिलीमीटर बरसात हुई है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 August 2026
 भोपाल, कांग्रेस अपने जमीनी संगठन को दुरुस्त कर राज्यों के साथ दिल्ली में वापसी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस का कमजोर बूथ मैनेजमेंट और निचले स्तर पर संगठन न होना…
 14 August 2026
भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भोपाल में 14 अगस्त को भारत की विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की संस्था ‘कर्मश्री’ के…
 14 August 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चल रही सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए वीडियो स्क्रीन पर रोबोट की तस्वीर लगाने…
 14 August 2026
 भोपाल । प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग सरपंच और पंच के चुनाव भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से…
 14 August 2026
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध…
 14 August 2026
भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में पसरे अतिक्रमणों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अमले ने लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई…
 14 August 2026
भोपाल। केंद्रीय जेल भोपाल का एक बंदी गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल से हथकड़ी निकालकर फरार हो गया। जेल प्रहरी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल की दीवार फांदते…
 14 August 2026
भोपाल। पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित तोतलादोह जलाशय में कथित अवैध मछली शिकार और संगठित कारोबार की शिकायत को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय…
 14 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बहुमंजिला इमारतों (हाईराइज बिल्डिंग्स) के निर्माण की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। राज्य सरकार वर्ष 2012 के लगभग 14 साल पुराने भूमि विकास…
Advt.