शिवराज के बेटे बोले-राजनीति में कुछ भी परमानेंट नहीं

Updated on 01-05-2024 12:51 PM

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर वे 5 बार सांसद रह चुके हैं। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बुधनी सीट पर चुनाव प्रचार कमान संभालने वाले उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान विदिशा लोकसभा में भी इलेक्शन मैनेजमेंट और प्रचार कर रहे हैं। कार्तिकेय ने पिता के राजनैतिक भविष्य और खुद के करियर के बारे में चर्चा की।

सवाल- विदिशा के लोकसभा चुनाव को कैसे मैनेज कर रहे हैं?
जवाब-
 मैं बुधनी के 19.50 लाख लोगों में से एक हूं, कोई एक नेता नहीं। विदिशा संसदीय क्षेत्र की बात करें तो जनता ही यहां शिवराज सिंह चौहान बनकर चुनाव लड़ रही है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में माहौल पारिवारिक है उनकी राजनीतिक तपस्या इस प्रकार की रही है कि उन्होंने जनता से पारिवारिक रिश्ते बनाए हैं। लोग आज भी उनको अपना बेटा मानते हैं। उसी प्रकार भांजे-भांजी बहनें और भाई सब उनके साथ चुनाव लड़ रहे हैं। माता-पिता तुल्य ऐसे कार्यकर्ता हैं, जो आज भी उनको अपना बेटा मानते हैं। परिवार आशीर्वाद दे रहा है। सब उनके साथ चुनाव लड़ रहे हैं।

सवाल- विधानसभा चुनाव में शिवराज जी ने बुधनी में चुनाव प्रचार नहीं किया, और वे 1 लाख से अधिक वोटों से जीते। उस वक्त आपने चुनाव कैसे मैनेज किया?

जवाब- अकेले कोई व्यक्ति इसका क्रेडिट ले, यह सही नहीं होगा। सैकड़ों कार्यकर्ता मेरे साथ थे। जिन्होंने रात दिन एक किया। यह सबकी मेहनत थी जिसके कारण पूर्व मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में भी हम एक लाख से ज्यादा वोटों से जीते।

सबका इंवॉल्वमेंट था, यह एक जन अभियान बन गया था कि हम सब चुनाव लड़ रहे हैं और हम सबको जीतना है। दूसरा मैं मानता हूं पार्टी संगठन। हमारा संगठन बहुत मजबूत है। हमारा संगठन जमीनी लेवल तक काम करता है। हर पोलिंग बूथ तक और पोलिंग बूथ के भी नीचे उतर जाएं तो हमारे पास पन्ना प्रमुख और पन्ना प्रभारी हैं। जब इस इकाई के हर व्यक्ति को आप काम पर लगाते हैं और एक विचार से जोड़ते हैं तो उसका प्रभाव अच्छी तरह से देखने को मिलता है। वही हमने विधानसभा चुनाव में देखा।

सवाल- मुख्यमंत्री के बेटे होने का आप पर कोई दबाव रहा? आपसे कभी कोई गलती हुई?

जवाब- पिता जी के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ उन्होंने हमें अच्छे संस्कार दिए हैं। हम जो अंदर से हैं वही बाहर से हैं। गलतियां उनसे होती है जो अंदर से कुछ और होते हैं और बाहर कुछ और दिखाने की कोशिश करते हैं। हां यह जरूर है कि आप किसी नेता और नेता के परिवार से हैं तो इसका एहसास हर मिनट जरूर होना चाहिए कि दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है। जीवन के अगले क्षण का कोई भरोसा नहीं है और राजनीति में खासकर जब आप आते हैं तो यह सोचकर नहीं आते की दुनिया मेरी है और मैं ही सर्वोपरि हूं। राजनीति और लोकतंत्र में व्यक्ति विशेष मायने नहीं रखता। विचार मायने रखते हैं। यही सीख मुझे मिली कि आपका परिवार बड़ा नहीं है आप बड़े नहीं हैं। आपके संस्कार और विचार बड़े हैं। यह भगवान का आशीर्वाद है कि आज मेरे संस्कारों में अहंकार की झलक नहीं है।

सवाल- पिता, मुख्यमंत्री थे अभी बदलाव हुआ तो आपको मानसिक रूप से कोई कष्ट हुआ?

जवाब- अगर इमोशंस की बात करें, तो मुझे बहुत गर्व हुआ था। आप खुद सोचिए मैं मानसिक रूप से एक क्षण के लिए भी उदास क्यों रहूं? बड़े सौभाग्य और सम्मान की बात है कि बीजेपी ने 18 साल तक एक छोटे से सामान्य से गांव के लड़के को जिनके परिवार में इससे पहले कोई नेता नहीं था उनको मध्य प्रदेश का चार बार मुख्यमंत्री बनाया। देने के लिए अगर कुछ है तो सद्भाव और अच्छे विचार ही है। पार्टी ने उन्हें बहुत सम्मान दिया है जितना हम सोच भी नहीं सकते थे। हम लोग दुनिया में बहुत कम समय के लिए आए हैं तो उदास होकर क्यों जीना। नए सफर की ओर पूर्व मुख्यमंत्री बढ़ चुके हैं और हम इस सफर में उनके साथ हैं।

सवाल- आप भी राजनीति में लगातार कोशिश कर रहे हैं, क्या जिस सीट पर आप काम कर रहे हैं वो खाली होने वाली है, बुधनी से चुनाव लड़ेंगे?

जवाब- यह बात अक्सर लोगों को लगती है क्योंकि, बड़े नेता का बेटा हूं और पॉलिटिकल फैमिली से आता हूं। लेकिन, मैंने कभी भी सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा कि मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा है। हमारे यहां बुधनी में ऐसे कई कार्यकर्ता हैं जिन्होंने मेरे पिता के साथ खून पसीना बहाया है। उनका हक यहां पहले बनता है। जहां तक सवाल मेरा है, तो मैंने अब तक मेरे पिता के लिए काम किया है, क्योंकि उनके इरादे प्रदेश के लिए अच्छे थे। जब वे इतनी मेहनत कर सकते हैं तो मेरा भी फर्ज बनता है कि मैं उनका सहयोग करूं। भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और अटल जी के भाषणों को सुनकर मैंने यह फैसला किया कि जुडूंगा और काम करूंगा तो इस विचारधारा में। मैं यह नहीं कहता कि मैं राजनीति में ही आऊंगा लेकिन जीवन में किसी भी पथ पर चलूं, मैं इस विचारधारा का साथ कभी नहीं छोडूंगा।

सवाल- अपने अपने करियर को लेकर कुछ सोचा है?
जवाब- मैं पेशे से वकील हूं और मेरा खुद का एक बिजनेस भी है। साथ ही एक डेयरी कलेक्शन का काम भी है। मैं बताना चाहूंगा कि मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने इस छोटे से बिजनेस और FPOs के माध्यम से 5000 से ज्यादा किसान परिवारों को जोड़ा है। यह सही है कि राजनीति लोगों के जीवन में डिफरेंस क्रिएट कर सकती है और सबसे बड़ा माध्यम है। लेकिन इसके अलावा भी और कई माध्यम हैं जो आपको लोगों से जोड़ कर रखती है। मेरा वकालत में करियर अब तक बहुत संक्षिप्त रहा है। उसके बाद व्यापार में रहा। व्यापार के माध्यम से मैं 5000 लोगों से जुड़ा और लखपति बहनों का सपना मेरे पिताजी ने देखा था,उसे सपने को पूरा मैं करूंगा।

सवाल- आपकी टीम जो शिवराज सिंह के लिए काम करती है उस टीम में कितने लोग हैं?

जवाब- मेरी टीम में वह हर व्यक्ति है जो राष्ट्रवाद में विश्वास रखता है। जो प्रोग्रेसिव हिंदुत्व में विश्वास रखता है। मेरी टीम में वह हर व्यक्ति है जो पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की राह पर अग्रसर करने की सोच रखता है। जो मेरी टीम में आना चाहे उसका स्वागत है। कुछ कार्यकर्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने मेरा इतना साथ दिया जिनके लिए मैं जीवन भर भी काम करूं तो कम होगा। इन लोगों ने नि:स्वार्थ होकर पार्टी के लिए और पिताजी के लिए काम किया है। यह लोग मेरे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और अमूल्य है।

सवाल- आपने जनवरी में भैरूंदा में पब्लिक से कहा था कि आपके वादों को पूरा करने के लिए मैं सरकार से भी लड़ जाऊंगा?
जवाब- इसमें गलत क्या है? कई काम आपके निचले स्तर पर होते हैं। अधिकारियों से आपको करवाने पड़ते हैं। अधिकारियों को एक्टिव करना पड़ता है। अगर 45 डिग्री टेंप्रेचर में आप कहीं नलका लगाने जा रहे हैं तो यह लड़ाई नहीं तो और क्या है? लड़ाई संघर्ष को भी कहते हैं। लड़ाई का मतलब ये नहीं हैं कि मारपीट करना, लड़ाई का मतलब हैं अपने शरीर को गलाना। दूसरे के जीवन में सुख लाना। यह लड़ाई तो सरकार है तब भी रहेगी और सरकार नहीं रहेगी तब भी रहेगी। यह लड़ाई हम करते रहेंगे और जो बेहतर होगा उसके लिए काम करता रहूंगा और लड़ता रहूंगा।

सवाल- राजनीति में बड़ा मुद्दा है नेता पुत्र… आपकी नजर में नेता पुत्र की परिभाषा क्या है?

जवाब- दो प्रकार के नेता पुत्र होते हैं। पहले वह जिनको राजनीतिक अनुभव नहीं हैं। हमारे आदरणीय शहजादे उन्होंने भारत की गलियां नहीं देखीं। भारत के खेत नहीं देखे। निचले स्तर पर जाकर लोगों का जीवन कैसा होता है यह नहीं देखा। लोगों की क्या समस्या है उसके बारे में पता नहीं है। लेकिन, सीधा आप किसी प्रभावशाली नेता के बेटे थे। इसलिए आपको मंच मिल गया और आपने भाषण देना शुरू कर दिया। ऐसी राजनीति नहीं होना चाहिए इसका मैं खंडन करता हूं।

नेता पुत्र जो भी होते हैं वे खुद यह बात डिसाइड करके नहीं आते हैं कि वे किसी नेता के घर में जन्म लेंगे यह फैसला उनके हाथ में नहीं रहता। लेकिन, हर व्यक्ति कुछ ना कुछ अच्छा करना चाहता है। अगर अच्छे इरादे हैं तो रोकना किसी को भी नहीं चाहिए। जितना अधिकार एक आम व्यक्ति का है एक जमीन से जुड़े कार्यकर्ता का है। वह सपना एक अच्छे घर का व्यक्ति भी देख सकता है। इसमें कोई बुराई नहीं है।

मैं बचपन से अपने पिताजी को देखता हूं। डॉक्टर का बेटा अपने पिता को देखेगा तो वह प्रभावित होगा। वकील का बेटा अपने पिता को कोर्ट रूम में बहस करते हुए देखेगा तो प्रभावित होगा। इसी प्रकार से मैंने अपने पिता को देखा और उनसे प्रेरणा ली। हमें बचपन से यही माहौल मिला इसी का प्रभाव हम पर पड़ा है। पिता के पावर का गलत इस्तेमाल करना भारत की राजनीति में नहीं होना चाहिए। जन्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। व्यक्ति की कैपेसिटी और कैपेबिलिटी के तौर पर उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 August 2026
 भोपाल, कांग्रेस अपने जमीनी संगठन को दुरुस्त कर राज्यों के साथ दिल्ली में वापसी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस का कमजोर बूथ मैनेजमेंट और निचले स्तर पर संगठन न होना…
 14 August 2026
भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भोपाल में 14 अगस्त को भारत की विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की संस्था ‘कर्मश्री’ के…
 14 August 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चल रही सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए वीडियो स्क्रीन पर रोबोट की तस्वीर लगाने…
 14 August 2026
 भोपाल । प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग सरपंच और पंच के चुनाव भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से…
 14 August 2026
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध…
 14 August 2026
भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में पसरे अतिक्रमणों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अमले ने लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई…
 14 August 2026
भोपाल। केंद्रीय जेल भोपाल का एक बंदी गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल से हथकड़ी निकालकर फरार हो गया। जेल प्रहरी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल की दीवार फांदते…
 14 August 2026
भोपाल। पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित तोतलादोह जलाशय में कथित अवैध मछली शिकार और संगठित कारोबार की शिकायत को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय…
 14 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बहुमंजिला इमारतों (हाईराइज बिल्डिंग्स) के निर्माण की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। राज्य सरकार वर्ष 2012 के लगभग 14 साल पुराने भूमि विकास…
Advt.