सुदान गुरुंग: एक भूकंप ने तैयार किया नेपाल के Gen-Z आंदोलन का सबसे बड़ा नेता, 4 बार के PM को छोड़नी पड़ी गद्दी, जानें

Updated on 10-09-2025 05:31 PM
काठमांडू: भारत के पड़ोसी नेपाल में जेनरेशन जेड (Gen-Z) के आंदोलन ने पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया। जेन-जी के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के आगे चार बार के प्रधानमंत्री और अनुभवी राजनेता केपी शर्मा ओली को घुटने टेकने पड़े। उन्हें इस्तीफा देकर अज्ञात जगह पर भागना पड़ा। नेपाल में सरकार को उखाड़ फेंकने वाली जेनरेशन-जेड हैशटैग या मीम्स में पैदा नहीं हुई थी। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले इस आंद
गुरुंग ने उस समय कहा था कि 'एक बच्चा मेरी बाहों में मर गया। मैं उस पल को कभी नहीं भूलूंगा।' उसी बेबसी में हामी नेपाल का जन्म हुआ, जो एक स्वयंसेवी समूह था। इसकी शुरुआत दान में मिले चावल के बोरों से हुई थी। एक दशक बाद इसी समूह से जनरेशन-जेड ने अपनी पहचान बनाई है। भूकंप से पहले गुरुंग ने क्लब, डीजे-सेट और शो के जरिए अपनी आजीविका चला रहे थे।
लन की जड़ें एक आपदा से जुड़ी हैं। वो आपदा 2015 का भूकंप थी, जिसने नेपाल को झकझोर दिया था।

नेपाली Gen-Z का ताकतवर चेहरा

इस भूकंप ने एक ऐसे शख्स को गढ़ा को जो 10 साल बाद जेनरेशन-जेड के सबसे ताकतवर लोगों में से एक बना। इस शख्स का नाम सुदान गुरुंग है। साल 2015 में जब यह हिमालयी देश ढहते घरों और बिखरी हुई जिंदगियों से जूझ रहा था, तब सुदान गुरुंग ने ऐसी भूमिका निभाई जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। उस समय गुरुंग थमेल के पार्टी सर्किट का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। भूकंप ने गुरुंग को बदल दिया।

नाइटलाइफ से निकलकर बने चेहरा

नेपाल के रॉक बैंड अभया द स्टीम इंजंस की लीड गायक-गीतकार और संगीतकार अभया सुब्बा ने TOI को बताया कि 'नाइटलाइफ ने उन्हें (गुरुंग) दर्शकों को पढ़ने का तरीका सिखाया। अब वह इसका इस्तेमाल स्वयंसेवकों को एकजुट करने में लगाते हैं। विनाशकारी भूकंप के ठीक बाद गुरुंग ने ऑनलाइन मदद की अपील की थी। लगभग 200 स्वयंसेवक जुटे थे। उन्होंने गांवों में चावल पहुंचाए, स्कूल के प्रांगणों में तंबू गाड़े, घायलों को उधार की मोटरसाइकिलों पर पहुंचाया। वह अचानक बना नेटवर्क हामी नेपाल (हम नेपाल) बन गया।
साल 2020 तक यह 1600 से अधिक सदस्यों के साथ एक गैर सरकारी संगठन के रूप में पंजीकृत हो गया था। हामी नेपाल के मार्गदर्शकों में से एक डॉ संदुक रुइत ने हामी नेपाल को एक जमीनी नेता के लिए असामान्य रूप से अनुशासित संगठन बताया। उन्होंने कहा, बयानबाजी के बजाय गुरुंग का रसद पर ध्यान केंद्रित करना युवाओं को उन पर भरोसा दिलाता है।

विरोध प्रदर्शन में कैसे डाली जान

देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने गुरुंग की इस विरासत को राजनीतिक रूप से दिया। जब सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया तो नेपाल के छात्रों को यह उनके जीवन मिटाने से कम नहीं लगा। सुदान गुरुंग ने स्कूल ड्रेस में हाथों में किताबें लेकर इकठ्ठा होने का आह्वान किया। यूनिफॉर्म और स्कूली किताबों के साथ एक और तरह का प्रतीक भी था। प्रदर्शनकारियों ने जापानी एनीमे वन पीस का स्ट्रॉ हैड जॉली रोजर झंडा उठाया और उसे अपनी किताबों के पास ऊंचा उठाए रखा। यह एक सांस्कृतिक कोड था, जिसने उनके साथ तुरंत समझ जाते थे।

अलग पहचान के साथ भीड़ से हटकर खड़ा युवा

आज गुरुंग एक अलग जगह पर खड़े हैं। वे भीड़ में एक टीनएजर नहीं हैं, लेकिन अभी तक राजनीतिक प्रतिष्ठान के समझौतों के बोझ तले भी दबे नहीं हैं। वह राजशाही, उग्रवाद को याद करते हैं और उन लोगों को बेचैनी को भी दिखाते हैं, जो दोनों के बाद पैदा हुए हैं। उनके इंस्टाग्राम पोस्ट सीधे हैं- 'हम अपनी मुठ्ठियां उठाएंगे। हम एकता की शक्ति दिखाएंगे। चुप मत रहो। घर पर मत रहो।' हामी नेपाल, नेपाली जेनरेशन-जेड को दिशा दे रहा है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.