
मनोज यादव ने कहा कि छतरपुर जिले के कोंडा गांव में फायरिंग और मारपीट के आरोपी शालिगराम गर्ग को पुलिस निजी इनोवा कार से जेल ले गई। उनका आरोप है कि शालिगराम गर्ग का क्षेत्र में आतंक है और बागेश्वर धाम से जुड़ी कई जमीनें और संपत्तियां उनके नाम पर हैं।
मनोज यादव ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने भाई के नाम पर जमीन और संपत्तियां खरीदी हैं। इन संपत्तियों और धन के स्रोत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शालिगराम गर्ग लोगों को डरा-धमकाता है। खुलेआम गोली चलाता है और पिस्टल लेकर घूमता है।
धीरेंद्र शास्त्री को भी जांच में शामिल करने की मांग
मनोज यादव ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कि पिछले दो साल से उनका अपने भाई से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच के दायरे में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी आरोपी बनाया जाए। मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को पहचान, प्रभाव या रसूख के आधार पर विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए।
मनोज यादव ने कमलनाथ और नरोत्तम मिश्रा को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनोज यादव ने कहा कि कमलनाथ, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, पीसी शर्मा, लखन पटेल, तरुण भनोट और अजय टंडन समय-समय पर धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद लेते रहे हैं। आज उन नेताओं की राजनीतिक स्थिति सबके सामने है।
शालिगराम ने अपने साथियों के साथ मारी थी गोली
दरअसल, छतरपुर पुलिस ने शालिगराम समेत 4 लोगों पर जमीन विवाद में मोतीलाल कुशवाहा नाम के युवक को गोली मारने का आरोप में गिरफ्तार किया है। शालिगराम और अंकित मिश्रा को बुधवार शाम को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। दो आरोपी अब भी फरार हैं। घायल मोतीलाल कुशवाहा राजनगर थाना इलाके के कोड़ा गांव का रहने वाला है।
मोतीलाल ने पुलिस को बताया था- शालिगराम गर्ग मेरी जमीन छीनना चाहते हैं। वे सतीश सिंह घोष, तुलसी मिश्रा, अंकित मिश्रा, आशीष और दूसरे साथियों के साथ मंगलवार सुबह मेरे घर पहुंचे। मुझे घर से बाहर खींच लाए। सभी ने लाठी-डंडों से हमला किया। इसके बाद शालिगराम ने तीन-चार राउंड फायर किया। एक गोली मेरे सीने में लगी।
वकील ने आरोप लगाते हुए जारी किया था वीडियो
बुधवार सुबह स्थानीय वकील बृज किशोर पांडे ने फेसबुक पोस्ट और वीडियो जारी किया था। उन्होंने वीडियो में शालिगराम से जमीन विवाद होने की बात कही थी। दावा किया कि इसकी सूचना पहले ही राजनगर थाना प्रभारी को देकर घटना की आशंका जताई थी।
जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे थे आरोपी
पांडे ने कहा- खसरा नंबर 683 की जमीन मेरे पिता आशाराम पांडेय के नाम दर्ज है। 17 जून 2026 को बुवाई के लिए ट्रैक्टर से जुताई कराई गई थी। इसके बाद शालिगराम गर्ग, उनके भाई लोकेश गर्ग, अखिलेश गर्ग और अन्य लोग जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे।
उन्होंने रात में ट्रैक्टर से मिट्टी डालकर गड्ढे और टीले बनाए। जबरन बाउंड्री बनाना शुरू कर दिया। मामले में 14 अप्रैल 2026 को लिखित शिकायत और ऑनलाइन ई-एफआईआर नंबर 921318048260004 की गई थी, लेकिन पुलिस ने FIT दर्ज नहीं की थी।
इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि जमीन पर कब्जा करके रहेंगे। प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पांडे ने आशंका जताई है कि यदि उनके या परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
एडवोकेट पांडे बोले- जबरन जमीन हड़पना चाह रहे
एडवोकेट बृज किशोर पांडे ने बताया कि उनका गांव कोड़ा, धीरेंद्र शास्त्री के गांव गढ़ा से करीब 3 किलोमीटर दूर है। बागेश्वर धाम की 'बागेश्वर जन सेवा समिति' की गौशाला के पीछे उनके परिवार के पांच सदस्यों- आशाराम पांडे, शोभाराम पांडे, ममता पांडे, टीकाराम पांडे और रामबहादुर पांडे के नाम करीब 15 एकड़ जमीन दर्ज है।
पांडे का कहना है कि उन्हें कई बार बागेश्वर धाम बुलाकर जमीन बेचने के लिए कहा गया, लेकिन परिवार ने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उनका यह भी दावा है कि कोड़ा गांव में गौशाला, कैंसर अस्पताल और अन्य निर्माण कार्यों के चलते आसपास की जमीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है।