सुधा मूर्ति के किरदार अब देख सकेंगे बच्चे
Sudha Murty शो के प्रोमो वीडियो में कह रही हैं, 'ये सभी कैरेक्टर्स जो मैंने आपके लिए लिखे हैं, वे मेरे दिमाग में आते हैं, वे मुझसे बात करते हैं। उनमें से कुछ शरारती हैं, कुछ बहुत बहादुर हैं और कुछ डरे हुए हैं। मैंने उनकी कंपनी को इंजॉय किया, आपने नहीं क्योंकि वे एनिमेटेड नहीं हैं। मैं उन्हें जीवंत करके आपको दिखाना चाहती हूं कि वे किस रंग की पोशाक पहनते हैं, वे कितने शरारती हैं, वे कितने बहादुर हैं।'
सुधा की किताब पर बना है टीवी सीरियल
सुधा मूर्ति को कन्नड़ और अंग्रेजी साहित्य में उनके योगदान के लिए भी जाना जाता है। उनका 'डॉलर बहू' नॉवेल कन्नड़ भाषा में लिखा गया था और बाद में इसे इंग्लिश में भी ट्रांसलेट किया गया था। इसे साल 2001 में टीवी सीरियल के रूप में दिखाया गया। सुधा मूर्तो को साहित्य के लिए आरके नारायण अवॉर्ड और साल 2006 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
सुधा मूर्ति ने लिखी हैं ये किताबें
सुधा मूर्ति ने तमाम किताबें लिखी हैं। 'द ओल्ड मैन एंड हिज गॉड' (2006), 'जेंटली फॉल्स द बकुला' (2008), 'द बर्ड विद गोल्डन विंग्स' (2009), 'द डे आई स्टॉप्ड ड्रिंकिंग मिल्क' (2012), 'ग्रैंडमाज़ बैग ऑफ कहानियां' (2012), 'हाउस ऑफ कार्ड्स' (2013), 'द मैजिक ड्रम एंड अदर फेवरेट स्टोरीज' (2013), 'द मदर आई नेवर न्यू' (2014), 'समथिंग हैपन्ड ऑन द वे टू हेवन्स' (2014), 'द मैजिक ऑफ द लॉस्ट टेम्पल' ( 2015), 'द सर्पेंट्स रिवेंज' (2016), 'थ्री थाउजेंड स्टिचेज' (2017), 'द मैन फ्रॉम द एग' (2017), 'हियर, देयर, एवरीव्हेयर' (2018), 'द अपसाइड डाउन किंग' (2018), 'हाउ द सी बिकेम साल्टी' (2019) ), 'द डॉटर फ्रॉम ए विशिंग ट्री' (2019), 'ग्रैंडपेरेंट्स बैग ऑफ़ स्टोरीज़' (2020)।